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लॉकडाउन में समय पर सर्जरी नहीं मिलने से कई कैंसर मरीजों की हुई मौत - रिसर्च

लॉकडाउन में समय पर सर्जरी नहीं मिलने से कई कैंसर मरीजों की हुई मौत - रिसर्च

कैंसर के एडवांस्ड स्टेज वाले भी बहुत से मरीज सर्जरी नहीं करा पाए, जबकि उन्हें तत्काल जरूरत थी. (प्रतीकात्मक फोटो- Shutterstock)

कैंसर के एडवांस्ड स्टेज वाले भी बहुत से मरीज सर्जरी नहीं करा पाए, जबकि उन्हें तत्काल जरूरत थी. (प्रतीकात्मक फोटो- Shutterstock)

Cancer Surgery During Corona Lockdowns : स्टडी में, दुनिया भर के लगभग 5,000 सर्जन और एनेस्थेटिस्ट ने 61 देशों के 466 अस्पतालों में 20,000 मरीजों में 15 सबसे आम ठोस कैंसर प्रकारों के डेटा का विश्‍लेषण करने के लिए एक साथ काम किया.

    Cancer Surgery During Corona Lockdowns : साल 2019 के अंत से दुनिया में तबाही मचाने वाली कोरोना महामारी से अभी तक लोग उबर नहीं पाए हैं. भारत समेत कई देश तो अभी तक इससे जूझ रहे हैं. इस दौरान सभी देशों ने समय-समय पर लॉकडाउन भी किया है, ताकि महामारी को फैलने से रोका जा सके. लेकिन लॉकडाउन के चलते अन्य बीमारियों वाले मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. अब एक ताजा स्टडी में पता चला है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान दुनियाभर में 7 में से 1 कैंसर रोगी की अर्जेंट सर्जरी नहीं हो सकी. ब्रिटेन की बर्मिंघम यूनिवर्सिटी (Birmingham University) के शोधकर्ताओं द्वारा की गई स्टडी में, दुनिया भर के लगभग 5,000 सर्जन और एनेस्थेटिस्ट (Surgeon and Anesthetist) ने 61 देशों के 466 अस्पतालों में 20,000 मरीजों में 15 सबसे आम ठोस कैंसर प्रकारों (Most common solid cancer types) के डेटा का विश्‍लेषण करने के लिए एक साथ काम किया.

    इस स्टडी के निष्कर्ष को द् लैंसेट ऑन्कोलॉजी (The Lancet Oncology) में प्रकाशित किया गया है.  इसमें लिखा है कि पहले से निर्धारित कैंसर सर्जरी भी लॉकडाउन से प्रभावित हुई है, भले ही उस समय स्थानीय स्तर पर कोविड मामलों की संख्या कुछ भी रही हो. स्टडी में पाया गया कि कम आय वाले देशों में रोगियों की सर्जरी नहीं होने की आशंका सबसे अधिक थी.

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    पूर्ण लॉकडाउन के समय छह हफ्ते से ज्यादा समय से सर्जरी का इंतजार कर रहे बहुत से मरीजों को तो अपनी पहले से तय सर्जरी रद्द करानी पड़ी. वहीं निम्न एवं मध्यम आय वर्ग वाले देशों में कैंसर के एडवांस्ड स्टेज वाले भी बहुत से मरीज सर्जरी नहीं करा पाए, जबकि उन्हें तत्काल जरूरत थी.

    समय पर सर्जरी होती तो…
    स्टडी में शामिल रिसर्चर्स ने बताया है कि आम जनता को वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए लॉकडाउन आवश्यक है, लेकिन इसका अन्य रोगियों पर भी प्रभाव पड़ा है. ऐसे प्रभावों पर गौर करने वाले पहले अध्ययनों में से एक के तहत शोधकर्ताओं ने पाया कि लॉकडाउन के कारण कैंसर मरीजों की सर्जरी में देरी हुई और अधिक कैंसर मरीजों की मौतें हुईं. उन्होंने कहा कि अगर समय पर उनकी सर्जरी हो जाती तो ऐसी मौतों को रोका जा सकता था.

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    भविष्य के लिए मिली सीख
    रिसर्चर्स ने कोलोरेक्टल, एसोफैगल, गैस्ट्रिक, सिर और गर्दन, स्तन, लीवर, अग्नाशय (pancreatic), प्रोस्टेट, मूत्राशय, किडनी, स्त्री रोग सॉफ्ट-टिश्यु सार्कोमा, बोनी सार्कोमा और इंट्राक्रैनियल विकृतियों सहित कैंसर के प्रकारों से पीड़ित वयस्क रोगियों के डेटा का विश्‍लेषण किया. रिसर्चर्स का कहना है कि लॉकडाउन के कुछ दुष्प्रभावों को देखते हुए भविष्य के लिए जरूरी सीख मिली है.सरकारों को ध्यान देना होगा कि बात चाहे कोरोना की हो या ऐसे ही किसी अन्य संक्रमण की, लॉकडाउन के समय भी यह सुनिश्चित करना होगा कि कुछ गंभीर मामलों में मरीजों को पर्याप्त इलाज मिलता रहे. इस स्टडी के नतीजे सरकारों को भविष्य में ऐसी किसी परिस्थिति में निर्णय लेने में मदद करेंगे.

    ( इनपुट एजेंसी पीटीआई से भी)

    Tags: Health, Health News, Lifestyle, Lockdown

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