ISRO के संस्थापक व देश के सबसे बड़े वैज्ञानिक की 100वीं जयंती पर गूगल ने बनाया डूडल

ये विक्रम साराभाई ही थे, जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को दुनिया में जगह दिलाई

News18Hindi
Updated: August 12, 2019, 11:08 AM IST
ISRO के संस्थापक व देश के सबसे बड़े वैज्ञानिक की 100वीं जयंती पर गूगल ने बनाया डूडल
ये विक्रम साराभाई ही थे, जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को दुनिया में जगह दिलाई
News18Hindi
Updated: August 12, 2019, 11:08 AM IST
आज यानी 12 अगस्त को भारत के सबसे बड़े वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की 100वीं जयंती है. इस मौके पर गूगल ने डूडल बनाकर श्रद्दांजलि अर्पित की है. यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारत अंतरिक्ष आज जिस भी मुकाम पर है. उसके पीछे विक्रम साराभाई का हाथ था.

ये विक्रम साराभाई ही थे, जिन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत को दुनिया में जगह दिलाई. हालांकि उन्होंने वस्त्र, प्रबंधन, आणविक ऊर्जा, इलेक्ट्रानिक्स और कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किया. कहा जा सकता है कि वो अपने आपमें एक विराट संस्था थे, जिनके अंदर विजनरी साइंटिस्ट के साथ दूरदर्शी उद्योगपति, शिक्षाविद और कला पारसी जैसे पहलू मौजूद थे. जो उनके संपर्क में आता, उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पता.

जन्म और शिक्षा

साराभाई का जन्म अहमदाबाद के एक बहुत बड़े और प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी के घर 12 अगस्त, 1919 को हुआ था. विक्रम साराभाई की प्रारंभिक शिक्षा उनकी माता सरला साराभाई द्वारा मैडम मारिया मोन्टेसरी की तरह शुरू किए गए पारिवारिक स्कूल में हुई. गुजरात कॉलेज से इंटरमीडिएट तक विज्ञान की शिक्षा पूरी करने के बाद वे 1937 में कैम्ब्रिज (इंग्लैंड) चले गए जहां 1940 में प्राकृतिक विज्ञान में ट्राइपोज डिग्री प्राप्त की. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान वो भारत लौट आए. उन्होंने बंगलौर स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान में नौकरी करनी शुरू कर दी. यहां वह सी. वी. रमण के निरीक्षण में कॉसमिक रेज़ पर अनुसंधान करने लगे.

उन्होंने 1947 में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल) की स्थापना की और थोड़ी ही समय में इसे विश्वस्तरीय संस्थान बना दिया. उन्होंने 15 अगस्त 1969 को इंडियन स्पेस रीसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) की स्थापना की.

दिसंबर 1971 में देश खुशियां बना रहा था, क्योंकि बांग्लादेश युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ जीत के बाद देश का माहौल खुशनुमा था. सभी नए साल के स्वागत में जुटे हुए थे. तभी विक्रम साराभाई के निधन की खबर पूरे देश की सुर्खियां बन गई. विक्रम साराभाई का महज 52 साल की उम्र में 30 दिसंबर, 1971 को तिरुवनंतपुरम में निधन हो गया.
First published: August 12, 2019, 11:08 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...