क्या जीका वायरस से निपटने के लिए कोई वैक्सीन या दवा है?

जीका वायरस की पहली बार पहचान 1947 में हुई

News18Hindi
Updated: November 9, 2018, 4:36 PM IST
क्या जीका वायरस से निपटने के लिए कोई वैक्सीन या दवा है?
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: November 9, 2018, 4:36 PM IST
जीका वायरस दुनियाभर में फैल चुका है. 86 देशों में इसके होने की पुष्टि हो चुकी है. भारत में पिछले साल जनवरी और फरवरी में पहली बार इसके अहमदाबाद में होने की बात पता चली थी. अब तक जीका वायरस से निपटने के लिए कोई वैक्सीन या दवा नहीं बनी है. फिलहाल तो हर हाल में मच्छरों के काटने से बचना ही इसका एकमात्र उपाय है. जीका वायरस की पहली बार पहचान 1947 में हुई.

क्या इसका कोई कारगर टीका है
- अब तक इसका कोई कारगर टीका नहीं है
- हालांकि इसका कोई खास उपचार नहीं है, तब भी पैरासीटामॉल (एसिटामिनोफेन) मददगार हो सकती है

मस्तिष्क की कोशिकाओं पर हमला

शोधकर्ताओं ने पाया है कि ज़ीका वायरस शिशुओं के विकसित होते मस्तिष्क में एक ख़ास तरह की कोशिकाओं को नष्ट कर देता है. सेल स्टेम सेल जर्नल में छपे इस शोध से चिकित्सकों के उस दावे को बल मिला है जो ये कहता है कि ज़ीका वायरस की वजह से शिशुओं के मस्तिष्क में असामान्यता आ जाती है.

मांसपेशिया कमज़ोर हो जाती है
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एक अध्ययन में पहली बार इस बात के सबूत मिले हैं कि ज़ीका वायरस के संक्रमण से गुलियन बारे सिंड्रोम नाम का तंत्रिका विकार हो सकता है. अध्ययन में ऐसे 42 मरीज़ों के ख़ून के नमूनों की जांच की गई, जो पहली बार ज़ीका की चपेट में आए थे. गुलियन बारे सिंड्रोम से मांसपेशिया कमज़ोर होती है. इसके गंभीर मामलों में पीड़ित को सांस लेने की समस्या हो सकती है. इसमें मरीज के अत्यधिक देखभाल की ज़रूरत होती है.

जीका के लक्षण
- बुखार रहे
- नाक बहना
- सिर दर्द
- रैशेज हों
- कन्जंक्टिवाइटिस- जॉइंट्स पेन

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