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सच है किसी के वास्ते तेरे दिल में हो प्यार जीना इसी का नाम है,अपनाकर देखिए न एक बार

दूसरों को खुशी देना आपकी जिंदगी को खुशियों से भर देता है. Image: pexels-viajero
दूसरों को खुशी देना आपकी जिंदगी को खुशियों से भर देता है. Image: pexels-viajero

To Be Happy Make Others Happy: किसी को खुशी देने से आपकी जिंदगी में खुशी दोगुनी हो जाती है. यह हम नहीं कह रहे है रिसर्च कहती है. तो जानिए कैसे और क्यों ?

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2021, 4:44 PM IST
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किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार,किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार,किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार,जीना इसी का नाम है... जी जनाब ये बिल्कुल सच है. यह हम नहीं कह रहे रिसर्च कह रही हैं.
भलाई और खुशी के साथ जिंदगी में आगे बढ़ाने से आप जेहनी तौर पर सुकून पाते हैं. आपको भले ही इसका अहसास न हो, लेकिन दूसरों के लिए अच्छा करने से यकीनन आपको भी उनके बराबर ही खुशी मिलती हैं. हम बताएंगे कि ऐसा करने से कैसे आपके चेहरे पर भी खूबसूरत मुस्कान खिल सकती है.

रिसर्चः  

रिसर्च बताती है कि जिन लोगों ने खुद को "बहुत खुश" बताया उन्होंने स्वैच्छिक तौर पर महीने में पांच घंटे दूसरों की भलाई और खुशी के लिए काम किया. इस तरह से फिजिकली एक्टिव रहने से उनका मूड तो बेहतर हुआ ही दूसरों के लिए कुछ करने के एहसास से उन्हें आंतरिक खुशी भी दी. कार्यात्मक चुंबकीय अनुनाद कल्पना तकनीक ( Functional Magnetic Resonance Imagine technology) से पता चलता है कि दिमाग का जो हिस्सा फूड और सेक्स से उत्तेजित होता है, वही हिस्सा दूसरों को खुशी देने से भी उत्तेजित होता है. इसका मतलब यह है कि हमारे दिमाग को भी पता है कि दूसरों को खुशी देना सुखद है.
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कैसेः  

एंडोर्फिन (Endorphins) बस आपको खुश करने का काम करता है. ये मजेदार और फन का एहसास कराने वाला केमिकल है जो एक्सरसाइज के वक्त आपके शरीर से निकलता है. ये आपको जिंदगी में  बेहद सफलता का एहसास (High on life) भी कराता है. अच्छी बात यह है कि दूसरों की मदद करने से आपको इस तरह का एहसास होता है. कुछ इसे हेल्पर्स हाई भी कहते हैं. यह मनोवैज्ञानिक सिद्धांत है कि दयालुता का काम करना आपको मॉर्फिन लेने यानी बेहद ही आनंद में होने जैसा एहसास देता है.

असरः  

जिस शख़्स की आप मदद कर रहे हैं, उसकी जगह खुद को रख के देखें. आप महसूस करेंगे कि आप इस तरह की मदद आगे भी करते रहना चाहेंगे. क्योंकि ये केवल मदद भर नहीं होती ये बात मदद पाने वाले शख्स के दिल को अंदर तक छू जाती है और उन्हें प्यार का एहसास होता है. वे कम तनाव महसूस करते हैं, भले ही यह केवल एक पल भर के लिए हो क्यों न हो, वहीं इससे आपको भी संतुष्टि और आनंद की अनुभूति होती है. आपके खुद के तनाव का स्तर भी थोड़ा कम होता है. एक तरह से कहा जाए तो इस सबसे सभी को खुशी की खुराक मिलती है.

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खुशी में बढ़ोतरीः  

जब आप दूसरों की मदद करते हैं तो आपकी खुशी का स्तर बढ़ता है. इससे आपका खुद की जिंदगी पर भी यकीन कायम होता है यानी लाइफ ( life expectancy) बढ़ती है. हमारे जीन के अंत-कैप्स को टेलोमिइर (Telomeres) कहा जाता है. क्रोमोसोम के सिरों पर डीएनए के ये कैप आपकी कोशिकाओं को बूढ़ा होने से बचाते हैं. बेशक, ये वक्त के साथ स्वाभाविक रूप से अपने आप घिसते हैं, लेकिन लंबे वक्त का तनाव वास्तव में इन एंड-कैप को जिंदगी को इस हद तक कम कर देता है जहां वे आपकी कोशिकाओं की रक्षा नहीं कर पाते हैं. इससे शरीर में कई परेशानियां होने लगती हैं. जब आप खुश और सकारात्मक होते हैं, तो ये एंड-कैप थोड़े लंबे वक्त तक टिक सकते हैं.

परोपकारिता फैलती हैः

अल्ट्राइज्म इज़ कंटेजियस (Altruism Is Contagious) मतलब परोपकारिता फैलने वाली भावना है.
दूसरों को खुश करने और खुद को खुश रखने के बारे में सबसे अच्छी बात यह है कि दूसरे लोग इसे नोटिस करते हैं और खुद भी वैसा ही करने की कोशिश करते हैं. एक तरह से ये दूसरों के लिए अच्छा करने की चेन बनाती चली जाती है. यह  इंसानी स्वभाव है कि जब एक समूह दूसरे समूह को कुछ अच्छा करते हुए देखता है, तो वो खुद भी अच्छे काम करने के लिए तैयार रहता है. इस तरह से एक इंसान दूसरों की भलाई के लिए हजारों लोगों को प्रेरित कर सकता है. इस तरह से अल्ट्राइज्म स्कूलों, कार्यस्थलों, समुदायों और उससे भी आगे परोपकार करने की चेन बना सकता है.

दया अपनाओः  

जिंदगी में दया और संवेदना को आगे बढ़ाने के लिए एक लाख तरीके हैं, आपको दूसरों की मदद करने के लिए कोई बड़ा इशारा नहीं करना पड़ता. आपकी किसी ने मदद की और वो बात आपके दिल में घर कर जाती है और बगैर किसी स्वार्थ के आपके दिल में किसी अन्य शख़्स की मदद करने का अरमान जोर पकड़ने लगता है. यही पे इट फॉरवर्ड (Pay it forward) का फंडा है. किसी के लिए कुछ करने और दिल से किसी को देने के जरिए अपना जुनून पाएं. यह पता लगाएं कि आपको किससे खुशी मिलती है. किसी के लिए यह किसी विशेष संगठन के लिए स्वेच्छा किया गया काम भी हो सकता है तो किसी के लिए हर दिन किसी की कॉफी के लिए पे करना और कभी -कभी तो आपको किसी को वक्त देना ही आपके पैसे देने से कहीं अधिक मायने रखता है. लेकिन इस सबके बीच यह ध्यान रखें कि आप जिस किसी के लिए भी ये कर रहें उसे यह अहसान न लगे या आपकी मदद उसे गिल्ट फील न कराएं. कहते हैं न कि देने वाले एक हाथ का दूसरे हाथ को भी पता नहीं चलना चाहिए. एक बार ऐसा करने से आपको अपनी जिंदगी का मकसद नजर आएगा और आपकी पूरी जिंदगी मुस्कुरा उठेगी.

जिंदगी की उम्र है बढ़तीः  

दूसरों को खुश करना स्वाभाविक रूप से हमें खुश करता है. हम एक सामाजिक प्राणी हैं. हम बड़े दिल से प्यार करते हैं. इसे आगे बढ़ाकर केवल आपके चेहरे पर मुस्कान ही नहीं आती बल्कि आपका लाइफ स्पैन भी लंबा होता है यानी आप अधिक उम्र तक खुशी से जीने की नेमत पाते हैं. आपके जीवन को लंबा कर सकता है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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