खाना स्वादिष्ट होने की गारंटी है 'लहसुन का तड़का', क्या आप जानते हैं गार्लिक की ये अनोखी कहानी?

आयुर्वेद में लहसुन काफी उपयोगी है

Benifits of Garlic- लहसुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्त्व पाये जाते है. जिसमें प्रोटीन, वसा, कार्बोज, खनिज पदार्थ, चूना, लोहा होता है. इसके साथ ही विटामिन ए, बी, सी एवं सल्फ्यूरिक एसिड भी पाया जाता है.

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    (विवेक कुमार पांडेय)

    Benifits of Garlic- आज जिस खाने की बात कर रहे हैं वह मुख्य रूप से मूल खाना तो नहीं लेकिन बिना इसके स्वाद अधूरा रहता है. हालांकि, एक बात मैं क्लियर कर दूं कि कुछ लोग प्याज की तरह इस खाने से भी दूर रहते हैं. जी तो मैं बात कर रहा हूं 'लहसुन' (Garlic) की. नॉनवेज खाने वाले तो गार्लिक चिकन और मटन खूब पसंद करते हैं. साथ ही गार्लिक नान भी शाकाहारियों में काफी मशहूर है.

    काफी पुराना है इतिहास

    लहसुन के कई प्रकार होते हैं और जो लहसुन आज आम तौर पर हम प्रयोग में लाते हैं वो पांच हजार साल से उपलब्ध है. लहसुन की ओरिजिन सेंट्रल एशिया बताया गया है लेकिन पिछले पांच हजार सालों से यह भारत, चीन और मिस्र में पाया जाता है. असल में यह प्याज की नस्ल का ही एक प्रकार है. दोनों जमीन के अंदर उगते हैं. प्याज में परतें होती हैं और लहसुन में कलियां/फांके.

    खाने के साथ दवा में भी प्रयोग

    खाने में तो अलग-अलग तरह से लहसुन का प्रयोग होता ही है लेकिन दवाओं में भी इसका प्रयोग खासा किया जाता है. आयुर्वेद में इसका काफी अहम रोल है साथ ही पारंपरिक नुस्खों में भी लहसुन ज्यादातर घरों में प्रयोग होता है. यहां तक कि जो लोग इसे नहीं खाते हैं वह भी तेल में पका कर इससे मालिश कराने से नहीं चूकते. बाकी अलग-अलग डिशों में तो यह कमाल करता ही है.

    यह हैं फायदे

    लहसुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्त्व पाये जाते है. जिसमें प्रोटीन, वसा, कार्बोज, खनिज पदार्थ, चूना, लोहा होता है. इसके साथ ही विटामिन ए, बी, सी एवं सल्फ्यूरिक एसिड भी पाया जाता है. साथ ही इसमें सल्फर और ऐलीसिन भी है. ऐलीसिन, बैक्टीरिया-रोधक, फफूंद-रोधक एवं एंटी-ऑक्सीडेंट माना जाता है. यह एक 12 मासी फसल है. भारत में 8.34 लाख टन लहसुन पैदा होता है. यह चीन के बाद दुनिया में दूसरे स्थान पर है.

    तो आपको क्या पसंद है

    रेस्टोरेंट में जाते ही गार्लिक नान की खुशबू आपकी भूख को बढ़ा ही देती है. इसके साथ ही अगर आप मांसाहारी खानों को पसंद करते हैं तो आपके लिए गार्लिक बेस्ट करी के बहुत सारे विकल्प मौजूद होते हैं. मैं ऐसे कई दोस्तों को जानता हूं जो गार्लिक नान के साथ गार्लिक चिकन का स्वाद उड़ाते हैं. शाकाहारियों में भी लहसुन पसंद किया जाता है. कुछ लोग लहसुन-प्याज से जरूर दूर रहते हैं.

    चंपारण मीट की जान है

    हाल ही में बिहार के चंपारण से दुनियाभर में फैला चंपारण मीट लोगों की पसंद बनता जा रहा है. जीआई टैग मिलने के बाद यह एक सम्मानित ब्रांड भी बन गया है. ऐसे में खाने के शौकीन लोगों को पता होगा कि चंपारण मीट की जान है यह लहसुन. इसमें इसे काटा नहीं जाता है बल्कि सीधे ही डाल दिया जाता है. मीट के पीस के साथ लोगों में लहसुन की भी होड़ मचती है.

    सबसे अच्छी बात है कि लहसुन कच्चा भी खाया जाता है, आधा पका हुआ भी और पूरा भुना हुआ भी. दुनियाभर में इसके दीवाने हैं. कई डिशेज तो केवल लहसुन के उपयोग के लिए ही बनाई गई हैं. प्याज के 'खानदान' का है तो प्याज के साथ सब्जी में भी मिल-जुल कर ही रहता है. आप भी आनंद लीजिए इसके स्वाद का और इसके औषधीय गुणों का...
    Published by:Bhagya Shri Singh
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