क्या आप जानते हैं उन पेड़ों के बारे में जो सबसे ज्यादा देते हैं ऑक्सीजन

पीपल का पेड़ सबसे ज्यादा ऑक्सीजन का निर्माण करता है-Image/news18

पेड़ों को काटने पर सजा और जुर्माना होने के बावजूद पेड़ों (Trees) का कटान बड़े पैमाने पर होता रहा है. लेकिन अब जब कोरोना के चलते (Due to corona) देश में ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी सामने आयी है तो लोग पेड़ों के महत्त्व को कुछ हद तक ज़रूर समझ रहे हैं.

  • Share this:
    पेड़ों को ऑक्सीजन (Oxygen) का सबसे बेहतर स्रोत (Best source) माना जाता है लेकिन इसके बावजूद इसके महत्त्व (Importance) को न समझते हुए पेड़ों की कटान बड़े पैमाने पर होती रही है. अब जब कोरोना के चलते देश में ऑक्सीजन की कमी सामने आयी है तो लोग पेड़ों के महत्त्व को कुछ हद तक समझ रहे हैं और एक-दूसरे को पेड़ लगाने की सलाह दे रहे हैं. आज हम आपको यहाँ उन पेड़ों के बारे में बताएंगे जो पर्यावरण को सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देते हैं. आइये जानते हैं इसके बारे में.

    पीपल का पेड़

    पीपल का पेड़ धार्मिक तौर पर तो काफी महत्वपूर्ण होता ही है लेकिन इसका विशेष महत्व ज्यादा ऑक्सीजन देने की वजह से भी काफी होता है. जानकारी के अनुसार पीपल का पेड़ चौबीस घंटे ऑक्सीजन छोड़ता है यानी रात को भी ये पेड़ ऑक्सीजन का निर्माण करता है. ये पेड़ चिकित्सा के क्षेत्र में भी काफी महत्व रखता है.

    ये भी पढ़ें: व्हीट ग्रास जूस से दूर होगी सूजन, हाजमा होगा दुरुस्‍त, जान लें इसके अन्‍य फायदे


    बरगद का पेड़

    बरगद का महत्व धार्मिक तौर पर और चिकित्सा के क्षेत्र में तो काफी है ही. इसको राष्ट्रीय वृक्ष के रूप में भी मान्यता प्राप्त है. ये पर्यावरण को ऑक्सीजन भी काफी मात्रा में देता है. बरगद का पेड़ भी लगभग बाइस घंटो तक ऑक्सीजन का निर्माण करता है. कहते हैं ये पेड़ जितना ज्यादा विशाल और घना होगा ऑक्सीजन का निर्माण भी उतना ही ज्यादा करेगा.

    नीम का पेड़

    नीम का पेड़ अपने औषधीय गुणों की वजह से तो काफी महत्त्व रखता ही है. लेकिन ऑक्सीजन की बात करें तो ये पेड़ भी पर्यावरण में लगभग बाइस घंटे ऑक्सीजन रिलीज़ करता है. इसके बारे में ये भी कहा जाता है कि नीम के पेड़ को लगाने से आस-पास की हवा में मौजूद बैक्टेरिया ख़त्म हो जाते हैं.

    अशोक का पेड़

    अशोक का पेड़ पीपल और नीम की तरह विशाल तो नहीं होता है लेकिन पर्यावरण को ऑक्सीजन काफी मात्रा में देता है. ये पेड़ ऑक्सीजन तो ज्यादा देता ही है साथ ही ये दूषित गैसों को सोखकर इसको शुद्ध बनाने का काम भी करता है.

    जामुन का पेड़

    जामुन का पेड़ काफी विशाल होता है और ये लगभग पचास से अस्सी फिट तक लम्बा हो सकता है. इसके फल सेहत को जितना फायदा पहुंचाते हैं. पेड़ भी पर्यावरण को काफी मात्रा में ऑक्सीजन देकर हम सबको फायदा पहुंचाता है. इसके साथ ही ये पेड़ सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन जैसी जहरीली गैसों को भी हवा से सोख लेने का काम करता है.

    अर्जुन का पेड़

    अर्जुन का पेड़ भी पर्यावरण को ज्यादा ऑक्सीजन देने के लिए जाना जाता है. इसके साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में और हिन्दू धर्म के क्षेत्र में भी ये विशेष महत्त्व रखता है. ये पेड़ पर्यावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड और अन्य दूषित गैसों को सोख कर उनको ऑक्सीजन में बदलने का काम करता है.

    ये भी पढ़ें: क्या आप जानते हैं हरसिंगार सेहत के लिए कितनी तरह से फायदेमंद है ?
    बांस का पेड़


    बांस का पेड़ पेड़ की श्रेणी में कम और लम्बी घास की श्रेणी में ज्यादा आता है. ये सबसे तेज बढ़ने वाला पेड़ या घास है जो बाकी सामान्य पेड़ों की अपेक्षा पर्यावरण को तीस प्रतिशत ज्यादा ऑक्सीजन देता है.

    तुलसी का पौधा

    तुलसी का पौधा वैसे तो पेड़ की तरह विशाल नहीं होता है लेकिन पर्यावरण को ऑक्सीजन काफी देता है. दो से तीन फिट का ये पौधा केवल दिन में ही नहीं बल्कि रात को भी ऑक्सीजन का निर्माण करता है. हिन्दू धर्म में जहाँ इस पौधे का विशेष महत्त्व है तो चिकित्सा के क्षेत्र में भी ये काफी महत्वपूर्ण माना जाता है.
    Published by:Meenal Tingel
    First published: