National Pollution Control Day 2020: जानें क्यों मनाते हैं नेश्नल पॉल्यूशन डे, क्या है इसके पीछे की कहानी

National Pollution Control Day 2020: जानें क्यों मनाते हैं नेश्नल पॉल्यूशन डे, क्या है इसके पीछे की कहानी
National Pollution Control Day 2020: यह दिवस हर साल 2 दिसंबर को मनाया जाता है.

National Pollution Control Day 2020: प्रदूषण के विभिन्न प्रभावों को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल 2 दिसम्बर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस (National Pollution Control Day) मनाया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : November 30, 2020, 12:42 pm IST
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    National Pollution Control Day 2020: हर वर्ष 2 दिसम्बर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है. प्रदूषण के विभिन्न प्रभावों को लेकर लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है. भोपाल में हुई गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) के कारण हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी. भोपाल के यूनियन कार्बाइड प्लांट से मिथाइल आइसोसाइनेट गैस (Methyl Isocyanate Gas) का रिसाव हुआ था. उन लोगों को सम्मान देने और याद करने के लिए हर वर्ष भारत में यह दिन मनाया जाता है. इसका मख्य उद्देश्य औद्योगिक आपदा प्रबन्धन और उसके नियंत्रण के लिए जागरूकता फैलाना है.

    राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस थीम
    इस दिन के लिए मुख्य थीम वायु प्रदूषण के बारे में लोगों को जागरूक करना है. इसके अलावा औद्योगिक आपदा को नियंत्रित करने के लिए लोगों को शिक्षित करना है. प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में लोगों को जानकारी देना भी थीम का हिस्सा है. इसके अलावा इंसान की लापरवाही से होने वाले औद्योगिक प्रदूषण को रोकना भी इसमें शामिल है.

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    राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का इतिहास
    भोपाल में 1984 में हुई गैस त्रासदी के कारण नेशनल प्रदूषण नियंत्रण दिवस की शुरुआत हुई. 2 और 3 दिसम्बर को भोपाल के यूनियन कार्बाइड प्लांट में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था. एक रिपोर्ट के अनुसार इसमें करीबन 5 लाख लोगों की जान गई थी. हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने इन मौतों की पुष्टि नहीं की थी. यह त्रासदी उस समय तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि आज भी इसका असर वहां देखने को मिलता है. बच्चे विकलांग पैदा होना, जन्म के बाद कोई न कोई बीमारी होना आदि समस्याएँ अब भी वहां हैं. बड़े पैमाने पर फैली इस तबाही में जान गंवाने वाले लोगों को याद करने के लिए हर साल राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस भारत में मनाया जाता है.

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    राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का महत्व
    वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को जानने के लिए यह दिन काफी अहम है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल के अनुसार हर साल 7 मिलियन लोग वायु प्रदूषण के कारण जान गंवाते हैं. हालत इतनी खराब है कि वैश्विक स्तर पर हर 10 में से 9 लोगों तक शुद्ध हवा नहीं पहुंच पाती है. हवा में मौजूद प्रदूषक कण शरीर की सुरक्षा के लिए मौजूद बाधाओं को पार कर दिल, दिमाग और फेफड़ों पर असर डालते हैं. भोपाल गैस त्रासदी विश्व की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी थी, उस तरह घटना दोबारा न दोहराई जाए, उसके लिए राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के माध्यम से प्रयास किये जा रहे हैं.