बेंगलुरु: यह खाने का अड्डा बेहतरीन है, तो आप कब जा रहे हैं 'विद्यार्थी भवन'

यहां के बटर मसाला डोसा की बात ही अलग है. Image:food.clickz/Instagram

यहां के बटर मसाला डोसा की बात ही अलग है. Image:food.clickz/Instagram

वैसे तो बेंगलुरु (Bengaluru) में खाने के कई ठिकाने हैं, लेकिन 'विद्यार्थी भवन' (Vidyarthi Bhavan) की बात ही अलग है. देश की आजादी से भी पहले से यह स्वाद (Taste) बिखेर रहा है.

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(विवेक कुमार पांडेय)

कर्नाटक (Karnataka) की राजधानी बेंगलुरु में तो वैसे खाने के कई ठिकाने हैं और इस बारे में हम चर्चा भी कर चुके हैं. लेकिन, आज जिस स्थान की बात करने जा रहा हूं वह थोड़ा पुराना है. जी हां देश की आजादी से भी पहले से यह स्वाद (Taste) बिखेर रहा है. मैं बात कर रहा हूं 'विद्यार्थी भवन' (Vidyarthi Bhavan) की.



विद्यार्थियों के लिए ही बना था:
यह रेस्टोरेंट शहर के पुराने इलाके गांधी नगर में है. यहां पहले से ही काफी मात्रा में एजुकेशनल इंस्टीट्यूट थे. यह स्थान भी दो स्कूलों नेशनल हाई स्कूल और आचार्य पाठशाला के बीच में मौजूद था. सन 1943 में इसकी स्थापना की गई थी. तब से लेकर अब तक भले ही इसके मालिक बदल गए हों लेकिन जायके में कोई बदलाव नहीं.

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1970 में बदला था मैनेजमेंट:

सन 1970 में इस रेस्टोरेंट का मैनेजमेंट बदल गया था, लेकिन इसके स्वाद और यहां तक क‍ि कारीगरों पर भी इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा. आज की तारीख में ही दशकों पुराना ओरिजिनल स्वाद यहां पर परोसा जाता है. यहां तक क‍ि इसके डेकोरेशन में भी कोई खास बदलाव नहीं आया है. थोड़े ही परिवर्तन किए गए हैं.

मेन्यू बहुत ही लिमिटेड:

इसका मेन्यू बहुत ही लिमिटेड है. इसमें बटर मसाला डोसा, सागू डोसा और प्लेन डोसा तो सबसे अहम है. यह रेस्टोरेंट के खुलने से लेकर उसके बंद होने तक उपलब्ध रहता है. लेकिन इसके अलावा भी रवा वड़ा, खारा बाथ, केसरी बाथ, उड्डीना वडा, इडली और पूरी सागू के साख चाऊ-चाऊ बाथ भी होता है. यह सब खाने के बाद यहां की एक कॉफी तो बनती ही है.

कतार लग जाती है:

यहां पर खाने वालों की लंबी कतारें लगती हैं. तो जब आप यहां पर जाएं तो थोड़ा वक्त लेकर जाएं. रेस्टोरेंट के खुलने से पहले ही बाहर लोग खड़े रहते हैं. इसके साथ ही एक बात ध्यान रखिएगा कि शुक्रवार को यहां मत जाइएगा क्योंकि इस दिन यहां सबकी छुट्टी रहती है.

कई वीआईपी ले चुके हैं स्वाद का मजा:

आम लोगों के लिए तो यह कमाल की जगह है ही, लेकिन यहां कई वीआईपी भी आते रहते हैं. चाहें वह पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा हों या फिर लंदन के मेयर या फिर कर्नाटक के कई सीएम. यही नहीं सुप्रीम कोर्ट के जज भी यहां स्वाद लेने आते हैं. यही नहीं बड़े डाक्टर, लेखक आदि के लिए भी यह बेहतरीन स्थान रहा है.

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स्वाद में दमदार, रेट है कम:

चूंकि इसका नाम ही विद्यार्थी भवन है और यह खासकर स्टूडेंट्स के लिए शुरू किया गया था तो रेट यहां कम हैं. शायद स्टूडेंट्स को ही ध्यान में रखकर यहां डोसे की कीमत अभी भी 50 रुपए है. साथ ही अभी भी यहां कॉफी 15 रुपए में मिल जाती है.

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