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अब वजाइना म्यूजियम महिलाओं को करेगा जागरूक, सोशल मीडिया पर पूछे जाएंगे सवाल

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Updated: November 21, 2019, 5:58 PM IST
अब वजाइना म्यूजियम महिलाओं को करेगा जागरूक, सोशल मीडिया पर पूछे जाएंगे सवाल
लोगों को वेजाइना के साथ ही महिलाओं को होने वाली बीमारियों और महिला की शारीरिक रचना के बारे में जानकारी दी जाएगी.

इस म्‍यूजियम को खोलने का मुख्‍य उद्देश्‍य महिलाओं के प्राइवेट पार्ट यानी वजाइना के बारे में लोगों को शिक्षित करना है और साथ ही इससे जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना है.

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  • Last Updated: November 21, 2019, 5:58 PM IST
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आपने दुनियाभर में तरह-तरह के म्‍यूजियम देखे होंगे जैसे कि साइंस, क्राफ्ट, वॉर, वैक्‍स म्‍यूजियम लेकिन क्या आपने कभी वजाइना म्यूजियम (Vagina Museum) के बारे में सुना या उसे देखा है. आइए आपको बताते हैं एक ऐसे म्‍यूजियम के बारे में जिसके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होगा. जी हां वर्ल्‍ड का पहला वजाइना म्यूजियम लंदन में खुला है. द न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार इस म्‍यूजियम को खोलने का मुख्‍य उद्देश्‍य महिलाओं के प्राइवेट पार्ट यानी वजाइना के बारे में लोगों को शिक्षित करना है और साथ ही इससे जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना है.

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सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा प्रचार
इस म्यूजियम की फाउंडर फ्लोरेंस शेक्टर हैं. आपको बता दें कि इस म्यूजियम को बनाने में करीब 44 लाख रुपए खर्च हुए हैं. यह पैसा फ्लोरेंस ने क्राउडफंडिंग के माध्‍यम से जुटाया है. सोशल मीडिया पर इसका जमकर प्रचार किया गया. इंस्‍टाग्राम पर इसके पहचान की शुरुआत हुई. क्‍या आप जानते हैं कि इसका अपना इंस्टाग्राम अकाउंट और वेबसाइट भी है. फ्लोरेंस ने खुद बताया है कि बॉडी के इस प्राइवेट पार्ट से जुड़ी बात करने में अधिकतर लोग लोग हिचकिचाते हैं, लेकिन इस सोशल प्लैटफॉर्म पर इस पर बातें की जाएंगी.

प्राइवेट पार्ट पर बात करने में नहीं होगी हिचकिचाहट
यहां लोगों को वजाइना के साथ ही महिलाओं को होने वाली विभिन्न बीमारियों और महिला की शारीरिक रचना के बारे में भी जानकारी दी जाएगी. फ्लोरेंस का मानना है कि इससे महिलाओं को अपने प्राइवेट पार्ट को लेकर बात करने में जो हिचकिचाहट होती है वह आसानी से दूर होगी. साथ ही इससे जुड़ी हुईं कई तरह के मिथक भी दूर होंगे. फ्लोरेंस का कहना है सिर्फ महिलाओं को ही नहीं बल्कि सभी लोगों को इससे जुड़ी जानकारी होनी चाहिए. ऐसा इसलिए क्‍योंकि लोगों की पत्नियां, बेटियां और महिला दोस्त हैं. ये
स्त्रीरोग संबंधी शारीरिक रचना और प्रभावी तरीके से प्रियजनों के साथ बातचीत करने के लिए, उन्हें उनके बारे में अधिक जानना चाहिए.
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इस म्यूजियम को बनाने के बारे में 2017 में सोचा गया था
आइसलैंड में पेनिस पर बनाए गए म्यूजियम को देखने के बाद फ्लोरेंस के मन में इस म्यूजियम को बनाने का विचार आया था. फाउंडर फ्लोरेंस ने यह म्यूजियम बनाने के बारे में साल 2017 में सोचा था. आपको बता दें कि आइसलैंड म्यूजियम में सभी जानवरों के पेनिस के डिस्पले हैं. इस पर फ्लोरेंस ने सोचा कि एक ऐसा म्‍यूजियम महिलाओं का भी होना चाहिए. इससे पहले आइसलैंड की राजधानी रेक्जाविक मे स्थित पेनिस म्यूजियम अपने आप में एक अनोखा म्यूजियम है क्योंकि यहां मछलियों, जानवरों से लेकर इंसानों तक के लिंग का संग्रह किया गया है. यहां पर कुल मिलाकर 300 से भी अधिक लिंग के नमूने संग्रहित हैं.

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First published: November 21, 2019, 5:37 PM IST
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