क्या आपको भी है भूलने की आदत.. आप हो सकते हैं Dementia के शिकार

Pankaj Kumar | News18Hindi
Updated: August 28, 2019, 8:54 AM IST
क्या आपको भी है भूलने की आदत.. आप हो सकते हैं Dementia के शिकार
क्या आपको भी है भूलने की आदत.. आप हो सकते हैं Dementia के शिकार …. तो फौरन लें डॉक्टर से सलाह

डॉक्टर्स के अनुसार 20 फीसदी बीमारी जिनकी वजह से डिमेंशिया होता है उनके उपचार के बाद डिमेंशिया का लक्षण दिखना बंद हो सकता है .

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  • Last Updated: August 28, 2019, 8:54 AM IST
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डिमेंशिया (Dementia ) किसी खास बीमारी का नाम नहीं है बल्कि ये कुछ ऐसे Symptoms के समुह का नाम है जिसकी वजह से यादाश्त में कमी (Memory Loss) जैसे लक्षण दिन प्रति दिन की जिंदगी में साफ दिखाई पड़ता है . डिमेंशिया के कई प्रकार हैं और इससे पीड़ित 60 से 80 फीसदी मरीजों में अल्जाइमर नामक बीमारी देखी जाती है .

डिमेंशिया होने की लगभग 50 अन्य वजहें हैं जिनके सिम्टम्स में (SYMTOMS) ट्रीटमेंट के साथ सुधार होता है लेकिन कई ऐसी बीमारियां जिनकी वजह से डिमेंशिया होता है और वो लाईलाज बीमारी है.
ऐसा कहा जाता है एजिंग के साथ मेमोरी लॉस (Memory Loss) समान्यतया लोगों में होता है जिसे senile Dementia भी कहा जाता है लेकिन डॉक्टर्स के मुताबिक ऐसा कहना गलत है और ये दुष्प्रचार के सिवा और कुछ भी नहीं .
डिमेंशिया के लक्षण ( Symptoms of Dementia )

1-यादाश्त में गड़बड़ी
2-बोलचाल और भाषा में गड़बड़ी
3-ध्यान अवधी में कमी
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4-विचार और निर्णय करने में दिक्कत
5-दृश्य बोध में कमी (Visual Perception )

डिमेंशिया सी पीड़ित लोग Short Term Memory Loss की समस्या से जूझते हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी छोटी बातें तुरंत भूल जाते हैं .
वो अपने बटुए से लेकर कई ऐसे सामान जो वो कहीं संभाल कर रखते हैं लेकिन वो कुछ देर बाद ही उसे भूल जाते हैं . इतना ही नहीं लोगों से मिलने जुलने का तय कार्यक्रम भी उनके मानस पटल से दूर चला जाता है . ज़ाहिर है इस शॉर्ट टर्म मेमोरी लॉस की वजह डिमेंशिया भी हो सकता है जिसकी पड़ताल फौरन एक अच्छे मनोचिकित्सक से कराना चाहिए .

वजहें (Cause )
कुछ बीमारियां प्रोग्रेसिव होती हैं जो समय के साथ धीरे धीरे बढ़ती ही जाती हैं और मरीजों में उसका प्रभाव गहराता जाता है . डिमेंशिया कई बीमारियों की वजह से परिलक्षित होता वो लक्षण (Symptoms )है जिसके छूटने या नहीं छूटने का प्रतिशत बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है .
1-इनमें अल्जाइमर,पार्किंसन और मल्टीपल स्केलोरोसिस प्रमुख हैं जिनकी वजह से डिमेंशिया के लक्षण परिलक्षित होते हैं .
2- वॉसकुलर डिसऑडर- ब्रेन में खून के संचार को प्रभावित करता है और इस वजह से डिमेंशिया के सारे लक्षण नजर आने शुरू हो जाते हैं
3- ब्रेन में चोट की वजह से डिमेंशिया हो सकता है जो अकस्मात दुर्घटना और अन्य वजहों से हो सकता है .
4- मेनींगटीस (Meningtiis ),एचआईवी (HIV), और Creutzfeldt jacob disease जिससे सेंट्रल नर्वस सिस्टम में infection यानी संक्रमण होता है
6- अल्कोहल और ड्रग्स
7- ब्रेन में फ्लूड (fluid ) के जमा होने से .

ब्रेन का वो हिस्सा जो मेमोरी,जजमेंट और मूवमेंट के लिए जिम्मेदार होता है जब इसके सेल्स (CELLS ) डैमेज होते हैं तभी डिमेंशिया के लक्षण मरीजों में दिखने लगते हैं .
डिमेंशिया के प्रकार (Types of Dementia )
इसके दो प्रकार हैं

1- कॉर्टिकल डिमेंशिया (Cortical Dementia )
जब ब्रेन के बाहरी हिस्से (cerebral cortex) में दिक्कतें आती हैं तभी भाषा (Language) और यादाश्त (Memory ) दोनों प्रभावित होने लगता है . अल्जाइमर (Alzeimer ) और Creutltzfelt Disease जैसी बीमारी कॉर्टिकल डिमेंशिया के दो प्रकार हैं .
2- सबकॉर्टिकल डिमेंशिया (Sub Cortical Dementia )

इससे ब्रेन के बाहरी हिस्से के नीचले परत के सेल्स प्रभावित होते हैं और इसमें सोचने समझने और कोई भी काम करने का रफ्तार प्रभावित होने लगता है . Parkinson ,Huntington’s और HIV की वजह से सबकॉटिकल डिमेंशिया मरीजों में होता है .
कुछ ऐसे में भी प्रकार के डिमेंशिया हैं जिसमें कॉर्टिकल और सबकॉर्टिकल दोनों हिस्सा ब्रेन के प्रभावित होते हैं .

डॉक्टर्स के अनुसार 20 फीसदी बीमारी जिनकी वजह से डिमेंशिया होता है उनके उपचार के बाद डिमेंशिया का लक्षण दिखना बंद हो सकता है . इसलिए इन्हें रिवर्सिबल कहा जाता है . इनमें अल्कोहल और ड्रग्स, ट्यूमर्स, ब्लड क्लॉट जो ब्रेन के बाहरी हिस्से के ठीक नीचे हुआ हो, Hypoglycemia ( सुगर की मात्रा कम) और Hypothyroid ( Thyroid का लेवल कम),B12 की कमी जैसी बीमारी शामिल है .

लेकिन अल्जाइमर्स,वॉसकुलर डीमेंशिया,पार्किंसन डीजीज, पिक्स और Creutzfeldt jacob disease का ईलाज पूरी तरह संभव नहीं है इसलिए इसमें थोड़ा बहुत सुधार की गुंजाइश हो सकता है लेकिन ये प्रोग्रेसिव डिजीज है जो समय के साथ साथ अपना बिकराल रूप दिखाने लगता है .
उम्र के हिसाब से 65 साल से ज्यादा के लोगों में 5 से 8 फीसदी डिमेंशिया से पीड़ित लोगों की संख्या है वहीं ये संख्या 70 साल और उसके बाद डबल हो जाती है . विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पूरे विश्व में 5 करोड़ लोगों को डिमेंशिया है और हर साल 1 करोड़ लोगों में ये फैलता जा रहा है . WHO के मुताबिक 60 फीसदी डिमेंशिया से पीड़ित लोग Low और Middle income देशों में पाए जाते हैं .

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: August 28, 2019, 8:03 AM IST
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