जानें बाल यौन शोषण और मानव तस्करी आखिर कैसे काम करती है

सोशल मीडिया पर बाल यौन तस्करी के बारे में कुछ गलत जानकारी फैलाई जा रही हैं.

एक बच्चे के यौन शोषण या तस्करी के बारे में लोगों से शक्तिशाली भावनात्मक प्रतिक्रिया मिलती है.

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    क्या आपने कभी सोचा है कि छोटे बच्चों (Child) का अपहरण कर उनके साथ क्या किया जाता है या फिर उन्हें कहां रखा जाता है. आपको बता दें कि अपहरण किए गए लाखों बच्चों को भूमिगत सुरंगों में कैद किया जाता है जिन पर वैश्विक रूप से पीडोफाइल लोगों (ऐसे लोग जो बच्चों पर सेक्सुअल रूप से आकर्षित होते हैं) का ग्रुप यौन शोषण और अत्याचार करता है. theconversation.com की खबर के अनुसार सोशल मीडिया पर बाल यौन तस्करी के बारे में कुछ गलत जानकारी फैलाई जा रही हैं. आप इस तरह के विचारों को लॉस एंजिल्स से लंदन तक विरोध प्रदर्शनों द्वारा प्रचारित करते हुए देखेंगे, जिन्हें #saveourchild और #endchildtrafficking हैशटैग से शर्ट और प्लैकेट्स पर लिखकर चलाया जा रहा है.

    एक बच्चे के यौन शोषण या तस्करी के बारे में लोगों से शक्तिशाली भावनात्मक प्रतिक्रिया मिलती है. त्रासदी यह है कि गलत सूचना लोगों को गलत राह पर ले जा रही है जो अनजाने में बाल यौन शोषण और मानव तस्करी को खत्म करने के वास्तविक प्रयासों के खिलाफ काम कर रहे हैं.

    बाल यौन शोषण की सच्चाई
    बाल यौन शोषण के आंकड़े कभी भी सटीक नहीं होते हैं. 40% से कम पीड़ित बच्चे यौन दुर्व्यवहार की रिपोर्ट करते हैं. ऑस्ट्रेलिया के रॉयल आयोग के अनुसार संस्थागत प्रतिक्रियाओं में बाल यौन उत्पीड़न के बारे में खुलासा करने की उम्र महिलाओं के लिए लगभग 20 वर्ष और पुरुषों के लिए 25 वर्ष है. वहीं कुछ तो कभी खुलासा ही नहीं करते.

    10 बच्चों में से एक बच्चे का 18 साल की उम्र से पहले यौन शोषण किया जाता है. वहीं 7 लड़कियों (14%) में से एक और 25 लड़कों (4%) में से एक का यौन शोषण होता ही है. आमतौर पर बच्चे का यौन शोषण करने वाला या तो बच्चे या फिर उनके माता-पिता का जानकार होता है. कई बार यौन शोषण करने वाला नॉन वायोलॉजिकल या फिर इन लॉज का परिवार वाला हो सकता है. 15% से कम मामलों में अपराधी एक अजनबी होता है.

    बाल यौन शोषण और बाल यौन तस्करी दोनों गंभीर वैश्विक समस्याएं हैं. हम सभी को उनके बारे में चिंतित होना चाहिए. लेकिन उन्हें उन व्यापक परिस्थितियों से छोड़ा नहीं जा सकता है जो कई लाखों बच्चों और वयस्कों को आधुनिक रूप में तस्करी और शोषण करने की अनुमति देते हैं. उन्हें परिष्कृत, समग्र और व्यापक-आधारित कानूनी और नीति प्रतिक्रियाओं की जरूरत होती है. उनकी वास्तविकता और जटिलता को गलत तरीके से समझने, और वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने वाले झूठी बातों पर न जाएं.
    Published by:Purnima Acharya
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