प्राकृतिक नजारों का मेल है चिकमगलूर, बारिश में सुंदरता कुछ और ही...

News18Hindi
Updated: September 11, 2019, 6:20 PM IST
प्राकृतिक नजारों का मेल है चिकमगलूर, बारिश में सुंदरता कुछ और ही...
चिकमगलूर को चिक्कमगलुरु के नाम से भी जाना जाता है. यहां चारों तरफ हरियाली है, पहाड़ है और झरने बहते नजर आते हैं. कई जगह तो सड़कें बेहद छोटी-छोटी हैं.

चिकमगलूर को चिक्कमगलुरु के नाम से भी जाना जाता है. यहां चारों तरफ हरियाली है, पहाड़ है और झरने बहते नजर आते हैं. कई जगह तो सड़कें बेहद छोटी-छोटी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 11, 2019, 6:20 PM IST
  • Share this:
चिकमगलूर एक ऐसा पर्यटक स्थल है जिसकी सुदंरता देखते ही बनती है. यह अपने आप में प्राकृतिक नजारों का एक अनोखा संगम समेटे हुए है. पर्वतीय तलहटी पर स्थित यह शहर चाय और कॉफी के बागानों के लिए भी मशहूर है. जिन्होंने भी इस खूबसूरत जगह को देखा है वह यहां की खूबसूरती के मुरीद हो गए हैं. बारिश के दिनों में यहां घूमने का एक अलग ही मजा है. चिकमगलूर को चिक्कमगलुरु के नाम से भी जाना जाता है. यहां चारों तरफ हरियाली है, पहाड़ है और झरने बहते नजर आते हैं. कई जगह तो सड़कें बेहद छोटी-छोटी हैं. पर्यटकों के लिए चिकमगलूर घूमना अपने आप में एक अद्भुत नजारा है.

इसे भी पढ़ेंः एडवेंचर ट्रिप पर जाने के लिए हो जाएं तैयार, तत्तापानी करेगा आपका इंतजार..

महादेव का बहुत बड़ा मंदिर है

यहां के जंगलों में घूमना मजेदार अनुभव का अहसास कराता है. बारिश के दिनों में तो यहां का मौसम और भी अच्छा व सुहावना हो जाता है जबकि गर्मियों के मौसम में यहां का शीतल वातावरण पर्यटकों के मन को मोह लेता है. यहां पर्यटकों के देखने लायक काफी जगहें हैं जिनमें मुरुदेश्वर व बाबा बुदगिरी पर्वत क्षेत्र चर्चित हैं. चिकमगलूर के पास स्थित मुरुदेश्वर एक दर्शनीय स्थल है. वहां समुद्र किनारे महादेव का बहुत बड़ा मंदिर है. यहां महादेव की बहुत ही विशाल मूर्ति स्थापित है. दिन और रात दोनों समय इस मंदिर में घूमने का अनुभव अलग-अलग होता है. रात की जगमगाहट में यह जगह और भी खूबसूरत व मनमोहक लगने लगती है.

दशहरा बहुत धूमधाम से मनाते हैं

मान्यता है कि इसी जगह पर रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए तप व पूजा-अर्चना की थी. यहां के लोग मेले व त्योहार भी खूब धूमधाम के साथ मनाते हैं. मेले में यहां के लोग अंगारों पर चलने का करतब दिखाते हैं. दशहरा का त्योहार भी यहां के लोग बहुत धूमधाम से मनाते हैं. चिकमगलूर में ही स्थित बाबा बुदगिरी पर्वत भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. यह पर्यटन स्थल सूफी संत हजरत दादा हयात खलदार के नाम से जाना जाता है.

इसे भी पढ़ेंः बारिश में गुजरात के इस हिल स्टेशन का लें मजा, दिल होगा खुश
Loading...

हिंदुओं और मुसलमानों का संयुक्त तीर्थ स्थल है

खास बात यह है कि यह हिंदुओं और मुसलमानों दोनों का संयुक्त तीर्थ स्थल है, जो भारत में कहीं और नहीं है. यहां पर लोग दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं. साथ ही यहां के प्राकृतिक नजारों का मजा लेते हैं. यहां रेस्तरां के गार्डन में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए घास व फूलों से ढकीं महिलाओं की सुंदर मूर्तियां बनाई गई हैं जो पर्यटकों को खूब प्रभावित करती हैं. चिकमगलूर में पर्यटकों की खरीदारी के लिए एमजी रोड खास है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लाइफ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 11, 2019, 6:15 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...