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बच्‍चों के लिए खतरनाक है मल्टी ऑर्गन इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम, 5 दिन में सामने आए 100 से अधिक मामले

कुछ दुर्लभ मामलों में इससे 6 माह तक के बच्चे प्रभावित बताए गए हैं. Image/shutterstock

विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि MIS-C (Multi organ inflammatory Syndrome) से फेफड़ों के अलावा गुर्दे और मस्तिष्क आदि सभी अंग प्रभावित हो सकते हैं. इसका बेहतर इलाज तभी संभव है जब इसके लक्षणों (Symptoms) की पहचान इसकी शुरुआत में ही कर ली जाए.

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    बच्‍चों की सेहत से जुड़ी यह खबर चौंकाने वाली है. इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर (Indian Academy of Pediatric Intensive Care) के डेटा के हवाले से कहा गया है कि पिछले पांच दिनों में उत्तर भारत में बच्चों में मल्टी-ऑर्गन इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के 100 से अधिक मामले सामने आए. इस बात ने सबको चौंका दिया है. MIS-C (Multi organ inflammatory Syndrome) के मामलों में यह बढ़ोतरी 4 से 18 वर्ष के बीच के कोविड-19 मरीजों में देखी गई है. वहीं कुछ अन्‍य दुर्लभ मामलों में इससे 6 माह तक के बच्चे प्रभावित बताए गए हैं.

    एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि MIS-C से फेफड़ों के अलावा गुर्दे और मस्तिष्क आदि सभी अंग प्रभावित हो सकते हैं. इसका बेहतर इलाज तभी संभव है जब इसके लक्षणों की पहचान इसकी शुरुआत में ही कर ली जाए और समय पर इलाज किया जाए.

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    मल्टी-ऑर्गन इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम के लक्षण
    MIS-C के प्रमुख लक्षण हैं तीन से पांच दिनों तक बुखार का रहना. साथ ही पेट में तेज दर्द, ब्‍लड प्रेशर का लो होना और लूज मोशन आदि होना इसके लक्षण बताए गए हैं. इस खबर के हवाले से बताया गया है कि MIS-C के मामले पंजाब, महाराष्ट्र और राजधानी दिल्ली से सामने आए हैं. साथ ही चिकित्‍सा विशेषज्ञों की ओर से यह हिदायत भी दी गई है कि पेरेंट्स खासतौर पर इस समय अपने बच्‍चों की स्थिति पर नजर रखें. अगर उन्‍हें तीन दिन से अधिक समय तक बुखार रहता है और इसके साथ शरीर में दर्द हो तो इसे लेकर सावधान हो जाएं और समझ लें कि मामला गंभीर है.
    Published by:Naaz Khan
    First published: