National Parents' Day 2020: जानिए क्यों मनाया जाता है पेरेंट्स डे? क्या है इसका महत्व

National Parents' Day 2020: जानिए क्यों मनाया जाता है पेरेंट्स डे? क्या है इसका महत्व
नेशनल पेरेंट्स डे मनाने की शुरुआत पहली बार 8 मई, 1973 को दक्षिण कोरिया में हुई थी.

भारत (India)में हर साल जुलाई महीने के चौथे रविवार को नेशनल पेरेंट्स डे (National Parents Day) मनाया जाता है. हालांकि विभिन्न देशों में यह अलग-अलग तारीखों में मनाया जाता है. दुनिया में नेशनल पैरेंट्स डे क्यों मनाया जाता है, आज हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं.

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National Parents' Day 2020: आज नेशनल पेरेंट्स डे है. यह हर साल जुलाई महीने के चौथे सप्ताह में मनाया जाता है. जिस तरह फादर्स डे, मदर्स डे मनाया जाता है वैसे ही नेशनल पेरेंट्स डे मनाया जाता है. नेशनल पेरेंट्स डे मनाने की शुरुआत पहली बार 8 मई, 1973 को दक्षिण कोरिया में हुई थी. दक्षिण कोरिया में हर साल 8 मई को मातृ और पितृ दिवस के बजाय पेरेंट्स डे मनाया जाता है. साल 1994 में आधिकारिक रूप से पेरेंट्स डे मनाने की शुरुआत अमेरिका में हुई. इस साल पहली बार जुलाई महीने के चौथे रविवार को अमेरिका में पेरेंट्स डे मनाया गया. इसके बाद से हर साल राष्ट्रीय पेरेंट्स डे मनाया जाता है.

इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य माता-पिता के प्रति आभार और सम्मान प्रकट करना है. इस दिन बच्चे अपने माता-पिता को गिफ्ट देकर उनको खुश करते हैं. आज के दिन बच्चे अपने-अपने तरीके से माता-पिता को खुश करने का प्रयास करते हैं. नेशनल पेरेंट्स डे क्यों मनाया जाता है और इसको मनाने के क्या महत्व है आज हम इसके बारे में जानेंगे.

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क्या है पेरेंट्स डे का इतिहास
दुनिया के सभी देशों में पेरेंट्स डे मनाया जाता है, लेकिन एक ही तारीख में सभी देशों में नहीं मनाया जाता. भारत और अमेरिका में जुलाई के चौथे रविवार को पेरेंट्स डे मनाया जाता है तो वहीं, वियतनाम में 7 जुलाई को मनाया जाता है. ऐसे ही फिलीपींस में दिसंबर महीने के पहले सोमवार को पेरेंट्स डे मनाया जाता है. लेकिन कई देशों में इसे जून के महीने में मनाया जाता है.

पेरेंट्स डे का महत्व
भारतीय संस्कृति के अलावा भी दुनिया भर में माता-पिता को ईश्वर का दर्जा दिया गया है. मां को ममता का सागर और पिता को खुशियों का भंडार कहा गया है. मां- बाप बच्चे की परवरिश के लिए कठिन परिश्रम करते हैं. तब जाकर अपनी संतान को काबिल बना पाते हैं. हर मसीबत में मां- बाप ही अपने बच्चे के लिए सबकुछ होते हैं. शायद इसीलिए उन्हें ईश्वर का रूप कहा जाता है. आज का दिन बच्चों और पेरेंट्स दोनों के लिए खास महत्व रखता है. पेरेंट्स डे को मनाने के लिय दुनिया भर में अलग-अलग तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. इस साल दुनिया में कोरोना महामारी का प्रकोप फैला है, जिसके कारण कोई ऐसे ओपन स्टेज प्रोगाम नहीं हो पाएंगे, जिसमें हजारों लोग शिरकत कर सकते हैं.
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