Navratri 2020: व्रत में क्यों खाना चाहिए सेंधा नमक, जान लें ये जरूरी बातें

सेंधा नमक, नमक का शुद्धतम रूप माना जाता है. इसे इस्‍तेमाल के योग्‍य बनाने के लिए कैमिकल प्रोसेस से गुजरना नहीं पड़ता है.
सेंधा नमक, नमक का शुद्धतम रूप माना जाता है. इसे इस्‍तेमाल के योग्‍य बनाने के लिए कैमिकल प्रोसेस से गुजरना नहीं पड़ता है.

शुद्ध होने के कारण व्रत (Vrat) के दौरान सेंधा नमक (Rock Salt) खाया जाता है. साथ ही व्रत के समय बॉडी को अधिक पोषण की जरूरत होती है. इसलिए भी व्रत के दौरान सेंधा नमक खाया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 7:15 AM IST
  • Share this:
नमक (Salt) हमारे हेल्दी डाइट (Healthy Diet) का एक बहुत ही जरूरी हिस्सा है. इसके बिना न केवल खाने का स्‍वाद अधूरा रहता है बल्कि डाइजेशन सिस्‍टम को भी ये कंट्रोल करता है. आपको बता दें कि 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि (Navratri 2020) की शुरुआत हो चुकी है. नवरात्रि के 9 दिनों में अधिकतर लोग मां दुर्गा (Maa Durga) की पूजा करते हैं और उनके लिए व्रत (Vrat) रखते हैं. माना जाता है कि व्रत के दौरान खाने में सेंधा नमक (Rock Salt) का इस्‍तेमाल करना चाहिए. लेकिन क्या आपको पता है कि सेंधा नमक खाना आम नमक की तुलना में बहुत अधिक फायदेमंद होता है. दरअसल इसके पीछे कोई पारंपरिक या धार्मिक कारण नहीं है बल्कि सेंधा नमक हेल्‍थ के लिए बहुत अच्छा होता है. सेंधा नमक का इस्तेमाल आप व्रत के अलावा आम दिनों में भी कर सकते हैं. आइए आपको बताते हैं इसके कुछ खास फायदों के बारे में.

सेंधा नमक, नमक का शुद्धतम रूप माना जाता है. दरअसल इसे इस्‍तेमाल के योग्‍य बनाने के लिए कैमिकल प्रोसेस से गुजरना नहीं पड़ता है. हालांकि, दूसरी ओर, साधारण नमक या टेबल सॉल्ट जिसे काला नमक भी कहा जाता है, इसे शुद्ध करने के लिए एंटी-कॉकिंग एजेंट और ट्रीटमेंट जैसे कई कैमिकल प्रोसेस से गुजरना पड़ता है. रिफाइन करते वक्त इसमें कई तरह के एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जिससे इसका नैचुरल रूप बिल्‍कुल बदल जाता है और इसमें मौजूद कैल्शियम, पोटेशियम और मिनरल कम हो जाते हैं. इसलिए सेंधा नमक पोषण के नजरिए से साधारण नमक से बहुत अधिक अच्छा होता है.

इसे भी पढ़ेंः Navratri 2020: शारदीय नवरात्रि पर मां दुर्गा के इन मंदिरों में जरूर करें दर्शन, पूरी होगी मनोकामना



व्रत में क्यों खाना चाहिए सेंधा नमक
शुद्ध होने के कारण व्रत के दौरान सेंधा नमक खाया जाता है. साथ ही व्रत के समय बॉडी को अधिक पोषण की जरूरत होती है. इसलिए भी व्रत के दौरान सेंधा नमक खाया जाता है. सेंधा नमक बॉडी में ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करता है. नमक की कमी से मसल्‍स में ऐंठन और आयोडीन की कमी हो सकती है. सेंधा नमक अपने ठंडे गुणों के लिए जाना जाता है. ये आंखों के लिए भी बहुत अच्छा होता है. इसमें आयरन, जिंक, मैग्नीशियम सहित कई अन्य मिनरल मौजूद होते हैं.

साथ ही इसमें सोडियम और पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है जो बॉडी में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है. आपको बता दें कि नवरात्रि साल में दो बार ऐसे समय पर आती है, जब मौसम में बदलाव होता है. इस दौरान बॉडी की इम्‍यूनिटी कमजोर होने के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं. इस समय व्रत रखने से बॉडी मजबूत बनती है.

डाइजेशन और इम्यून सिस्टम होता है मजबूत
नमक डाइजेशन के लिए अच्छा होता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. यह खाने से आवश्यक पोषक तत्वों और मिनरल को अवशोषित करने में शरीर की मदद करता है. बॉडी में इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखता है जिससे व्रत के दौरान दिनभर एनर्जी बनी रहती है. सेंधा नमक में आयोडीन की मात्रा कम होती है, इसलिए ये हाई ब्‍लड प्रेशर और आंखों की सूजन की समस्या को दूर रखता है. इसमें कोई भी कैमिकल नहीं होता है.

इसे भी पढ़ेंः Navratri 2020: जानें नवरात्रि के 9 दिन और देवी मां के नौ रंगों के पोशाक का महत्व

वजन और तनाव होता है कम
सेंधा नमक का सेवन वजन कम करने के लिए भी किया जाता है. यह बॉडी से फैट सेल्‍स को हटाने में मदद करता है और खाने की क्रेविंग को भी कंट्रोल में रखता है. सेंधा नमक बॉडी द्वारा मिनरल के बेहतर अवशोषण में मदद करता है. इसके अलावा, यह बॉडी में पीएच लेवल को बनाए रखने में भी मदद करता है. इसके अलावा सेंधा नमक को डाइट में शमिल करने से बॉडी में ब्‍लड सर्कुलेशन सही रहता है और बॉडी से टॉक्सिन को बाहर निकालने में मदद मिलती है. सेंधा नमक बॉडी में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन हॉर्मोन्स का बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करता है, जो तनाव व स्ट्रेस से लड़ने में मदद करते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज