मसाला चाय में देसी गुड़ का 'तड़का', तो क्या उठ रही है आपके मन में भी 'चाह'

कुल्हड़ वाली मसाला चाय का स्‍वाद ही अलग है.

कुल्हड़ वाली मसाला चाय का स्‍वाद ही अलग है.

मसाला चाय (Masala Tea) पूरी तरह से भारत का ही प्रोडक्ट है. लोग अपने हिसाब से इसमें भारतीय मसालों का उपयोग करते हैं. इसे पीने में स्वाद भी है और देसीपन का एहसास भी.

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  • Last Updated: January 30, 2021, 8:03 AM IST
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(विवेक कुमार पांडेय)

कोरोना काल (Corona Era) ने सबसे ज्यादा जिस चीज की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षिक किया है वह है इम्यूनिटी. इसके लिए सही दिनचर्या के साथ उचित खाना-पीना सबसे ज्यादा जरूरी है. यही कारण है कि लोग अपने स्टेपल फूड की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. देसी खानों का जिक्र किचन में बढ़ गया है. इसके साथ ही अगर कोई सर्वे हो तो उसमें 'काढ़ा' भारत का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला पेय पदार्थ बन कर निकलेगा, लेकिन सब काढ़े को पसंद नहीं करते तो उनके लिए 'मसाला चाय' (Masala Tea) एक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी है. चाय तो हर घर में बहुत बनती है, लेकिन इसने भी अब अपना स्वरूप बदल दिया है.

मसाला चाय पूरी तरह से भारत का ही प्रोडक्ट है. लोग अपने हिसाब से इसमें भारतीय मसालों का उपयोग करते हैं. दूध, पानी, चायपत्ती के साथ इसमें अदरख, काली मिर्च, लौंग और इलायची संग दालचीनी का मिश्रण डाला जा रहा है. एक तरह से यह काढ़े का ही 'टेस्टी' वर्जन बन गया है. ऐसे में बाजार भी इस अवसर को लुभाने लगा है. कुल्हड़ वाली मसाला चाय के बारे में तो सब जानते हैं लेकिन यदि इसमें उपर लिखे मसाले पड़े हों और साथ में मिठास के लिए चीनी की जगह गुड़ पड़ा हो तो क्या कहने. जी हां! अब कुल्हड़ वाली मसाला चाय गुड़ (jaggery) के साथ मिल रही है और यह नया ट्रेंड है.

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इसे पीने में स्वाद भी है और देसीपन का एहसास भी. इसके साथ ही स्वास्थ्य के हिसाब से भी यह बेहतर विकल्प है. आप पड़ोस वाली राशन दुकान पर भी देख सकते हैं कि गुड़ के भूरे की मांग पिछले दिनों में काफी बढ़ गई है. नोएडा से लेकर दिल्ली तक और गुड़ वाली मसाला चाय कुल्हड़ में परोसी जा रही है.

नोएडा वेस्ट के रहने वाले सिद्धार्थ सोनी का कहना है कि पिछले करीब छह माह से वे मसाला चाय ही पी रहे हैं. काढ़ा उन्हें पसंद नहीं तो उन्होंने सामान्य चाय में ही मसाले डाल कर पीना शुरू कर दिया. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनकी नजर एक दिन गुड़ वाले टी-स्टाल पर पड़ी. तबसे उन्होंने चीनी भी छोड़ दी.

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तो यह खबर पढ़ने के बाद यदि आपको भी कोई टी-स्टॉल गुड़ वाली दिखे तो एक बार चुस्की लेकर जरुर आईए. यह चाय स्वाद के साथ स्वास्थ्य का भी ख्याल रखती है. वैसे भी गुड़ तो गुणों से भरा ही हुआ है अब आपको चाय पीने से भी कोई नहीं रोक सकता...
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