International Women's Day 2020: भारतीय महिलाएं दुनिया में सर्वाधिक महत्वाकांक्षी

International Women's Day 2020: भारतीय महिलाएं दुनिया में सर्वाधिक महत्वाकांक्षी
अपने करियर में पुरुषों की तुलना में लोहा मनवाने के लिए 65% भारतीय महिलाएं यह सोचती हैं कि उन्हें अपने पुरुष प्रतिद्वंदियों से ज़्यादा मेहनत करनी है.

89 फीसदी भारतीय महिलाएं मानती हैं कि जीवन में महत्वाकांक्षी होना बहुत ज़रूरी है जबकि वैश्विक स्तर पर सिर्फ़ 59 प्रतिशत महिलाएं ही ऐसा सोचती हैं.

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भारत में उच्च शिक्षित महिलाएं दुनिया में सबसे ज़्यादा महत्वाकांक्षी (ambitious) हैं. 89 फीसदी भारतीय महिलाएं यह मानती हैं कि जीवन में सफल होना ज़रूरी है जो कि इसके वैश्विक औसत (59%) से काफ़ी अधिक है. यह बात अमेरिकन एक्सप्रेस और न्यूयॉर्क विमेंस फाउंडेशन के संयुक्त सर्वेक्षण में पता चला है. ऐम्बिशस इन्सायट्स नामक इस सर्वेक्षण रिपोर्ट में ऐसी महिलाओं को शामिल किया गया है जो पूरी तरह से कामकाजी हैं. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इटली, जापान, मेक्सिको और यूके की 3026 महिलाओं को इस सर्वे में शामिल किया गया था. यह सर्वे अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस से कुछ पहले ही जारी किया गया है.

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सर्वे की मुख्य बातें

  • 89 फीसदी भारतीय महिलाएं मानती हैं कि जीवन में महत्वाकांक्षी होना बहुत ज़रूरी है जबकि वैश्विक स्तर पर सिर्फ़ 59 प्रतिशत महिलाएं ही ऐसा सोचती हैं.



  • पैरेंटिंग, रिलेशनशिप या निजी स्वास्थ्य के बारे में निजी महत्वकांक्षा के प्रति भारतीय महिलाओं की प्रतिबद्धता वैश्विक औसत (68%) की तुलना में 91% है.

  • अपने करियर में पुरुषों की तुलना में लोहा मनवाने के लिए 65% भारतीय महिलाएं यह सोचती हैं कि उन्हें अपने पुरुष प्रतिद्वंदियों से ज़्यादा मेहनत करनी है.

  • 70% भारतीय महिलाएं महत्वाकांक्षी बताए जाने में गर्व का अनुभव करती हैं जबकि जर्मनी की 35% और अमेरिका की मात्र 33% महिलाएं ही ऐसा सोचती हैं.


महत्वाकांक्षा सामान्य बात नहीं है
इस रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया में अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कॉर्प इंडिया के सीनियर वाइस प्रेज़िडेंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनोज अदलखा ने कहा- यह सर्वेक्षण इस बात पर प्रकाश डालता है कि महत्वाकांक्षा सामान्य बात नहीं है. यह सफल करियर, वित्तीय स्वतंत्रता और कौशल के साथ-साथ स्वस्थ होने, अच्छे पैरेंट्स होने और मज़बूत निजी संबंध होने जैसी बातों में झलकता है.

सभी सहकर्मियों को समान अवसर
विशेषकर भारत की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा- मैं मानता हूं कि भारत की महिलाएं हमेशा से इस तरह की भावना से भरी रही हैं और यह रिपोर्ट इस बात को साबित करता है कि अगर मौका मिले तो वा अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा कर सकती हैं और उदाहरण पेश करने में दुनिया में अव्वल साबित हो सकती हैं. हमें ऐसा कहते हुए गर्व का अनुभव होता है कि अमेरिकन एक्सप्रेस में हमने ऐसे कई कदम उठाए हैं ताकि सभी सहकर्मियों को समान अवसर प्राप्त हो सके. यह अध्ययन इस बात को साबित करता है कि मौखिक नेतृत्व, समर्पित समुदाय और सामुदायिक महत्वकांक्षा महिलाओं को बहुत आगे ले जा सकता है.

खुद को महत्वाकांक्षी कहने में गर्व
सर्वे से पता चला है कि अधिकांश महिलाएं खुद को महत्वाकांक्षी नहीं बताती हैं और कार्यस्थल पर महत्वाकांक्षी बुलाया जाना सकारात्मक है कि नहीं इस बारे में उनकी राय बंटी है. दुनियाभर में 10 में से सिर्फ 3 महिलाएं (31%) ही खुद को महत्वाकांक्षी कहने में गर्व महसूस करती हैं. भारत की 89% भारतीय महिलाएं खुद को महत्वाकांक्षी मानती हैं और इसके बाद मेक्सिको (82%), अमरीका (68%) की महिलाओं का नंबर आता है जबकि फ्रांस में 41% और जापान में सिर्फ 28% महिलाएं ही ऐसा मानती हैं.

निजी स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्ध
भारत की 78% महिलाएं सफल करियर को महत्त्वपूर्ण मानती हैं जबकि मेक्सिको की 69%, अमेरिका की 44% और जापान की मात्र 17% महिलाएं ही इसे महत्त्वपूर्ण मानती हैं. सर्वे में शामिल 65% महिलाएं स्वस्थ रहने को बहुत महत्त्वपूर्ण मानती हैं जबकि संपत्ति अर्जन को मात्र 30% महिलाएं ही महत्व देती हैं. सर्वे में शामिल 68% महिलाओं का कहना था कि वह निजी महत्वाकांक्षा जैसे पैरेंटिंग, रिलेशनशिप या निजी स्वास्थ्य के प्रति वह प्रतिबद्ध हैं जबकि 53% ने बाह्य महत्वाकांक्षा जैसे करियर, शिक्षा और संपत्ति के प्रति प्रतिबद्धता जताई.

पुरुष सहकर्मियों से ज़्यादा काम
इस सर्वे में 34% महिलाओं ने माना कि अपने निजी जीवन में सफल रहने कि लिए उनको मान्यता मिली जबकि सिर्फ 29% ने ही यह माना कि अपने वर्क लाइफ के लिए उन्हें मान्यता मिली है. 10 में से 3 महिलाएं (31%) यह मानती हैं कि कार्यस्थल पर मान्यता के लिए उन्हें अपने पुरुष सहकर्मियों से ज़्यादा काम करना पड़ता है. भारत में 65%, मेक्सिको में 38%, जर्मनी में 34% और इटली में 33% महिलाएं ऐसा ही सोचती हैं.

महिलाओं में ज़्यादा आत्मविश्वास
इस सर्वे से एक महत्त्वपूर्ण बात यह भी सामने आई कि 40% महिलाएं मानती हैं कि करियर में सफलता के लिए महत्वाकांक्षी होना जरूरी है जबकि 32% ने इसे हासिल करने के बारे में पूरा आत्मविश्वास जताया. 68 फीसदी भारतीय महिलाएं और 59 फीसदी मेक्सिकन महिलाओं ने अपने करियर की महत्वाकांक्षा को प्राप्त करने के प्रति आत्मविश्वास जताया. निजी महत्वाकांक्षाओं को लेकर भारत, मेक्सिको और जर्मनी की महिलाओं में ज़्यादा आत्मविश्वास पाया गया विशेषकर जीवन के अनुभवों को पूरा करने के संदर्भ में स्वस्थ रहने को लेकर.

कौशल और योग्यता
सर्वेक्षण के निष्कर्ष के मुताबिक 31 फीसदी महिलाओं ने आत्मविश्वास और दृढ़ता को अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए महत्त्वपूर्ण कारक बताया. 21% ने इसके लिए परिवार की मदद, 10% ने पेशेवर मान्यता और 10% ने सहयोग करने वाले लीडर्ज़ को इसका श्रेय दिया. भारत में 16% महिलाओं ने पेशेवर मान्यता को सबसे ज़्यादा महत्व दिया. जहां तक कौशल और योग्यता की बात है, इसको सबसे आवश्यक मानने में मेक्सिको की महिलाएं सबसे आगे (75%) हैं. इसके बाद भारत (71%) और अमेरिका (51%) का नंबर आता है. कार्यस्थल पर किसी मुद्दे पर अपनी स्थिति पर अडिग रहने में भारत की महिलाएं (69%) सबसे आगे हैं. इसके बाद मेक्सिको (60%) और इटली (48%) की महिलाएं आती हैं.

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करियर में सफलता
नेतृत्व के मौके को नहीं गंवाने वाली महिलाओं में भारत 66%, मेक्सिको 62% और इटली 34% का स्थान है. कुल मिलाकर 28% महिलाएं इस बात पर सहमत थीं कि करियर में सफल रहने के लिए निजी जीवन में उन्हें महत्त्वपूर्ण बलिदान देने होंगे. भारत में 63%, इटली, मेक्सिको और अमेरिका में से प्रत्येक में 32% महिलाएं किसी अन्य को उनके करियर में मदद दिए जाने का समर्थन कर सकती हैं. 62% भारतीय महिलाएं, 35% मेक्सिकन और जर्मनी की 27% महिलाएं यह चाहती हैं कि करियर में मदद के लिए कोई उनका समर्थन करे.
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