हर छोटी-बड़ी चीज के लिए डालिए शुक्रिया कहने की आदत, मिलेगी संतुष्टि और खुशी  

शुक्रिया कहने से पॉजिटिविटी मिलती है-Image credit/pexels-giftpunditscom

शुक्रिया कहने से पॉजिटिविटी मिलती है-Image credit/pexels-giftpunditscom

हर छोटी-बड़ी चीज के लिए शुक्रिया कहने की आदत आपको संतुष्टि और खुशी का अहसास (Feeling of satisfaction and happiness) करवाती है. साथ ही आपकी सेहत को दुरुस्त रखने में भी भूमिका निभाती है (It also plays a role in maintaining health) जानें कैसे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2021, 2:12 PM IST
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एक छोटा सा शब्द 'शुक्रिया' (Small word 'gratitude') आपके अंदर बहुत कुछ बदल सकता है. ये आपके अंदर की नेगेटिविटी को पॉजिटिविटी में बदल कर, आपको संतुष्टि और ख़ुशी का अहसास (Make you feel satisfied and happy) करवा सकता है. इसलिए हर छोटी-बड़ी चीज़ के लिए केवल दूसरों से ही नहीं, बल्कि खुद से और ईश्वर से भी 'शुक्रिया' कहने की आदत आपको डालनी चाहिए. इस सम्बन्ध में verywellmind में प्रकाशित एक खबर के अनुसार 'शुक्रिया' जितना ज्यादा बोला जाये उतना ही ये आपकी सेहत के लिए बेहतर (Good for your health) होता है. जो चीज़ आपके पास नहीं है उसके लिए परेशान होना छोड़कर अगर आप उन चीज़ों के लिए शुक्रगुज़ार होंगे जो आपके पास हैं, तो ये सोच आपके अंदर की निगेटिविटी को हटाकर पॉजिटिविटी को जन्म देगी जिससे आपको ख़ुशी मिलेगी और ये आपकी सेहत के लिए बेहतर होगा.

शुक्रिया करने से क्या होता है

इस बात के कई वैज्ञानिक सुबूत हैं कि 'शुक्रिया' करने का बेहतर असर आपकी सेहत पर भी पड़ता है. जब आप उन चीज़ों से संतुष्ट होते हैं जो आपके पास हैं और उन चीजों के लिए परेशान नहीं होते हैं जो आपको हासिल नहीं हैं, तो आप खुश रहते हैं और अपना मन अच्छी चीजों में लगाते हैं. एक्सरसाइज़ करते हैं और हेल्दी डाइट लेते हैं जिससे आपकी सेहत दुरुस्त रहती है और मेंटल टेंशन कम होने के साथ ही ब्लडप्रेशर जैसी चीज़ें भी कंट्रोल में रहती हैं. इतना ही नहीं  यह आपके आत्मसम्मान को बढ़ाता है और आपको ज्यादा आशावादी बनाता है.

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

मैरिज एंड फैमिली थैरेपिस्ट डॉ. एमीई केलर के अनुसार जब हम किसी चीज़ के लिए संतुष्ट होते हैं और खुश होकर शुक्रगुज़ार होते हैं तो इस दौरान शरीर में डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर सक्रिय होते हैं. जो मस्तिष्क को ऑक्सीटोसिन हार्मोन जारी करने की वजह बनते हैं. इसके चलते इंसान के अंदर प्यार, उदारता और विश्वास जैसी भावनाएं पैदा होती हैं और व्यक्ति खुद को सामाजिक बंधनों से जुड़ा हुआ महसूस करता है.

'शुक्रिया' करने की ऐसे डालें आदत



किसी भी चीज़ के लिए शुक्रिया करने की आदत डालने के लिए आपको कुछ भी स्पेशल करने की या ख़ास पलों के इंतज़ार की ज़रूरत नहीं है. बस आपको उन छोटी-छोटी चीज़ों से शुरुआत करनी है जो आपके पास हैं या आपको मिल रही हैं. उदाहरण के तौर पर जिस गर्म चाय का आप आनंद ले रहे हैं, उसके लिए शुक्रिया करें. आप सोच रहे होंगे किसका? तो आप इसके लिए उस इंसान का शुक्रिया कर सकते हैं जिन्होंने आपको चाय बनाकर और लाकर दी. आपने खुद बनाई है तो आप इसके लिए खुद का और ईश्वर का शुक्रिया भी कर सकते हैं जिन्होंने आपको इस लायक बनाया कि आप चाय पी रहे हैं. क्योंकि निम्न स्तर के बहुत लोग ऐसे हैं जो इस हाल में भी नहीं हैं जो चाय पीने का खर्च भी सह सकें. इसी तरह आप जिस घर में रह रहे हैं उसके लिए शुक्रिया करें. किसी ने आपकी कार को पार्किंग में लगाया इस बात को सोचकर उसका शुक्रिया करें. किसी ने मेसेज से आपका हाल पूछा तो इसके लिए उसका शुक्रिया करें. छोटी-छोटी बातों के लिए भी आप शुक्रगुज़ार हो सकते हैं जो आपकी पर्सनेलिटी को बूस्ट करेगा और आपको ख़ुशी देगा.

ये हैं दुनिया के सबसे खुशहाल देश

द यूनाइटेड नेशन की 2018 और 2019 की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में फिनलैंड नंबर एक पर रहा था. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट वैश्विक खुशी का एक सर्वे है जो 156 देशों के कुछ चुनिंदा लोगों को अपने खुद की लाइफ के फीडबैक रेटिंग द्वारा रैंक करती है. अब यह सोचने वाली बात है कि फिनलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क और आइसलैंड जैसे देश दुनिया के सबसे खुशहाल लोगों की लिस्ट में नंबर एक पर क्यों रहते हैं. तो बता दें कि स्कैंडिनेवियाई अपनी ख़ुशी के लिए शुक्रिया करते रहने को महत्व देते हैं. साथ ही वे कामकाजी समाज की सराहना भी करते हैं जिसमें उनकी आर्थिक सुरक्षा होती है.

बिजी रहकर भी कर सकते हैं शुक्रिया

मैरिज एंड फैमिली थैरेपिस्ट डॉ. एमीई केलर के अनुसार, खुद को खुश रखने के लिए शुक्रिया करने की आदत ज़रूर डालनी चाहिए.  भले ही आप कितने भी बिजी क्यों न हों. केलर कई बड़े व्यवसायिक लोगों के साथ काम करती हैं और वह उन्हें भी बड़ी बैठकों से पहले शुक्रिया करने की प्रैक्टिस करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं. उनका मानना है कि शुक्रिया करने का ये तरीका सामने वाले की सोच को आपके प्रति पॉज़िटिव बनाता है. साथ ही उसके मन में सहयोग की भावना को जन्म देता है जिससे बातचीत सकारात्मक होती है.

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शुक्रिया से रिश्ते बनते हैं मजबूत

हार्वर्ड हेल्थ द्वारा प्रकाशित समाचार पत्र के रिसेंट इशू के अनुसार, शुक्रिया करना ख़ुशी से जुड़ा होता है. ये लोगों में पॉज़िटिव फीलिंग को जन्म देता है. साथ ही विपरीत परिस्थितियों से निपटनें, हेल्थ को बेहतर बनाने और रिश्तों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है.
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