1947 के बंटवारे में बिछड़े थे भाई-बहन, 71 साल बाद ऐसे मिले

1947 के बंटवारे में बिछड़े थे भाई-बहन, 71 साल बाद ऐसे मिले
अपनी बहनों के साथ बेअंत सिंह

ऐसे बहुत ही कम खुशनसीब होते हैं जिनकी किस्मत में अपने अजीज लोगों से मिलना लिखा होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2018, 10:25 AM IST
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भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुए 71 साल बीत चुके हैं लेकिन लोगों के दिलों में आज भी बंटवारे का दर्द एकदम ताजा है. सियासत ने भले ही मुल्कों का बंटवारा कर दिया हो लेकिन सीमा के उस पार कई ऐसे दिल भी हैं जो आज भी अपनों के लिए धड़कते हैं और उनसे मिलने के लिए बेताब रहते हैं. बंटवारे का समय याद कर कुछ आंखें अभी भी नम हो जाया करती है.

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चिट्ठी और फोन के जरिए ही लोग अपनों का हाल-चाल जान पाते हैं. ऐसे बहुत ही कम खुशनसीब होते हैं जिनकी किस्मत में अपने अजीज लोगों से मिलना लिखा होता है. ऐसे ही खुशनसीबों में से एक हैं- बेअंत सिंह और पाकिस्तान में रहने वाली उनकी बहनें मिराज बीबी और उल्फत बीबी. आजकल सोशल मीडिया पर भाई-बहन के अचानक मिलने की दास्तान छाई हुई है. आइए जानते हैं कि कैसे मिले भारत के बेअंत सिंह पकिस्तान में बस कर इस्लाम क़ुबूल कर चुकी अपनी बहनों से:



ऐसे हुई मुलाक़ात:
गुरुनानक जयंती 23 नवम्बर को हर साल भारत से सिखों का एक जत्था पाकिस्तान के मशहूर गुरुद्वारे ननकाना साहब में मत्था टेकने के लिए रवाना होता है. इस साल भी ऐसा ही हुआ, इस जत्थे में बेअंत सिंह भी थे. बेअंत सिंह जब गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचे तो किस्मत से 1947 में भारत-पाक बंटवारे के समय जुदा हुई उनकी बहनें उनसे मिल गईं. बेअंत सिंह और उनकी बहनों ने एक दूसरे को देखते ही पहचान लिया. इसके बाद तो दोनों भाई-बहनों की आंखों में ख़ुशी के आंसू छलक आए.

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कई साल बाद जब भाई-बहन मिले तो शुरू हुआ बातों का सिलसिला:
बेअंत सिंह की बहनों ने बताया कि बंटवारे के बाद उन्होंने इस्लाम क़ुबूल कर लिया था बाद में उनकी मां भी पाकिस्तान चली गई थीं. लेकिन बेअंत सिंह ने अपना मजहब नहीं बदला. घरवालों से केवल फोन या खतों के जरिए ही गुफ्तगू और हालचाल लेने का सिलसिला जारी रहा.

गुरुदासपुर के पारचा गांव में था घर:
बंटवारे से पहले बेअंत सिंह अपने परिवार के साथ पंजाब के गुरुदासपुर डिस्ट्रिक्ट के पारचा गांव में रहते थे. लेकिन बंटवारे के वक्त अपने परिवार से जुदा हो गए थे. बस तभी से केवल फोन या खतों के जरिए हाल-चाल लेने का सिलसिला जारी था लेकिन मुलाक़ात नहीं हो पा रही थी.

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बहन ने PM से की बेअंत सिंह का वीजा बढ़ाने की मांग:
भाई से मिलने के बाद उल्फत बीबी अब उनके परिवार यानी कि अपनी भाभी और भतीजों से भी मिलने के लिए बेताब हैं इसलिए उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बेअंत सिंह के वीजा की अवधि बढ़ाने की मांग की है.
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