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    बासमती ही नहीं, चावल की ये किस्‍में भी हैं स्‍वाद में अव्‍वल

    भारत मे बासमती चावल की 27 किस्में उगाई जाती हैं.
    भारत मे बासमती चावल की 27 किस्में उगाई जाती हैं.

    बासमती चावल (Basmati Rice) की 27 किस्में भारत मे उगाई जाती हैं. इसके अलावा चावल की कई पारंपरिक किस्में (Varieties of Traditional Rice) हैं, जो आज भी अपने स्वाद की वजह से अलग पहचान रखती हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 20, 2020, 6:14 PM IST
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    चावल (Rice) हर घर का भोजन है. कहा जाता है कि चावल से शरीर का वजन (Physical Weight) भी बढ़ता है. भारत की लम्बे चावल की एक उत्कृष्ट किस्म है बासमती. भारत में 6 हजार से भी ज्यादा चावल की किस्में उगाई जाती हैं. इसमें बासमती चावल (Basmati Rice) अपनी अनूठी सुगन्ध के लिए सबसे ज्यादा प्रचलित है. बता दें कि बासमती चावल की 27 किस्में भारत मे उगाई जाती हैं. खैर, बासमती के अलावा यहां बात करेंगे चावल की उन पारंपरिक किस्मों (Varieties of Traditional Rice) की जो भारत में आज भी अपने स्वाद की वजह से अलग पहचान रखती हैं. इंटरनेट पर मिली विभिन्‍न जानकारी के मुताबिक ये चावल स्‍वाद और खुश्‍बू में अपनी अलग पहचान रखते हैं.

    अम्बेमोहर चावल
    यह जल्दी पकने वाला चावल होता है. यह काफी मुलायम होने के कारण आसानी से टूट जाता है. यह अपनी आम के बौर जैसी तेज खुश्बू के लिए जाना जाता है.

    मुल्लन कजहामा
    चावल की यह किस्म दक्षिण राज्य केरल के वायनाड में उगाया जाती है. मुल्लन कजहामा चावल अपनी सुगंध और टेस्ट के लिए मशहूर है. इन चावलों से बनी मालाबार बिरयानी और पाल पायसम खाने में बहुत ही स्वादिष्ट होती है.



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    गोबिंदो भोग
    देश-विदेश में यह बहुत मशहूर है. यह एक छोटे आकार वाला, सफेद और सुगंधित चावल होता है. इसका ज्यादातर इस्तेमाल पूजा-पाठ, प्रसाद और त्योहारों में किया जाता है. इस चावल की खेती अधिकतर पश्चिम बंगाल में की जाती है.

    सीरगा सांबा
    सीरगा सांबा दक्षिणी भारत का पारंपरिक चावल है. साम्बा चावल, जो कि दक्षिणी भारत का पारंपरिक चावल है. इसकी कई किस्में हैं. सरेगा मुथु और सीरगा साम्बा, ये दोनों सुगंधित चावल हैं. यह कई किस्मों में आता है. यह चावल आकार में लंबा और जबरदस्त खुशबू वाला होता है. चावल की इस किस्म को विशेषकर पुलाव बनाने में इस्तेमाल किया जाता है.

    मुश्क बुदजी
    मुश्क बुदजी चावल की महक बहुत तेज होती है. कश्मीर घाटी का यह चावल वहां की शादी पार्टियों की शान है. यही वजह है क‍ि कश्मीर घाटी का मुश्क बुदजी चावल वहां के हर शुभ काम में इस्‍तेमाल क‍िया जाता है.

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    चक हाओ अमूबी
    पहाड़ी राज्य मणिपुर का मशहूर चावल चक हाओ अमूबी काले रंग का होता है. यह थोड़ा चिपचिपा लेकिन स्वाद में लाजवाब होता है. इसे स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है. इसकी खीर भी बहुत स्वादिष्ट बनती है. खीर बनाते वक्त दूध उबलने पर जामुनी रंग का हो जाता है जिसकी खुशबु पूरे घर में महकने लगती है. मणिपूर में इसे त्योहारों के मौके पर बनाया जाता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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