भ्रामरी, प्लैंक और इन आसनों से रहेंगे एनर्जी से भरपूर, सीखें योग एक्सपर्ट सविता यादव से

भ्रामरी, प्लैंक और इन आसनों से रहेंगे एनर्जी से भरपूर, सीखें योग एक्सपर्ट सविता यादव से
सीखें योग एक्सपर्ट सविता यादव से

निरंतर योगाभ्‍यास से उम्र का प्रभाव कम होता है. इसके अलावा आंखों की रोशनी बढ़ती है और असमय बालों का सफेद होना रुक जाता है. वहीं ब्‍लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) भी बेहतर बना रहता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : November 30, 2020, 11:02 am IST
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    आज के लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में हाथों और पैरों को मजबूत बनाने वाले कई योगासन सिखाए गए. इसमें बताया गया कि छोटे-छोटे योगाभ्‍यास (Yoga Practice) शरीर की स्‍ट्रेंथ को बढ़ाते हैं. वहीं ये थाई मसल्‍स को स्‍ट्रॉन्‍ग करने के लिए भी बहुत कारगर हैं. आज के इस लाइव सेशन में शीर्षासन, भ्रामरी, प्लैंक आदि कई उपयोगी योगासन के बारे में भी बताया गया. इनके निरंतर योगाभ्‍यास से उम्र का प्रभाव कम होता है. इसके अलावा आंखों की रोशनी बढ़ती है और असमय बालों का सफेद होना रुक जाता है. वहीं ब्‍लड सर्कुलेशन (Blood Circulation) भी बेहतर बना रहता है. इसके अलावा इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने में भी योग की महत्वपूर्ण भूमिका है. साथ ही योगाभ्‍यास करते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि इन्‍हें धीरे-धीरे करना चाहिए. व्‍यायाम से पहले ये तीन नियम जरूर ध्‍यान रखें कि अच्‍छा गहरा लंबा श्‍वास लें, गति का पालन करें और अपनी क्षमता के अनुसार ही योग करें.

    ग्रीवा शक्ति आसन:
    इस योग क्रिया को करने के लिए अपनी जगह पर खड़े हो जाएं. जो लोग खड़े होकर इस क्रिया को करने में असमर्थ हैं वे इसे बैठकर भी कर सकते हैं. जो जमीन पर नहीं बैठ सकते वे कुर्सी पर बैठकर भी इसका अभ्यास कर सकते हैं. कंफर्टेबल पोजीशन में खड़े होकर हाथों को कमर पर टिकाएं. शरीर को ढीला रखें. कंधों को पूरी तरह से रिलैक्स रखें. सांस छोड़ते हुए गर्दन को आगे की ओर लेकर आएं. चिन को लॉक करने की कोशिश करें. जिन लोगों को सर्वाइकल या गर्दन में दर्द की समस्या हो वह गर्दन को ढीला छोड़ें चिन लॉक न करें. इसके बाद सांस भरते हुए गर्दन को पीछे की ओर लेकर जाएं.


    प्लैंक पोज:
    प्लैंक करने से आपकी पाचन क्रिया (metabolism) काफी अच्छी होती है. यदि आप नियमित रूप से तख्त मुद्रा का अभ्यास करते हैं तो आपका वजन तेजी से कम होगा. प्लैंक करने से शरीर में काफी लचक आती है. इससे कॉलरबोन, कंधे की मांसपेशियों में भी खिंचाव आता है. इससे बहुत तेजी से कैलोरी बर्न होती है. ज्यादा कैलोरी बर्न होने से बॉडी की ऑक्सीजन की जरूरत बहुत अच्छे से पूरी होती है और पोषक तत्व भी अच्छी तरह से मिलते हैं.



    अनुलोम विलोम प्राणायाम: सबसे पहले पालथी मार कर सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.

    अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे
    -फेफड़े मजबूत होते हैं
    -बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
    -वजन कम करने में मददगार
    -पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है.

    भ्रामरी प्राणायाम
    यह प्राणायाम सुबह और शाम दोनों ही वक्त कर सकते हैं. प्राणायाम को करते वक्त ध्यान रहे कि आसपास का वातावरण शांत हो.

    भ्रामरी प्राणायाम करने का तरीका
    - भ्रामरी प्राणायाम करने के लिए जमीन पर बैठ जाएं. इसके बाद दोनों हाथों की कोहनियों को मोड़कर कानों तक ले जाएं और अंगूठे के सहारे से कानों को बंद कर लें.
    - कानों को बंद करने के बाद हाथों की तर्जनी उंगली और मध्यमा, कनिष्का उंगली को आंखों के ऊपर ऐसे रखें जिससे पूरा चेहरा कवर हो जाए. इसके बाद मुंह को बंद करके नाक से हल्की-हल्की सांस को अंदर और बाहर छोड़े.
    - 15 सेकेंड तक ये आसान करने के बाद वापस से नॉर्मल स्थिति में आ जाएं. इस प्राणयाम को 10 से 20 बार दोहराएं. आप चाहे तो शुरुआत में इसे 5 से 10 भी कर सकती हैं.

    शीर्षासन
    शीर्षासन सिर के बल किया जाता है. इस आसन को हेडस्टैंड (Headstand) के नाम से भी जानते हैं. ये योगासन कई तरह से लाभ पहुंचाता है. शीर्षासन करने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. आंखों की रोशनी बढ़ाता है, असमय बालों का सफेद होना रोकता है. इसके अलावा दिल और सांस संबंधी समस्याओं में भी यह फायदेमंद होता है.

    शीर्षासन के लाभ:
    शीर्षासन करने से कई तरह के शारीरकि लाभ होते हैं. आंखों की रोशनी बढ़ाता है और असमय बालों का सफेद होना रोकता है.
    यह मस्तिष्क कोशिकाओं में शुद्ध रक्त को बेहतर बनाता है.
    शीर्षासन तनाव को कम करता है. टेंशन फ्री रहने के लिए शीर्षासन का अभ्‍यास करना फायदा देता है.
    इसका निरंतर अभ्‍यास शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ाने में मददगार होता है.
    शीर्षासन पाचन को भी बेहतर बनाता है.