• Home
  • »
  • News
  • »
  • lifestyle
  • »
  • राम सुतार के 'सरदार' ने लिया 'स्टैचू ऑफ यूनिटी' का आकार

राम सुतार के 'सरदार' ने लिया 'स्टैचू ऑफ यूनिटी' का आकार

पीएम मोदी 31 अक्टूबर यानी बुधवार को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया. 597 फीट की यह प्रतिमा दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा बताई जा रही है.

  • Share this:
(रचना उपाध्याय, कल्पना शर्मा की रिपोर्ट)

मिट्टी हो या पत्थर, शिल्पकार उसमें अपनी कला से जान डाल देता है. कुछ ऐसी ही कला के धनी हैं शिल्पकार राम वी सुतार. सुतार ने पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट यानी सरदार वल्लभ भाई पटेल की विश्वविख्यात प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के लिए मूल मूर्ति का निर्माण किया है. सुतार की बनाई पटेल की इसी मूर्ति को पहले संसद में और बाद में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी स्थापित किया गया. पद्मश्री और पद्मभूषण राम वंजी सुतार बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी को पटेल की यह मूर्ति इतनी पसंद आई कि उन्होंने इस प्रोटोटाइप को पटेल की 597 फीट की प्रतिमा के लिए चुना.

सुतार कहते हैं कि उनका आज तक किसी से झगड़ा नहीं हुआ, हुआ है तो सिर्फ मिट्टी से. मिट्टी से झगड़ा कर करके सुतार ने एक से बढ़कर एक मूर्तियां तैयार की हैं. दुनिया भर में गांधी की साढ़े तीन सौ मूर्तियां सुतार की तैयार की गई हैं. संसद में लगी इंदिरा गांधी, मौलाना आज़ाद, जवाहरलाल नेहरू समेत 16 मूर्तियों का श्रेय सुतार को जाता है. सुतार ने शायद ही किसी महान भारतीय नेता की प्रतिमा न बनाई हो.

पीएम मोदी ने बुधवार को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया. 597 फीट की यह प्रतिमा दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा होगी. गुजरात के नर्मदा नदी के किनारे सरदार सरोवर बांध के समीप बनाई गई यह प्रतिमा देश-दुनिया के लिए शिल्प कला की एक मिसाल है. इस प्रतिमा की कास्टिंग चीन में की गई है लेकिन सब कुछ शिल्पकार राम वी सुतार के निगरानी में ही हुआ है.

यह भी पढ़ें - मूर्तियों को लेकर क्या सोचते थे सरदार पटेल ?

इस प्रतिमा का कुल वजन 1700 टन है और ऊंचाई 597 फीट यानी 182 मीटर है. इस प्रतिमा का निर्माण 85% कॉपर, 5% टिन, 5% लेड और 5% जिंक को मिलाकर बनाए गए मिश्रण से किया गया है. इस मिश्रण की खासियत है कि इसे कभी जंग नहीं लगती.

कई राजनेताओं की प्रतिमाएं तैयार कर चुके हैं राम वी सुतार


'पीएम मोदी की कल्पना और हमारी मेहनत का नतीजा है स्टैचू ऑफ यूनिटी'
स्टैचू आफ यूनिटी का निर्माण करने वाले शिल्पकार राम सुतार को भारत सरकार पद्मश्री और पद्मभूषण से सम्मानित कर चुकी है. वहीं उन्हें टैगोर कल्चरल अवॉर्ड भी दिया जा चुका है. उनका कहना है कि दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा बनाने का गौरव उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से ही मिल सका है. उन्होंने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पीएम मोदी की कल्पना और उनकी मेहनत का नतीजा है.

यह भी पढ़ें - स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के नीचे लगाया जाए पटेल का RSS को बैन करने का आदेश: कांग्रेस

किसी की मदद लेने में गलत क्या है?
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की चीन में कास्टिंग को लेकर विपक्ष के तंज पर राम वी सुतार ने कहा कि यह प्रतिमा उनकी क्रिएशन है. उन्होंने कहा, "अगर किसी से थोड़ी मदद ली जा रही है तो उसमें गलत क्या है? विपक्षियों की छोटी अक्ल है, उसका कुछ नहीं किया जा सकता. गांधी जी ने हमेशा कहा है या फिर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि देश में शांति अमन और भाईचारा बना रहना चाहिए."

महात्मा गांधी से लगाव

सुतार बताते हैं कि किस तरह जब वह 7-8 साल के थे, तब महाराष्ट्र के उनके गांव में गांधी आए थे. उस वक्त विदेशी कपड़ों और विदेशी माल का बहिष्कार किया जा रहा था. सुतार के पास एक मखमल की टोपी थी, जब उन्हें किसी ने कहा कि यह भी विदेशी थे, तो उन्होंने आव देखा न ताव टोपी को आग के हवाले कर दिया. सुतार के स्टूडियो में अभी भी गांधी की उन सभी प्रतिमाओं के प्रोटोटाइप दिखाई देते हैं जो भारत की किसी ने किसी जगह की शान बढ़ा रही हैं.

अजंता-एलोरा की गुफाओं में फिर से जान फूंकने का श्रेय भी सुतार को जाता है. सुतार बताते हैं कि किस तरह उन्होंने अपनी नौकरी के चार साल एलोरा के मूर्तियों की मरम्मत करने में लगाए थे. वहां आने वाले पर्यटकों द्वारा मूर्तियों से की गई छेड़छाड़, तोड़ा फोड़ी को सुतार ने कुछ इस कदर ठीक किया कि शायद उसे देखकर कहा नहीं जा सकता कि यह मूर्तियां कभी टूटी भी थी.

सुतार मानते हैं कि कला की कद्र करने के लिए ज़रूरी है कि स्कूल के वक्त से इसकी समझ पैदा की जाए. जब बचपन से कला को लेकर संवेदनाएं जगाई जाएगी तभी हम उसके महत्व को समझ पाएंगे. जहां तक सुतार के बचपन की बात है तो उन्होंने बताया कि किस तरह एक बार उन्हें एक बिच्छू ने काट लिया था और उन्होंने उसे मार दिया था. मारने के बाद उन्होंने देखा कि बिच्छू और 501 साबुन का रंग एक जैसा है. तब उन्होंने घर में रखी उस साबुन पर बिच्छू को उकेर दिया था. सुतार का कला से प्रेम बिच्छू के इस किस्से में भी झलक जाता है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज