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जानिए ग्रीन पटाखों की सच्चाई...दुकानदारों को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं ग्रीन पटाखे

News18Hindi
Updated: October 23, 2019, 7:23 PM IST
जानिए ग्रीन पटाखों की सच्चाई...दुकानदारों को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं ग्रीन पटाखे
जानिए ग्रीन पटाखों की सच्चाई

दिल्ली एऩसीआर प्रदूषण से कराह रहा है...दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का कहर है...मेरठ भी प्रदूषित शहरों में से एक है. ..यहां पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर तीन सौ का आंकड़ा पार कर चुका है...इ

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  • Last Updated: October 23, 2019, 7:23 PM IST
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मेरठ. दिल्ली एनसीआर में तो प्रदूषण का कहर है ही ... मेरठ जनपद में भी प्रदूषण का स्तर रिकॉर्ड तोड़ रहा है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के बढ़ते स्तर के मद्देनजर इस बार भी पटाखा बिक्री को लेकर नए नियम-कानून लागू किए गए हैं...ऐसे में पटाखा विक्रेता खासे परेशान हैं...दुकानदारों का कहना है कि ग्रीन पटाखों की बात कही जा रही है लेकिन ग्रीन पटाखों को बाज़ार में उपलब्ध भी तो होना चाहिए.....दुकानदारों का कहना है कि पर्यावरण की चिंता हमें भी है लेकिन इस धंधे से उनकी रोजी-रोटी भी जुड़ी हुई है..न्यूज़ 18 की टीम ने ग्रीन पटाखे को लेकर जब मेरठ के कुछ दुकानदारों से बात की तो वो सामान्य पटाखा और ग्रीन पटाखा का अंतर भी नहीं बता पाए.

 जानिए ग्रीन पटाखों की सच्चाई...दुकानदारों को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं ग्रीन पटाखे..

जानिए ग्रीन पटाखों की सच्चाई...दुकानदारों को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं ग्रीन पटाखे..


दिल्ली एऩसीआर प्रदूषण से कराह रहा है...दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का कहर है...मेरठ भी प्रदूषित शहरों में से एक है. ..यहां पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर तीन सौ का आंकड़ा पार कर चुका है...इस बार मुख्य रूप से ग्रीन पटाखों की बिक्री की बात कही जा रही है. पटाखा बिक्री लाइसेंस भी पूर्व के वर्षो के मुकाबले कम है. नियम-शर्तो के बीच मेरठ में पटाखा विक्रेताओं का कहना है कि जब उन्हें ग्रीन पटाखे मिलेंगे तभी तो वो बेचेंगे. दुकानदारों ने न्यू़ज़ 18 की टीम से अपनी परेशानियां भी साझा की.

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पटाखा विक्रेताओं ने बताया कि कर्ज लेकर दो महीने पहले पटाखा बिक्री की तैयारी शुरू की. हर साल बड़ी मात्रा में पटाखे खरीदकर शहर में बिक्री के लिए लाते थे. पिछले साल भी स्टॉक किया गया और सप्लायर को एडवांस के रूप में मोटी रकम दी लेकिन एनसीआर में पटाखों की बिक्री को लेकर नए नियम क़ानून से उन्हें तगड़ा झटका लगा है.

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ग्रीन पटाखे कम हानिकारक:
ग्रीन पटाखों के जलाने से प्रदूषण कम फैलता है. सामान्य की अपेक्षा ग्रीन पटाखों को जलाने से सूक्ष्म कणों का उत्सर्जन 30 से 40 प्रतिशत कम होता है. सल्फर डायऑक्साइड का उत्सर्जन भी कम होता है. लेकिन अभी इसका उत्पादन सीमित है. ग्रीन पटाखे भले ही बाजा़र में अभी उतनी संख्या में उपलब्ध न हों..लेकिन आप लोगों को अपने शहर के प्रदूषण को कम करने के लिए ख़ुद ही जागरुक रहना होगा..क्योंकि अगर हम नहीं चेते तो दीपावली के बाद आपके शहर के हालात भयावह हो सकते हैं..

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First published: October 18, 2019, 5:01 PM IST
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