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भूलकर भी बच्‍चों के साथ बात करते समय न बोलें ये 4 बातें, हो सकता है पछतावा

News18Hindi
Updated: December 12, 2019, 6:56 AM IST
भूलकर भी बच्‍चों के साथ बात करते समय न बोलें ये 4 बातें, हो सकता है पछतावा
एक बच्चे के बढ़ते दिमाग को विकसित करने में पैरेंट्स की बहुत बड़ी भूमिका होती है.

शब्दों का बच्चों पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है. इसीलिए अक्सर कहा जाता है कि बच्चों के सामने सोच समझकर बातें करनी चाहिए.

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  • Last Updated: December 12, 2019, 6:56 AM IST
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बच्‍चों का दिमाग एक खाली किताब की तरह होता है, जिसमें आप जैसा चाहें वैसा भर सकते हैं. ऐसे में उन्‍हें एक अच्छा इंसान बनाने के लिए निरंतर प्रयासों और कुछ सावधानियों की आवश्यकता होती है. पैरेंट्स को सही मूल्य स्थापित करने के लिए अपने बच्‍चों के सामने कुछ अच्छे उदाहरण सेट करने चाहिए और उन्हें सही भाषा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए.

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शब्दों का बच्चों पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है. इसीलिए अक्सर कहा जाता है कि बच्चों के सामने सोच समझकर बातें करनी चाहिए. एक बच्चे के बढ़ते दिमाग को विकसित करने में पैरेंट्स की बहुत बड़ी भूमिका होती है. आपके द्वारा बोले जाने वाले शब्‍द आपके बच्‍चे पर नकारात्‍मक और सकारात्‍मक दोनों तरह के प्रभाव डाल सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कि आपको अपने बच्‍चे के सामने कौन से शब्‍दों का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए.

बिगड़ा हुआ

आपको जिन शब्दों का उपयोग करने से बचना चाहिए उनमें से एक है खराब या बिगड़ा हुआ. वे इसके अर्थ को सही तरीके से नहीं समझ पाते हैं और चोट महसूस कर सकते हैं. ऐसे शब्दों का उपयोग उनके आत्मसम्मान को चोट पहुंचा सकता है. इससे बच्‍चा बहुत सी चीजें अपने मन में दबाकर भी रख सकता है.

स्‍मार्ट
हालांकि आपके बच्चे की बुद्धि की सराहना करना और उनके IQ की प्रशंसा करना अच्छी बात है. देखा जाए, तो इस शब्‍द में वैसे तो कोई बुराई नहीं है लेकिन मोनवैज्ञानिकों की मानें तो कि बच्‍चे को स्मार्ट कहने से उनकी वास्तविक मेहनत छिन जाती है. इसके अलावा, बच्‍चे में ओवर कॉन्फिडेंस आ जाता है और उन्हें यह विश्वास करने के लिए मजबूर किया जाता है कि वह एक अलग तरह की बुद्धि के साथ पैदा हुए हैं और हमेशा सही होते हैं.बेवकूफ
आपको नकारात्मक शब्दों का उपयोग करते हुए अपने बच्चों का हवाला देना बंद कर देना चाहिए. चाहे गुस्से में हों या सिर्फ उनका मजाक उड़ाने के लिए, किसी भी तरह का नाम-पुकारना बुरा है. याद रखें, आपको अपने बच्चों से सीधे बात करनी चाहिए और उन्हें नकारात्मक नामों के साथ नहीं जोड़ना चाहिए. याद रखिए जैसा आप करेंगे, ऐसा आगे चलकर आपका बच्‍चा भी कर सकता है और दूसरे बच्‍चों का मजाक बना सकता है.

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प्रिंसेस या हीरो
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार लिंग स्टीरियोटाइपिंग को बिल्कुल भी प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए और प्रिसेंस या हीरो जैसे शब्दों का उपयोग करने से पहले ही उन्हें अपनी डिक्‍सनरी से बाहर कर दें. यदि आपके बच्चे किसी फिल्म को देखने या किसी प्रेरणादायक चरित्र के बारे में पढ़ने के बाद खुद का नाम लेते हैं, तो यह ठीक है नहीं तो कोशिश करें कि आप स्टीरियोटाइपिंग से बचें.

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First published: December 12, 2019, 6:56 AM IST
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