जानवरों के क्यूट वीडियो देखते हैं...तो सच जान लीजिए

दफ्तर जाते हुए फेसबुक चेक करना और सामने किसी प्यारे से दिखने वाले जानवर का वीडियो देखकर रुक जाना. फिर वीडियो के नीचे लाइक का बटन दबाना और उसे शेयर कर देना. जो वीडियो आपको इतना अच्छा लगा ज़रूरी नहीं उसके पीछे की कहानी उतनी ही अच्छी हो.

News18Hindi
Updated: September 12, 2018, 6:11 PM IST
जानवरों के क्यूट वीडियो देखते हैं...तो सच जान लीजिए
लाल पांडा विलुप्त होती प्रजातियों में से एक है
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Updated: September 12, 2018, 6:11 PM IST
फेसबुक को ताकते हुए किसी ‘क्यूट’ से जानवर का वीडियो आता है और आप ख़ुद को रोक नहीं पाते. क्लिक करके वीडियो देखते हैं जिसमें कभी पांडा, तो कभी भालू उछलते कूदते दिखाई देते हैं. आप लाइक या दिल का बटन दबाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि जंगली जानवरों के प्रति उमड़ रहा यह प्यार उन्हें नुकसान पहुंचा रहा हो. आइए समझें कैसे -

मसनल लाल पांडा जो इंटरनेट का चहेता जानवर है, इतना चहेता की इंटरनेट ब्राउज़र फायरफॉक्स का नाम भी इसी पर रखा गया है. लाल पांडा को फायरफॉक्स भी कहा जाता है. ऐसे कई वीडियो आपको मिल जाएंगे जिसमें लाल पांडा बेहद क्यूट हरकतें करता दिखाई दे रहा है. कभी दरवाज़ा खोलने की कोशिश करता या कभी अपनी मासूम आंखों से कैमरे को देखता. लेकिन अफसोस कि इन वीडियो में आपको यह नहीं बताया जाता कि लाल पांडा ज़्यादातर नेपाल से चीन के बीच जंगलों में पाया जाता है. पिछली तीन पीढ़ियों से इस जानवर की जनसंख्या में 50 प्रतिशत कमी आई है. और प्रकृति संरक्षण का काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था International Union for the Conservation of Nature (IUCN) के मुताबिक यह विलुप्त होती प्रजाति है और दुनिया में कुल 2500 लाल पांडा ही बचे हैं.

2010 से रेड पांडा नेटवर्क नाम की एक संस्था इंटरनेशनल रेड पांडा डे मनाती है. इसके ज़रिए वो लोगों को यह बताना चाहती है कि इन जानवरों की कहानी सिर्फ यूट्यूब के क्यूट वीडियो तक सीमित नहीं है. इन्हें बचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद जनवरी 2018 में इनमें से आधा दर्जन पांडा को लाओस के स्मगलरों से बचाया गया. यह साबित करना तो मुश्किल है कि इंटरनेट पर इनकी लोकप्रियता की वजह से लाल पांडा की मांग बढ़ रही है और स्मगलिंग हो रही है. लेकिन यह साफ है कि इंटरनेट के ज़रिए इस प्रजाति को लेकर लोगों के मन में खुशफहमियां ज़रूर बैठी है.


panda, wildlife
इंटरनेट पर पांडा के क्यूट वीडियो की बाढ़ है


जैसे कि अगर आप यूट्यूब पर Red Panda cute videos लिखेंगे तो लोकप्रिय वीडियो में से एक में पांडा घर का दरवाजा खोलने की कोशिश करता दिखाई देगा. जो लोग यह जानते हैं कि लाल पांडा नेपाल और चीन के जंगलों में पाया जाता है वो शायद ही यह देखकर खुश हो पाएंगे कि एक लाल पांडा बर्फीले और पहाड़ी इलाके को छोड़कर एक घर के अंदर है.

यही हाल रात में जागने वाले और बड़ी बड़ी आखों वाले स्लो लोरिस का है. साउथ ईस्ट एशिया में पाए जाने वाले इस जानवर का कुछ साल पहले एक वीडियो वायरल हुआ था. लोरिस को गोद में  बैठाए एक लड़की उसे धीरे से गुदगुदी कर रही थी और लोरिस ने अपने हाथ ऊपर कर रखे थे. ऐसा लग रहा था जैसे छोटा बच्चा मस्ती में ऐसा कर रहा है. लेकिन मामला इसके उलट था. जानकारों का कहना था कि दरअसल लोरिस परेशानी होने या मुसीबत में होने पर ऊपर करता है. रूस के फ्लैट में रखे गए इस पालतू जानवर का यह ख़ुद की रक्षा करने का तरीका था.

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स्लो लोरिस भी संकटग्रस्त प्रजातियों में से एक है
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2013 में प्रोफेसर एना नेकारिस ने एक शोध में पाया कि लोरिस का वीडियो जब पोस्ट किया गया तब शुरूआती महीनों में पाया गया कि कमेंट करने वाले एक चौथाई लोगों ने इस जानवर को पालने की इच्छा जताई जबकि लोरिस भी दुनिया के विलुप्त होती प्रजातियों में से एक है. प्रोफेसर नेकारिस ने पाया कि इस तरह के वीडियो के बढ़ते ट्रेंड ने इन प्रजातियों का कुछ भला नहीं किया है. स्लो लोरिस गैरकानूनी तरीके से हो रहे वाइल्डलाइफ ट्रेड की वजह से और ज़्यादा पीड़ा सहन कर रहे हैं. इन्हें न सिर्फ पालतू जानवर बनाने के लिए ट्रेड किया जा रहा है, बल्कि पारंपरिक दवाइयों के लिए भी इनका शिकार किया जा रहा है.

दो दिन पहले ही थायलैंड में फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा गया जो 1500 जानवरों की बिक्री के लिए था. इनमें से ज्यादातर जानवर उस प्रजाति के थे जिन्हें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मिली हुई थी और वो थायलैंड से नहीं थे. हालांकि ऐसा नहीं है कि सोशल मीडिया पूरी तरह से इस मामले में विलेन है. 2018 में दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय संरक्षण संस्था (WWF) से हाथ मिलाकर गैरकानूनी वन्यजीव व्यापार पर शिकंजा कसने की ठानी है. इसके तहत 2020 तक वाइल्डलाइफ ट्रैफिकिंग में 80 प्रतिशत तक की कटौती करने का मकसद है. इसके अलावा इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय माध्यम ने एक और पहल की है. जब भी आप किसी विलुप्त या संकटग्रस्त जानवर (Tiger, Panda, Orangutan) का हैशटैग इस्तेमाल करते हैं तो नीचे एक मैसेज लिखा आता है जो वन और पर्यावरण संरक्षण की जरूरत पर ज़ोर देता है.

इंटरनेट और ख़ासकर सोशल मीडिया ऐसा माध्यम है जहां बात कहीं से शुरू होती है और कहीं और चली जाती है. कई बार जरूरी बात बीच में कहीं खो जाती है. ज़रूरी है कि इस तरह के वीडियो या तस्वीरों को देखते वक्त हम अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करें. जिस वीडियो की क्यूटनेस को देखकर आपका दिन बन जाता है, हो सकता है उसमें दिखाई देने वाले जानवर की पूरी ज़िंदगी आपके एक लाइक की वजह से और ज़्यादा मुसीबत में पड़ जाए.
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