जब पढ़ाई से जी चुराए आपका बच्चा, अपनाएं ये टिप्‍स

बच्‍चे पढ़ने में उत्‍साह दिखाएंगे अगर पढ़ाई करते समय पैरेंट्स उनके साथ रहें.

बच्‍चे पढ़ने में उत्‍साह दिखाएंगे अगर पढ़ाई करते समय पैरेंट्स उनके साथ रहें.

कई बार बच्‍चों (Children) का मन पढ़ाई (Studies) में नहीं लगता. यही वजह है कि कई बार वे कोई न कोई बहाना बनाकर पढ़ाई करने से मना कर देते हैं. इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है और पैरेंट्स (Parents) भी तनाव में रहते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 2:46 PM IST
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सभी पैरेंट्स (Parents) चाहते हैं कि उनका बच्‍चा (Child) पढ़ाई में तेज हो और भविष्‍य (Future) में अच्‍छा मकाम हासिल करे. इसके लिए वे उसे हर तरह की सहूलियत मुहैया कराते हैं. मगर कई बार बच्‍चों का मन पढ़ाई (Studies) में नहीं लगता. यही वजह है कि कई बार वे कोई न कोई बहाना बनाकर पढ़ाई करने से मना कर देते हैं और बार बार इससे बचने की सोचते हैं. इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है और पैरेंट्स भी तनाव में रहते हैं. अपने बच्‍चे के भविष्‍य को लेकर उनकी चिंता बढ़ जाती है. अगर आपका बच्‍चा भी पढ़ाई से जी चुराता है और बार बार बहाने बना कर पढ़ाई से बचता है, तो पैरेंटिंग के कुछ टिप्‍स आपके काम आ सकते हैं. इनकी मदद से आपके बच्‍चे की पढ़ाई में रुचि पैदा हो सकती है.

स्कूल के कार्यों का घर में कराएं अभ्यास

अक्‍सर बच्‍चे इसलिए भी पढ़ाई से जी चुराने लगते हैं. इसकी वजह कई बार यह भी होती है कि बच्‍चे ठीक से अपना विषय समझ नहीं पाते और इसी वजह से पढ़ाई में उनका मन भी नहीं लगता. ऐसे मेंपैरेंट्स की जिम्‍मेदारी बनती है कि वे इस बात का पूरा ध्‍यान रखें कि आपका बच्चा स्कूल में क्या सीखता है. साथ ही बच्चों को स्कूल में जो कुछ पढ़ाया जाता है, पैरेंट्स उसका अभ्यास उन्‍हें घर पर भी कराएं. इस तरह बच्‍चे जल्‍दी सीखते हैं और उनका पढ़ाई में मन लगने लगता है.

तय करें बच्चे की पढ़ाई का समय
यह जरूरी नहीं कि बच्‍चे को आप हर समय पढ़ाई करने के लिए मजबूर करें. इससे बच्‍चे का मन पढ़ाई से दूर होने लगता है. इसलिए यह पैरेंट्स की जिम्‍मेदारी है कि वे अपने बच्चों का पढ़ाई का समय निर्धारित करें. इससे उसे पता होगा कि तय समय पर ही उसे पढ़ाई करनी है. इस तरह वह खेल के साथ साथ पढ़ाई में भी रुचि लेने लगेगा.

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तेज आवाज में पढ़ने की आदत डालें



कई बार ऐसा होता है कि आपके सामने से हटते ही बच्चा पढ़ाई करना बंद कर देता है. इसके लिए आप यह तरीका अपना सकते हैं कि उसे जोर-जोर से अपना पाठ पढ़ने को कहें. इससे फायदा यह होगा कि जब आप सामने नहीं होंगे तो भी आपका बच्‍चा पढ़ रहा है या नहीं यह आपको पता रहेगा. इसके लिए आप भी उसे कुछ कहानियां या उसकी ही किताब के पाठ उसे तेज आवाज में पढ़ कर सुना सकते हैं. इससे उसमें पढ़ाई के लिए रुचि जागेगी.

टीवी, गेम के लिए समय तय करें

कई बार बच्चों का पढ़ाई में मन इसलिए भी नहीं लगता क्‍योंकि वे खेलना या टीवी देखना चाहते हैं. इसके लिए आप उनके गेम खेलने और टीवी देखने का समय तय कर दें. उन्‍हें बताएं कि बच्चों के ज्‍यादा टीवी देखना का असर उनकी आंखों पर पड़ता है. साथ ही उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है.

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नई चीजों को सीखने के लिए कहें

आप बच्‍चों का पढ़ाई में मन लगे इसके लिए उन्‍हें चित्रकारी करने की सलाह दे सकते हैं. अगर वह पढ़ना नहीं चाहते तो इसे रुचिकर बनाने के लिए उन्‍हें दोस्तों के साथ ग्रुप स्‍टडी के लिए कह सकते हैं. आप उन्‍हें नई चीजों को सीखने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. इससे बच्‍चों में पढ़ाई के लिए उत्‍साह रहेगा और वे पढ़ने में मन लगाएंगे.
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