इस देश में पेड़ के तने में दफनाते हैं मरे हुए बच्चों के शव

इस रिवाज के पीछे यहां के स्थानीय लोगों की ये मान्यता है कि पेड़ के तने में शव दफन करने से बच्चा प्रकृति की गोद में ही हमेशा के लिए समा जाएगा.

News18Hindi
Updated: June 3, 2019, 10:41 AM IST
इस देश में पेड़ के तने में दफनाते हैं मरे हुए बच्चों के शव
इस देश में पेड़ के तने में दफनाते हैं मरे हुए बच्चों के शव
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Updated: June 3, 2019, 10:41 AM IST
जीवन और मृत्यु मानव जीवन का एक शाश्वत सत्य है. जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है फिर चाहे वो पशु, पक्षी या इंसान ही क्यों न हो. मान्यता है कि केवल आत्मा ही अजर अमर है जिसे खत्म कर पाना असंभव है. मृत्यु के बाद शव को लेकर अलग धर्मों के अलग अलग रिवाज हैं. कोई शव को दफनाता है, कोई बहता है और कोई चिता में जलाता है. लेकिन इंडोनेशिया में शव के क्रियाकर्म और कर्मकांड को लेकर एक विचित्र रिवाज प्रचलित है. आइए जानते हैं इसके बारे में..

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इंडोनेशिया के ताना तरोजा इलाके में छोटे बच्चों के शव को पेड़ के ताने में दफ़नाने का रिवाज है. इस रिवाज को मानेन कहा जाता है. इसके तहत जिन बच्चों की मौत बहुत जल्दी हो जाती है (दुधमुंहे बच्चे) उन्हें यहां के लोग पेड़ के तने में छेद करके दफ़न कर देते हैं. दफ़न करने से पहले बच्चे के शव को एक कपड़े में लपेटा जाता है. इसके बाद पेड़ में बनाए गए छेद में बच्चे के शव को रखकर सील कर दिया जाता है.

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इस रिवाज के पीछे यहां के स्थानीय लोगों की ये मान्यता है कि पेड़ के तने में शव दफन करने से बच्चा प्रकृति की गोद में ही हमेशा के लिए समा जाएगा. हालांकि इसे लेकर एक अन्य मत भी है. कुछ लोगों का ये भी मानना है कि इस तरह से मासूम बच्चों का क्रियाकर्म करने के बाद वो जीवित रूप में तो उनके साथ नहीं होते लेकिन पेड़ के रूप में बच्चा उसके आसपास रहता है और प्रकृति के माध्यम से उनसे जुड़ा रहता है. हालांकि इस तरह से बच्चों के शव प्रकृति के साथ मिलने यानी कि डीकंपोज होने में सालों का लंबा समय लगता है लेकिन लोगों का विश्वास है कि आखिरकार प्रकृति उन बच्चों को अपनी गोद में जगह जरूर देती है.

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First published: June 3, 2019, 10:41 AM IST
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