क्या आपको भी ऑफिस में लगता है इस बात का डर? 'पीपल प्लेजर' के शिकार तो नहीं आप

क्या आपको भी ऑफिस में लगता है इस बात का डर? 'पीपल प्लेजर' के शिकार तो नहीं आप
अलग-अलग स्तर और कंपनियों में काम करने वाले 10 में से 7 यानि कि लगभग 69 प्रतिशत लोगों का कहना है कि कोरोना के कारण उन्हें वर्क फ्रॉम होम करने की आजादी मिली है, लेकिन अब वो वापस ऑफिस लौटना चाहता हैं और एक रूटीन लाइफ शुरू करना चाहते हैं. वहीं, 67 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कोरोना वैक्सीन मिलने के बाद वो घूमने में दिलचस्पी रखते हैं.

'पीपल प्लेजर' (People Pleaser) यानि दूसरों को कंफर्ट देने वाले कर्मचारी. हालांकि यह गलत नहीं है लेकिन इससे आपकी परफॉर्मेंस, कॉन्फिडेंस और आपकी काबिलियत पर गलत असर पड़ता है...

  • News18Hindi
  • Last Updated : January 22, 2021, 2:43 pm IST
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    कामकाजी लोग घर से ज्यादा अपने ऑफिस (Office) में समय बिताते हैं. एक तरह से ऑफिस कर्मचारियों (Employees) का दूसरा घर होता है और इसमें काम करने वाले कर्मचारी उनके फैमिली मेंबर की तरह बन जाते हैं. क्या आपको ऑफिस में अपने कर्मचारियों के बीच खुद में हिचकिचाहट (Hesitation) और उनके हिसाब से काम करने की मजबूरी या फिर उनकी हर बात पर मजबूरन हां में हां मिलाना जैसी बातें महसूस होती हैं. क्या आप अपने सहकर्मियों की सुविधानुसार काम करते हैं. यदि 'हां' तो आप 'पीपल प्लेजर' (People Pleaser) यानि दूसरों को कंफर्ट देने वाले इंसानों की श्रेणी में आते हैं. हालांकि यह गलत नहीं है लेकिन इससे आपकी परफॉर्मेंस, कॉन्फिडेंस और आपकी काबिलियत पर गलत असर पड़ता है. हम आपको कुछ टिप्स बता रहे हैं जो आपकी इस समस्या को दूर कर सकती हैं.

    1. पहले सीखें और फिर बदलें
    पहले ये जानें कि आप ऐसा क्यों करते हैं. क्या आपके मन में कोई डर है. हम आपको बताते हैं कि 'पीपल प्लेजर' बनने के कई कारण होते हैं, जैसे कि रिजेक्शन का डर, साथियों के बीच स्वीकृति, फेल होने जैसी आदि बातों का डर जो आपको ऐसा बनने पर मजबूर करते हैं. अगर ऐसा है तो धीरे-धीरे ऑफिस के माहौल को परखें और न कहने की आदत डालें. याद रहें खुद को कम आंकने की बजाय ऊपर रखें. हालांकि इसमें समय लगेगा लेकिन यह आपके लिए ही बेहतर होगा.

    2. इसे कमी नहीं लक्ष्य बनाएं
    'पीपल प्लीजर' की समस्या को आप अपनी कमी नहीं अपनी मजबूती बनाएं. इसे अपने लक्ष्य की तरह समझें. यह ऑफिस में आपकी एक नई छवि का निर्माण करेगा. ऑफिस में खुलकर अपना पक्ष रखें. मैनेजर से फ्रेंडली रहें. इससे आपको प्रोफेशनली डेवलेप होने में मदद मिलेगी.



    3. ना कहना सीखें
    इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आपको कैसे ने कैसे 'ना' कहने की आदत डालनी होगी. किसी भी मुद्दे पर सोचे-समझे बिना हां में हां मिलाना छोड़ना होगा. किसी तरह से आप अप्रत्यक्ष रूप से ना करना सीखें. इससे आपको बहुत राहत पहुंचेगी. अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो तनाव आप पर भारी हो सकता है.

    4. धीरे-धीरे करें व्यवहार में बदलाव
    'पीपल प्लीजर' की छवि से बाहर निकलने के लिए धीरे-धीरे अपने व्यवहार में बदलाव लाएं. क्योंकि, व्यवहार में एकदम बदलाव ऑफिस में आपके के लिए विपरीत माहौल बना सकता है. एक-एक कर चीजों को बदलें, उन्हें फिर उन्हें महसूस कर अगला कदम तय करें.

    5. संबंध का दायरा बढ़ाएं
    ऑफिस में किसी भी कर्मचारी से मदद मांगने में हिचकिचाएं नहीं. आप हमेशा अपने सहकर्मियों से मदद के लिए पूछें और मदद मांगे भी. इससे आप अपने काम और अवसर पर फोकस कर सकेंगे. सहकर्मियों से संबंध और बातचीत का दायरा बढ़ाते रहें.

    6. सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर न लें
    टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, 'पीपल प्लीजर' से ग्रस्त कर्मचारी को लगता है कि ऑफिस में अनुशासन बनाने की जिम्मेदारी सिर्फ उन्हीं पर है. वह समझते हैं कि अगर वे सहकर्मियों की मदद नहीं करेंगे तो वे अपना काम पूरा नहीं कर पाएंगे. रूकिए, यह आपकी जिम्मेदारी नहीं है, टीम में और भी कर्मचारी हैं जिनकी भी काम को पूरा कराने की जिम्मेदार बनती है. अगर आप यह सोचकर चलेंगे तो आपको इससे बहुत राहत मिलेगी और तनाव भी कम होगा.