हर रोज 120 किलोमीटर साइकिल चलाकर मिठाई बेचता है कोलकाता का ये युवक, जानें उसकी कहानी

इमरान मिठाई बेचने के लिए हर दिन 7 से 8 घंटों का सफर तय करता है.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
इमरान मिठाई बेचने के लिए हर दिन 7 से 8 घंटों का सफर तय करता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अनलॉक 1.0 (Unlock 1.0) के बाद इमरान ने अपना बिजनेस (Business) शुरू करने का सोचा और ट्रेन नहीं चलने के कारण साइकिल (Cycle) से ही मिठाई (Sweets) बेचने का काम शुरू कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 3:30 PM IST
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पश्चिम बंगाल (West Bengal) के नदिया (Nadia) जिले का रहने वाल एक 19 वर्षीय युवक इमरान शेख (Imran Sheikh) हर दिन अपनी साइकिल (Cycle) से 120 किलोमीटर का सफर तय करता है और मिठाई (Sweets) बेचता है. राज्य में कोरोना संकट के चलते लोकल ट्रेन बंद है और इस स्थिति में साइकिल के अलावा उस युवक के पास और कोई विकल्प मौजूद नहीं था. अपने जीवनयापन के लिए उस युवक को ये कदम उठाना पड़ा. मुंबई मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक इमरान मिठाई बेचने के लिए हर दिन 7 से 8 घंटों का सफर तय करता है. आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल का नदिया जिला मिठाई के लिए काफी प्रसिद्ध है, खासकर यहां की सरपुरिया मिठाई बहुत लोकप्रिय है. इस युवक का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान वह घर नहीं बैठना चाहता था. अनलॉक 1.0 के बाद उसने अपना बिजनेस शुरू करने का सोचा और ट्रेन नहीं चलने के कारण साइकिल से ही मिठाई बेचने का काम शुरू कर दिया.

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इमरान की लोकल मिठाई विक्रेताओं से पहचान है और उसकी मिठाई की कीमत 5 रुपये प्रति पीस है जो मार्केट प्राइस से काफी कम है. कनस्तरों के अन्दर रखी गई मिठाई को इमरान सुबह 3 बजे पिक करता है. कोलकाता में मिठाई बेचने के अलावा इमरान उन गांवों में भी मिठाई बेचता है जो रास्ते में आते हैं. अंत में सुबह 7 बजे कोलकाता पहुंचकर वह अपनी मिठाई बेचना शुरू करता है. शुरुआत में इमरान 300 पीस मिठाई प्रति दिन के हिसाब से बेचता था लेकिन अब उसका बिजनेस बढ़कर 700 पीस मिठाई हर दिन के हिसाब से हो गया है. ग्राहक उससे अन्य तरह की मिठाई भी मांगते हैं इसलिए इमरान के बिजनेस में काफी उछाल आया है.



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इमरान जो मिठाई बेचता है, उनमें रसगुल्ला, गुलाबजामुन और लेंगचा प्रमुख है. इसके अलावा वह सूखी मिठाई का एक थैला भी साथ में ले जाता है. इस युवक के अभिभावक खेतों में काम करते हैं और वह मिठाई बेचकर परिवार की मदद करता है. सागर उर्फ इमरान को अपने इस बिजनेस से बहुत प्यार है इसलिए लॉकडाउन की सख्ती कम होने पर इसने इसे फिर से शुरू करने का निश्चय किया था. मार्च 2020 में भारत में कोरोना पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन लागू किया गया था और परिवहन के सभी साधन भी बंद कर दिए गए थे. काफी लोगों को ट्रेवल के लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा और इमरान का वाहन उसकी साइकिल थी.
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