International Women's Day 2021: इस वीमेंस डे पर लें अंगदान का संकल्प

किसी भी जाति और लिंग का व्यक्ति (महिला या पुरुष) जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, वह अपनी मर्ज़ी से अंगदान कर सकता है.

किसी भी जाति और लिंग का व्यक्ति (महिला या पुरुष) जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, वह अपनी मर्ज़ी से अंगदान कर सकता है.

International Women's Day 2021: समाज में बहुत कम लोग ही ऐसे हैं, जो अंगदान (Organ donation) के बारे में सोचते हैं, और जो सोचते भी हैं, उनमें भी ज्यादातर लोग पर्याप्त जानकारी (Information) न होने की वजह से, अंगदान नहीं कर पाते.

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(मीनल टिंगल) 

International Women's Day 2021: महिलाएं हर क्षेत्र में आगे कदम बढ़ा रही हैं, लेकिन अंगदान (Organ donation) ऐसा क्षेत्र है, जिसमें चाहकर भी उनके कदम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह बन रही है अंगदान के प्रति जानकारी (Information) का अभाव (absence). तो किसी को इस बारे में समाज में फैली भ्रांतियां (Misconceptions) आगे बढ़ने से रोक रही हैं. हालांकि अंगदान के प्रति लोगों को जागरुक एवं प्रोत्साहित करने और समाज में फैली भ्रांतियों को मिटाने के उद्देश्य से, हर साल अगस्त महीने में विश्व अंगदान दिवस मनाया जाता है. कई बार ऐसी महिलाएं तो देखने को मिल जाती हैं, जो जज़्बात के चलते, किसी अपने को किडनी, बोन मैरो और ब्लड का दान तो कर देती हैं, लेकिन अपने जीवित रहते या मृत्यु के बाद किसी अन्य को अंगदान करने में घबराती हैं. तो आइये आपको अंगदान से जुड़ी उन तमाम चीज़ों के बारे में यहाँ बताते हैं, जो आपको इस वीमेंस डे अंगदान का संकल्प लेने के लिए कदम आगे बढ़ाने में मदद करेंगी.

किन अंगों का किया जा सकता है दान



अंगों का दान दो तरह से किया जा सकता है. पहला है व्यक्ति के शरीर का ऊतक (Tissue) जैसे कॉर्निया (आंख), स्किन, बोनमैरो, नसें, ब्रेन, हार्ट वॉल्व, कान की हड्डी, कान का पर्दा जिनको पूरी तरह मृत्यु के बाद की स्थिति में ही दान कर सकते हैं. दूसरा है कोई अंग (Organ) जैसे लिवर, हार्ट, लंग्स, पेंक्रियाज जिसको ब्रेन डेड की स्थिति में किया जा सकता है. यही अंगदान (Organ donation) कहलाता है.  ये किसी जीवित व्यक्ति के शरीर में ऑपरेशन के ज़रिये ट्रान्सप्लान्ट किया जाता है. हालांकि बोन मैरो जैसे टिश्यू और ऑर्गन को जीवित रहते हुए भी दान कर किया जा सकता है.  केवल अंगों का ही नहीं बल्कि मृत्यु के बाद देह का दान भी किया जा सकता है. ये दान समाज को अच्छा डॉक्टर देने के उद्देश्य से हॉस्पिटल को किया जाता है. जिससे मृत शरीर पर परीक्षण करके वे मानव शरीर की संरचना का पूरा ज्ञान प्राप्त कर सकें.
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कौन कर सकता है अंगदान

किसी भी जाति और लिंग का व्यक्ति (महिला या पुरुष) जिसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो, वह अपनी मर्ज़ी से अंगदान कर सकता है. लेकिन 18 वर्ष से कम की उम्र में अंगदान करने की इच्छा रखने वाले नाबालिक व्यक्ति के लिए, उसके माता-पिता या क़ानूनी अभिभावक की सहमति ज़रूरी है. लेकिन देह दान की इच्छा रखने वाले व्यक्ति का 18 वर्ष की उम्र पूरी होना आवश्यक है.

अंगदान के लिए कहां करें सम्पर्क

अगर आप अंगदान करने की इच्छा रखते हैं, तो इसके लिए आप  www.notto.gov.in या www.rnos.org और www.notto.nic.in या  mohanfoundation.org वेबसाइट पर रजिस्टर कर सकते हैं. इसके साथ ही टोल फ्री नंबर 1800114770 और 18001037100 पर भी संपर्क किया जा सकता है. इसके साथ ही अगर आप चाहें तो, एनजीओ और सरकारी हॉस्पिटल में जाकर भी इस बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. कई एनजीओ और हॉस्पिटल्स ऑर्गेन डोनेशन पर काम कर रहे हैं. अंगदान या देहदान के लिए आप चाहें जिस तरह से भी रजिस्ट्रेशन करवाएंगे, आपको एक डोनर कार्ड जारी किया जायेगा. अगर  किसी ने अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन न भी करवा पाया हो, और वह अंगदान करने की इच्छा रखता हो, तो उस व्यक्ति की ब्रेन डेड मृत्यु होने पर उसके परिजनों को ऐसे हॉस्पिटल से तुरंत संपर्क करना होगा जो अंगदान के लिए पंजीकृत हो.

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अंगदान के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए Notto से किया जा सकता है सम्पर्क

नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन के कर्मचारी श्रेयम ने बताया, कि जिनको अंगदान करना होता है, चाहें वो टिश्यू का हो या अंग का,  हम लोगों तक इस बात की सूचना आने पर, हमारे कार्यालय द्वारा उस शहर के पंजीकृत हॉस्पिटल को संपर्क किया जाता है जो अंगों का संरक्षण करते हैं. नेचुरल डेथ की स्थिति में कार्निया और स्किन के लिए उस व्यक्ति के घर तक डॉक्टर्स की टीम जाती है. तो वहीं ब्रेन डेड डेथ व्यक्ति के ऑर्गन के लिए हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर उस व्यक्ति को रखते हुए, उन अंगों को जीवित रखा जाता है जिनका दान उनको करना है. ब्रेन डेड डेथ के बाद हर एक अंग के जीवित रहने का तय समय होता है, जिसके अंदर ही ये काम किया जाता है. जो लोग अंगदान करने की इच्छा रखते हैं या इस सम्बन्ध में कोई जानकारी चाहते हैं, तो नोटो की डायरेक्टर डॉक्टर बसंती रमेश से उनकी ईमेल आईडी dir@notto.nic.in पर संपर्क कर सकते हैं.
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