एक्टिव लोगों के मुकाबले सुस्त लोगों को होता है मौत का दोगुना खतरा:अध्ययन

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Updated: September 2, 2019, 11:38 AM IST
एक्टिव लोगों के मुकाबले सुस्त लोगों को होता है मौत का दोगुना खतरा:अध्ययन
गतिहीन जीवनशैली वाले लोगों को असमय मृत्यु और ह्रदय रोगों का अधिक खतरा होता है. ऐसे में अपने शरीर को फुर्तीला रखें. ताकि आपको अधिकतम स्वास्थ्य लाभ मिल सके

गतिहीन जीवनशैली वाले लोगों को असमय मृत्यु और ह्रदय रोगों का अधिक खतरा होता है. ऐसे में अपने शरीर को फुर्तीला रखें. ताकि आपको अधिकतम स्वास्थ्य लाभ मिल सके

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  • Last Updated: September 2, 2019, 11:38 AM IST
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एक सुस्त और शिथिल शरीर हजारों रोगों का घर होता है. इसलिए फुर्तीले रहो, ये बात हम बचपन से ही सुनते आ रहे हैं पर आलस ऐसी चीज़ है कि हमारा पीछा ही नहीं छोड़ती. पर आपको बता दें कि अभी हाल ही एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है कि स्वस्थ या एक्टिव लोगों के मुकाबले आलसी या गतिहीन रहने वाले लोगों में असमय मृत्यु का जोखिम दोगुना हो जाता है.
अध्ययन की लेखिका नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी की ट्राइन मोहोल्ड ने कहा, अगर आपको स्वस्थ्य शरीर चाहिए तो एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं. गतिहीन जीवनशैली वाले लोगों को असमय मृत्यु और ह्रदय रोगों का अधिक खतरा होता है. ऐसे में अपने शरीर को फुर्तीला रखें. ताकि आपको अधिकतम स्वास्थ्य लाभ मिल सके.
किन लोगों पर किया गया अध्ययन

अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने 20 वर्ष की उम्र तक के नार्वे के सभी निवासियों को वर्ष 1984-1996, 1995-1997 और 2006-2008 के बीच आमंत्रित किया. शोधकर्ताओं ने इन सालों में लोगों से उनके आराम करने और शारीरिक सक्रियता के बारे में सवाल जवाब किया. वर्तमान अध्ययन के लिए पहले और तीसरे सर्वे के डेटा का इस्तेमाल किया गया.इस सर्वे में कुल 23,146 महलाएं और पुरुष शामिल थें.

शोधकर्ताओं ने तीन कैटेगरी में लोगों को विभाजित किया-
निष्क्रिय, मध्यम और उच्च. निष्क्रिय वो लोग थे जो बिल्कुल भी शारीरिक गतिविधि नहीं करते थे. मध्यम वो जो हफ्ते में दो गंटे से भी कम समय तक गतिशील रहे और उच्च वे लोग थे जो हफ्ते में दो घंटे से ज्यादा समय तक सक्रिय रहे.

इन पर हुए शोध में पाया गया कि जो लोग दोनों ही समय निष्क्रिय थे, उसमें किसी भी कारण से होने वाली मौत की संभावना अन्य लोगों के मुकाबले दोगुना थी. साथ ही उनमें हृदय रोगों के कारण होने वाली मौत का जोखिम 2.7 गुना अधिक देखा गया. वहीं, मध्यम श्रेणी के लोगों में अन्य कारणों से होने वाली मौत का खतरा 60 फीसद और हृदय रोगों के कारण होने वाली मौत का खतरा 90 फीसद पाया गया.

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First published: September 2, 2019, 11:38 AM IST
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