Women's Day 2021: फ़ौज में भी महिलाएं दिखा रहीं हुनर, बढ़ रही है वीमेंस पॉवर

फ़ौज में भी बढ़ रही है वीमेंस पॉवर

फ़ौज में भी बढ़ रही है वीमेंस पॉवर

International Women's Day 2021: हर क्षेत्र की तरह फ़ौज में भी वीमेन्स पॉवर (Women's power) बढ़ती जा रही है. कमांडो (Commando) जैसे कठिन कार्यों के लिए भी महिलाएं आगे कदम बढ़ाती जा रही हैं. इसी क्रम में उत्तराखंड पुलिस (Police) में 22 महिला कमांडो को जगह दी गयी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 8, 2021, 11:58 AM IST
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International Women's Day 2021: हर एक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर, आगे बढ़ रही महिलाओं ने, फ़ौज की भर्ती में अपनी दिलचस्पी (Interest) को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है. यही वजह है, कि दिनों-दिन उनकी भर्तियां उन कमांडो (Commando) के तौर पर भी बढ़ती जा रही हैं, जिनके लिए ये कहा जाता रहा है कि, ये काम बेहद मुश्किल (Difficult) भरा है और महिलाओं के बस का नहीं है.

22 महिला कमांडो ने बनाई उत्तराखंड पुलिस में जगह

डिजिटल विडियो पब्लिशर ब्रूट इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार इसी क्रम में 22 महिलाओं के एक दस्ते ने कुछ कदम और आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड पुलिस के महिला कमांडो दस्ते में जगह बनाई है. इनको आतंकवादी रोधी दस्ते (एटीएस) गुलदार में शामिल किया गया है.





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कमांडो दस्ता शामिल करने में उत्तराखंड बना देश का चौथा राज्य

उत्तराखंड देश का चौथा ऐसा राज्य बन गया, जिसमें महिला कमांडो दस्ता शामिल किया गया है.इससे पहले केरल, नागालैंड और पश्चिम बंगाल में महिला कमांडो दस्ते पुलिस में शामिल किए जा चुके हैं. यानि देश में कुल चार राज्य ही ऐसे हैं, जहां महिला कमांडो दस्ते पुलिस में शामिल किये गए हैं. इन महिला कमांडो दस्ते को हरिद्वार में आयोजित कुम्भ मेले में पहली तैनाती दी जाएगी.

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महिला कमांडो को दी गयी कड़ी ट्रेनिंग

इन महिला कमांडो को पहले दो महीने की, इसके बाद 14 दिन की, कड़ी ट्रेनिंग देहरादून पुलिस के द्वारा दी गयी. इस दौरान उनको शारीरिक दक्षता, यूएसी, रॉक-क्लाइंबिंग, शस्त्र प्रशिक्षण, फायरिंग, बम डिस्पोजल, प्राथमिक चिकित्सा, संचार, वीआईपी सुरक्षा, आतंकवाद, काउंटर टेररिज्म अभिसूचना, नेविगेशन/मैप और रीडिंग की ट्रेनिंग दी गयी. जिसके बाद इस महिला कमांडो दस्ते को एटीसी का हिस्सा बनाया गया.

34 महिला कमांडो ने भी बढ़ाया कोबरा यूनिट की ओर कदम

इससे चंद दिन पहले, इसी वर्ष, 34 महिला कमांडोज़ कोबरा यूनिट की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं. इन महिला कमांडो की पहली टुकड़ी को, देश में जंगल युद्ध में माहिर माने जाने वाले, कोबरा यूनिट में शामिल किया गया. इन महिला कमांडो को नक्सल रोधी अभियानों में तैनात करने के लिए यूनिट में शामिल किया गया. जाबांज महिला कमांडो का ये दस्ता सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा जैसे नक्सली गढ़ों में नक्सलियों से लोहा लेगा. सीआरपीएफ में कमांडो बटालियन 'कोबरा' का गठन 2009 में हुआ था लेकिन इसमें अब तक पुरुषकर्मी ही सेवा देते रहे थे. कोबरा बटालियन के ज्यादातर कमांडो माओवादी हिंसा से प्रभावित विभिन्न राज्यों में तैनात हैं. तो वहीं कुछ कमांडो उग्रवाद रोधी अभियानों के लिए पूर्वोत्तर राज्यों में तैनात हैं.
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