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AIADMK नेता ने PM मोदी की इस भगवान से तुलना, जानिए नरसिंह अवतार के बारे में!

News18Hindi
Updated: March 2, 2019, 12:52 PM IST
AIADMK नेता ने PM मोदी की इस भगवान से तुलना, जानिए नरसिंह अवतार के बारे में!
नरसिंह भगवान

नरसिंह भगवान ने हिरणाकश्यप राक्षस को गोद में लिटाकर अपने बड़े-बड़े नाखूनों से उसकी छाती चीर दी...

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  • Last Updated: March 2, 2019, 12:52 PM IST
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Air Strike: तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने शुक्रवार को एयर स्ट्राइक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए उन्हें भगवान विष्णु के अवतार नरसिंह भगवान की उपमा दी. पनीरसेल्वम ने कहा कि 'आतंकवाद की धमकियों के सामने झुके बिना मोदी ने नरसिंह अवतार लिया और सैंकड़ों आतंकवादियों का सफाया कर दिया, जिसकी विश्व ने सराहना की.' ऐसे में यह सवाल मन में उठना लाजमी है कि आखिर कौन हैं नरसिंह भगवान. आइए जानते हैं विस्तार से:

नरसिंह भगवान:
नरसिंह भगवान को विष्णु जी का अवतार माना जाता है. उनका आधा रूप मानव का है और आधा सिंह का है. दक्षिण भारत में वैष्णव सम्प्रदाय के लोग उनकी पूजा करते हैं. उनका मानना है कि संकट के समय में नरसिंह भगवान उनकी रक्षा करेंगे.

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नरसिंह भगवान की कथा:
हिरणाकश्यप नाम का एक राक्षस था जो भगवान विष्णु का घोर विरोधी था. उसके राज्य में जो भी भगवान का नाम लेता उनपर बहुत अत्याचार किए जाते. हिरणाकश्यप चाहता था कि उसकी प्रजा उसे ही भगवान् माने. उनका बेटा प्रह्लाद बहुत बड़ा विष्णु भक्त था. हिरणाकश्यप ने उसे बहुत समझाया और डर दिखाया. लेकिन जब भक्त प्रह्लाद के सामने उसकी एक न चली तो उसने उन्हें पहाड़ी से नीचे फेंकने का आदेश दिया लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से भक्त प्रहलाद को कुछ भी नहीं हुआ. जब हिरणाकश्यप ने यह देखा तो क्रोध से तिलमिला उठा और भगवान को ललकारने लगा. उसी समय उसके महल का खंभा फटा और नरसिंह भगवान अवतरित हुए. उनका रूप देख हिरणाकश्यप कांप उठा. नरसिंह देव, ना पूरे पशु थे और ना पूरे मनुष्य, उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध अस्त्रों या शस्त्रों से नहीं बल्कि अपनी गोद में बिठाकर अपने नाखूनों से उसकी छाती चीर कर किया था.

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बता दें कि हिरणाकश्यप ने ब्रह्मा जी की तपस्या कर उनसे वरदान मांगा था कि उसे न कोई इंसान मार पाए और न ही जानवर. न मैं रात में मारा जाऊं और न सुबह, न मेरी मौत घर के अन्दर हो न बाहर. इसलिए भगवान विष्णु को नरसिंह का अवतार लेना पड़े. नरसिंह देव, ना पूरे पशु थे और ना पूरे मनुष्य, उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध अस्त्रों या शस्त्रों से नहीं बल्कि अपनी गोद में बिठाकर अपने नाखूनों से उसकी छाती चीर कर किया था. जिस समय हिरण्यकश्यप वध हुआ उस समय शाम का समय था और महल की देहरी पर बैठकर नरसिंह भगवान ने हिरण्यकश्यप का वध किया.

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First published: March 2, 2019, 8:55 AM IST
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