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Lockdown के कारण दीवारों में दब रही हैं घरेलू हिंसा के खिलाफ उठने वाली आवाज़ें!

News18Hindi
Updated: April 4, 2020, 1:54 PM IST
Lockdown के कारण दीवारों में दब रही हैं घरेलू हिंसा के खिलाफ उठने वाली आवाज़ें!
भारत के 21 दिन लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के सबसे ज्यादा मामले यूपी, दिल्ली और पंजाब से मिले हैं.

लॉकडाउन से पहले हमें एक सप्ताह में 10 से 15 फोन कॉल आते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद हमें सप्ताह में सिर्फ 4 कॉल ही आ रहे हैं.

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कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के कारण पूरा भारत लॉकडाउन है. लॉकडाउन के बीच भारत में घेरलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. भारत के 21 दिन लॉकडाउन में घरेलू हिंसा के सबसे ज्यादा मामले यूपी, दिल्ली और पंजाब से मिले हैं. महामारी के इस बुरे वक्त में महिलाओं को घर में खांसने, छींकने, खाना बनाने यहां तक कि नियमित तौर पर सोने पर भी पाबंदी लगाई जा रही है.

फोन कॉल्स की संख्या हुई कम

इंटरनेशनल फाउंडेशन फ़ॉर क्राइम प्रिवेंशन एंड विक्टिम केयर (PCVC) में साइकोसोशल प्रोग्राम्स की हेड स्वेता शंकर ने कहा, लॉकडाउन से पहले हमें एक सप्ताह में 10 से 15 फोन कॉल आते थे, लेकिन लॉकडाउन के बाद हमें सप्ताह में सिर्फ 4 कॉल ही आ रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि हिंसा करने वाले लोग घर पर ही बैठे हुए हैं और महिलाओं के पास फोन करने के साधन उपलब्ध नहीं हैं.



कई चिंता लेकर आया है कोरोना वायरस




लिंग समानता के लिए काम करने वाली चेन्नई स्थित गैर-लाभकारी संस्था प्रज्ञा ट्रस्ट की पॉलिटिकल साइंटिस्ट और प्रज्ञा ट्रस्ट के संस्थापक और निदेशक स्वर्ण राजगोपालन ने कहा, 'जब बाहर तनाव बढ़ता है, तो घर पर महिलाओं और बच्चों पर हिंसा बढ़ जाती है.' उन्होंने कहा, भारतीय घरों में पहले से ही बहुत अधिक लिंगवाद और गैसलाइटिंग है. इन घरों को हिंसक रूप देने में बहुत अधिक समय नहीं लगता है. उन्होंने कहा कि शोधकर्ता का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी आर्थिक अनिश्चितता अपने साथ लाई है, जिसके कारण घरों में हिंसा बढ़ सकती है.

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First published: April 4, 2020, 12:50 PM IST
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