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कुल्फियों की इतनी वैरायटी नहीं मिलेगी कहीं, पहुंचें 112 साल पुराने 'कूड़ेमल महावीर प्रसाद कुल्फी वाले' की दुकान पर

कुल्फियों की वैरायटी बढ़ाने के लिए दुकान पर स्टफ्ड कुल्फी जैसे आम, सेब, संतरे की कुल्फी भी मिलेगी.

कुल्फियों की वैरायटी बढ़ाने के लिए दुकान पर स्टफ्ड कुल्फी जैसे आम, सेब, संतरे की कुल्फी भी मिलेगी.

पुरानी दिल्ली (Old Delhi) स्थित सीताराम बाजार के कूंचा पातीराम में सालों पुरानी 'कूड़ेमल महावीर प्रसाद कुल्फी' की दुकान पर वर्ष 1909 से कुल्फी (Kulfi) बेची जा रही है.

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    (डॉ. रामेश्वर दयाल)
    अगर हम कुल्फी (Kulfi) की बात करेंगे तो पुरानी दिल्ली (Old Delhi) जरूर याद आएगी. वो इसलिए कि पुराने वक्त में वॉल्ड सिटी में ही कुल्फी की ईजाद मानी जाती है. यहां से बनकर वह दूसरी जगहों पर पहुंची. पुरानी दिल्ली में जब आप भ्रमण करेंगे तो वहां कुल्फी वाला जब बर्फ के टुकड़ो से भरे गोल-गोल तांबे या मिट्टी के बड़े मटके में कुल्फी से भरे सांचों को घुमाता है तो अंदर से आ रही आवाज कानों और मन में रस घोल देती है. तो अब आप मान लीजिए जब यह कुल्फी सांचों से निकलकर आपकी जुबान तक पहुंचेगी तो यह रस कई गुणा बढ़ जाएगा. कुल्फी बेचने का ऐसा सिस्टम आपको वहीं मिलेगा. हम आपको पुरानी दिल्ली के एक ऐसे ही मशहूर कुल्फी वाले से मिलवा रहे हैं, जिसके पास करीब 45 किस्म और स्वाद और वैरायटी की कुल्फी हाजिर है. इनमें ट्रेडिशनल के अलावा स्टफ्ड कुल्फी भी शामिल हैं. जमाने के नए चलन के साथ इस कुल्फी वाले ने अब वीगन कुल्फी भी बेचना शुरू कर दिया है. कुल्फी की इतनी पुरानी दुकान शायद आपको कहीं और ही मिले. कभी भांग की कुल्फी भी मिला करती थी इस दुकान पर.

    करीब 45 किस्म व स्वाद की कुल्फी मिलेगी, स्टफ्ड कुल्फी मन जीत लेगी
    हम बात कर रहे हैं पुरानी दिल्ली स्थित सीताराम बाजार के कूंचा पातीराम में सालों पुरानी ‘कूड़ेमल महावीर प्रसाद कुल्फी’ की दुकान की, जहां वर्ष 1909 से कुल्फी बेची जा रही है. पहले कुल्फी पर बात कर लें. इस दुकान में लगभग 45 वैरायटी और स्वाद की कुल्फियां मौजूद हैं. इन कुल्फियों में टेड्रिशनल कुल्फी जैसे रबड़ी, मटका, क्रीम, शर्बत, आम की कुल्फी शामिल है. नए मिजाज की कुल्फियों में पान, जामुन, अनार, फालसा यानी अधिकतर फलों की कुल्फी भी मिल जाएंगी. इन कुल्फियों की कीमत 70 से 80 रुपये के बीच है. कुल्फियों की वैरायटी बढ़ाने के लिए दुकान पर स्टफ्ड कुल्फी जैसे आम, सेब, संतरे की कुल्फी भी मिलेगी. इन फलों में स्पेशल कुल्फी और ड्राई फ्रूट भरा जाता है और फिर जमने के बाद उसे पेश किया जाता है. इनकी कीमत 250 रुपये के आसपास है.

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    अब तो वीगन कुल्फी का भी मजा लीजिए, कभी भांग की कुल्फी भी मिलती थी
    इन स्टफ्ड कुल्फियों का जायका शानदार है. ऊपर से फल और अंदर कुल्फी ही कुल्फी. यानी फ्रूट भी खाएं और साथ में कुल्फी का भी मजा उठाएं. खाते वक्त लोग हुम-हुम करने लगते हैं. आजकल इस दुकान में नए जमाने की वीगन कुल्फी भी बेची जा रही है. इसकी अधिकतम 10 वैरायटी और फ्लेवर हैं और इनका रेट 80 रुपये मात्र है. गर्मियों में अगर आप चाहें तो कुल्फी के साथ फालूदा भी खा सकते है. बहुत पहले होली व शिवरात्रि के त्योहारों के दौरान इस दुकान में भांग की कुल्फी भी बेची जाती थी, लेकिन साल 2003 में दिल्ली में भांग की बिक्री पर प्रतिबंध के बाद इस कुल्फी को बंद कर दिया गया. इस भांग की कुल्फी के भी जलवे हुआ करते थे.

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    वर्ष 1909 से बिक रही है कुल्फी, पीतमपुरा में भी है ब्रांच
    अब कुल्फी वालों की भी बात कर ली जाए. इस परिवार ने वर्ष 1909 से कुल्फी बेचना शुरू किया था. सबसे पहले परिवार के सदस्य कूड़ेमल ने इलाके में घूम-घूमकर छाबे में फिर रेहड़ी पर मटका रखकर कुल्फी बेचने का काम शुरू किया. उसके बाद उनके बेटे महावीर प्रसाद ने कुल्फी की कुछ वेरायटी बढ़ाई. पीढ़ी दर पीढ़ी यह कारोबार चलता रहा है. आज ललित शर्मा और मनोज शर्मा अपने खानदानी व्यापार को आगे बढ़ा रहे हैं. दुकान सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक चलती है. अब पीतमपुरा स्थित जेडी ब्लॉक में भी उन्होंने एक ब्रांच खोल ली है. दुकान का कोई अवकाश नहीं है.
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