Muthulakshmi Reddi: भारत की पहली महिला विधायक और डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी के जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल

Muthulakshmi Reddi, Google Doodle Today: भारत सरकार ने साल 1956 में डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी को पद्म भूषण से नवाजा था.

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Updated: July 30, 2019, 6:52 PM IST
Muthulakshmi Reddi: भारत की पहली महिला विधायक और डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी के जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल
भारत की पहली महिला विधायक और गायनोकोलॉजिस्ट डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी के जन्मदिन पर गूगल ने बनाया डूडल, जानिए उनसे जुड़ी दिलचस्प बातें
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Updated: July 30, 2019, 6:52 PM IST
Google Doodle On 133rd Birthday Of Muthulakshmi Reddi: सर्च इंजन गूगल ने भारत की पहली महिला विधायक डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी के 133वें जन्मदिन के अवसर पर डूडल बनाया है. मुथुलक्ष्मी का जन्म 30 जुलाई 1886 को मद्रास के पुडुकोता रियासत में हुआ था. उनके शुरूआती जीवन और शिक्षा दीक्षा में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. वो देश की पहली ऐसी लड़की थीं जिन्होंने बॉयज स्कूल में एडमिशन लिया था. वह देश की पहली महिला विधायक और डॉक्टर भी थीं. आजीवन उन्होंने महिला अधिकारों और स्वतंत्रता आन्दोलन के लिए लड़ाई लड़ी. आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी रोचक बातें.

डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी का मन शुरुआत से ही पढ़ाई लिखाई में काफी लगता था लेकिन उनका परिवार उनकी पढ़ाई के खिलाफ था. केवल उनके पिता जी ही उनका समर्थन करते थे. उनकी मां उनकी जल्दी शादी कराना चाहती थी. इसी वजह से उन्हें अपना कॉलेज तक छोड़ना पड़ा था. इसके बाद पिताजी ने उनके लिए घर में ही ट्यूशन लगवा दी. हालांकि पढ़ाई पूरी होने के बाद एकबार फिर उनपर घर बसाने का प्रेशर पड़ा. लेकिन विरोध के बावजूद उन्होंने मेडिकल की परीक्षा दी और उनका प्रयास रंग लाया. उन्हें 'मद्रास मेडिकल कॉलेज' में एडमिशन मिल गया. वो देश की पहली महिला हाउस सर्जन

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कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात सरोजिनी नायडू से हुई. यहीं से उनके अंदर महिलाओं और समाज के अन्य पिछड़े तबके के लोगों के लिए काम करने की इच्छा जगी. यह इच्छा और प्रबल तब हो गई जब रेड्डी की मुलाकात एनी बेसेंट और महात्मा गांधी से हुई. उनके विचारों से प्रभावित होकर वह समाज सुधारक के रूप में काम करने लगीं.

उच्च शिक्षा के लिए रेड्डी इंग्लैंड भी गईं. लेकिन मद्रास विधान परिषद में प्रवेश करने के लिए उन्हें मेडिकल प्रैक्टिस छोड़नी पड़ी. वह कांग्रेस 'वीमेन इंडिया असोशिएन' की उपाअध्यक्ष बनीं. बाद में शक्ति हरी हरन द्वारा नॉमिनेट होकर बतौर देश की पहली महिला विधायक उन्होंने मद्रास विधानसभा में कदम रखा. साल 1930 में गांधी के साथ विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र भी दे दिया.

'माय एक्सपीरियंस एस ए लेजिस्लेटर ' नामक अपनी किताब में उन्होंने बतौर महिला विधायक अपने अनुभव साझा किए हैं. साल 1956 में भारत सरकार ने उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से नवाजा था.

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First published: July 30, 2019, 8:33 AM IST
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