दुनिया के केवल 43 लोगों में है यह दुर्लभ ब्लड ग्रुप

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Updated: September 7, 2019, 2:02 PM IST
दुनिया के केवल 43 लोगों में है यह दुर्लभ ब्लड ग्रुप
हमारे खून में 342 में से 160 एंटीजेंस होते हैं. अगर इन एंटीजेंस की संख्या में 99% की कमी हो तो उसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप की श्रेणी में रखा जाता है

हमारे खून में 342 में से 160 एंटीजेंस होते हैं. अगर इन एंटीजेंस की संख्या में 99% की कमी हो तो उसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप की श्रेणी में रखा जाता है

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  • Last Updated: September 7, 2019, 2:02 PM IST
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ब्लड ग्रुप A,B,AB और O सबसे सामान्य ब्लड ग्रुप्स में से एक हैं. पर क्या आपको पता है कि एक ऐसा ब्लड ग्रुप भी है जो दुनिया में केवल 43 लोगों में मौजूद होता है. आप सोचेंगे हम O नेगेटिव ब्‍लड ग्रुप की बात कर रहे हैं लेकिन यह ब्लड ग्रुप इतना दुर्लभ है कि बीते 58 सालों में दुनिया में सिर्फ 43 लोगों में इसे पाया गया. यह ब्लड ग्रुप जितना दुर्लभ है, उतना ही खतरनाक भी.

क्या है इस ब्लड ग्रुप का नाम

इस ब्लड ग्रुप का नाम 'गोल्डन ब्लड' (Rh null) है. हमारे रेड ब्लड सेल्स में 342 एंटीजेंस होते हैं. ये एंटीजेंस मिलकर एंटीबॉडीज बनाने का काम करते हैं. ब्लड ग्रुप का निर्धारण भी इन्हीं एंटीजेंस की संख्या पर निर्भर करता है.

हमारे खून में 342 में से 160 एंटीजेंस होते हैं. अगर इन एंटीजेंस की संख्या में 99% की कमी हो तो उसे दुर्लभ ब्लड ग्रुप की श्रेणी में रखा जाता है. लेकिन अगर यही कमी 99.99% हो जाए तो यह अति दुर्लभ श्रेणी में आ जाता है. यदि किसी के रेड ब्लड सेल में Rh एंटीजन है ही नहीं, तो उसका ब्लड ग्रुप Rh null होगा.

पहली बार इस ब्लड टाइप की पहचान 1961 में की गई थी. तब एक ऑस्ट्रेलियाई महिले के शरीर में इस ब्लड ग्रुप की पहचान हुई थी. उसके बाद से अब तक पूरी दुनिया में ऐसे 43 केसेज पाए गए हैं. दिलचस्‍प बात यह है कि यह दुर्लभ गोल्‍डन ब्‍लड यूनिवर्सल डोनर है. इसे किसी भी टाइप वाले या बिना Rh वाले ब्लड ग्रुप के साथ चढ़ाया जा सकता है. लेकिन यह इतना दुर्लभ होता है कि इसका मिलना मुश्किल है.

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First published: September 7, 2019, 2:02 PM IST
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