सर्वांग पुष्टि आसन से शरीर रहेगा निरोग, योग एक्सपर्ट सविता यादव से सीखें योग

सविता यादव से सीखें योग
सविता यादव से सीखें योग

शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम एक घंटा योग (Do yoga daily) जरूर करें. योग करने के दौरान सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) का अभ्यास करने से शरीर में स्फूर्ति (Energy) रहती है. साथ ही योगासन का नियमित अभ्‍यास आपको स्‍वस्‍थ बनाए रखेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 20, 2020, 10:41 AM IST
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योग एक्सपर्ट (Yoga Expert) सविता यादव (Savita Yadav) के फेसबुक पर लाइव सेशन में आज कई तरह के योगाभ्‍यास सीखे. इसमें पैरों की जकड़न को दूर करने, टखनों को मजबूत करने के लिए कई छोटे छोटे योगाभ्‍यास सिखाए गए. साथ ही इसमें सर्वांग पुष्टि आसन भी शामिल रहा. यह शरीर के सारे अंगों का योगासन माना जाता है. इसके अलावा सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) ऐसा योग है, जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखता है. साथ ही शवासन के जरिये बॉडी को रिलेक्‍स करना भी इसमें शामिल रहा. यह योगासन शरीर की इम्युनिटी (Immunity) को मजबूत करते हैं. साथ ही इन्‍हें नियमित रूप से किया जाए तो शरीर में एनर्जी का संचार होता है और कई प्रकार की बीमारियों से भी बचाव रहता है. शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन में एक घंटा योग जरूर करें. योग करने के दौरान सूर्य नमस्कार का अभ्यास जरूर करें. यह आसन शरीर में स्फूर्ति लाता है.

सर्वांग पुष्टि आसन
सर्वांग पुष्टि आसन के लिए मैट पर दोनों पैर फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं. मुट्ठी इस तरह बंद करें कि अंगूठा दिखाई ना दे. अब दोनों हाथों को नीचे झुकाकर बाएं टखने के पास बायां हाथ नीचे और दायां हाथ कलाई के ऊपर रखें. सांस भरते हुए धीरे-धीरे दोनों हाथों से ऊपर की ओर बाएं कन्धे के बाजू से सिर तक ले जाएं और दाएं टखने की तरफ सांस छोड़े. दाहिना हाथ नीचे और बायां हाथ ऊपर रखें. दोबारा सांस लेकर दोनों हाथों के नीचे से ऊपर दाएं कन्धे तक लाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं. अब बाईं ओर मुड़ते हुए दोनों हाथों को बाएं कन्धे से नीचे की ओर बाएं टखने तक लाएं. सांस छोड़े, हाथ को बदल-बदलकर बायां नीचे और दाहिना ऊपर रखें. इसे दो बार दोहराएं. हर अंग की चर्बी घटाने के लिए करें 'सर्वांग पुष्टि आसन' बेहतरीन है. लेकिन जो लोग लोअर बैक पेन की समस्या से परेशान हैं वे इस आसन को ना करें.


सर्वांग पुष्टि आसन के फायदे


-फैट को कम करता है
-कमर को लचीला बनाता है
-मांसपेशियों को मजबूत बनाता है
-मोटापा कम करता है

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar)
सूर्य नमस्कार को सभी योगासनों में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.

प्रणाम आसन- इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.

हस्ततुन्नासन- इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

हस्तपाद आसन- इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन- इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

पर्वत आसन- इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

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अष्टांग नमस्कार- इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

दंडासन- इस आसने में, सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ जमीन पर सीधे रखें.

भुजंग आसन- इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

अधोमुखश्वनासन- इस स्थिति में फिर से सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को धीरे धीरे पीछे ले जाएं, दोनों हाथों को आगे की तरफ जमीन से लगाएं और गर्दन को झुकाएं. इस आसन में आप V की स्थिति में आ जाएंगे.

हस्तउत्थान आसन- ये स्थिती दूसरी स्थिती के समान हैं इसे करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथऔर कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

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ताड़ासन- श्वास छोड़ते हुए पहले शरीर सीधा करें फिर हाथों को नीचे लाएंंं. इस अवस्था में विश्राम करें और शरीर में हो रही संवेदनाओं के प्रति सजगता ले आएंं.

सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

शवासन
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.
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