Covid 19: किन तरीकों से किया जा सकता है कोरोनावायरस का ट्रीटमेंट, जानें


कोरोनावायरस के उपचार के क्या हैं विकल्प
कोरोनावायरस के उपचार के क्या हैं विकल्प

स्टेरॉयड (Steroids) जैसे डेक्सामेथासोन (Dexamethasone) की मदद से कोरोना (Covid 19) के गंभीर मरीजों में मौत की संभावना को कम किया जा सकता है, लेकिन वह कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों के विपरीत हो सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 21, 2020, 10:57 PM IST
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कोरोनावायरस (Coronavirus) को लेकर दुनियाभर में अभी भी डर की स्थिति बनी हुई है. कोरोना के अधिक मामलों में अमेरिका (80 मिलियन से ज्यादा) पहले तो भारत (70 मिलियन से ज्यादा) दूसरे स्थान पर हैं. दोनों ही देशों में लोग कोरोना की वैक्सीन (Vaccine) के लिए आस लगाए बैठे हैं. वहीं, कोरोनावायरस पर हो रहे रोज नए-नए अध्ययन (Study) और शोधों (Research) से अलग-अलग तर्क निकलकर आ रहे हैं जिससे वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ रही है. ऐसे में कोरोनावायरस से बचने के उपचारिक विकल्प क्या है. आइए जानते हैं इनके बारे में...

गंभीर रोगियों में हो सकता जोखिम कम

बता दें कि यहां कोरोनावायरस के कुछ उपाचारिक विकल्पों को बताया जा रहा है जिससे वायरस से गंभीर रुप से पीड़ितों के जोखिमों को कम किया जा सकता है. उदाहरण के लिए, स्टेरॉयड (Steroids) जैसे डेक्सामेथासोन (Dexamethasone) की मदद से कोरोना के गंभीर मरीजों में मौत की संभावना को कम किया जा सकता है, लेकिन वह कोरोना के हल्के लक्षणों वाले मरीजों के विपरीत हो सकते हैं. गौरतलब है कि अमेरिका में कोविड-19 के लिए अभी तक कोई सुगम इलाज की व्यवस्था नहीं की गई है. लेकिन इमरजेंसी में और गंभीर रूप से पीड़ितों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. नए अध्ययनों के सामने आते ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने दिशा-निर्देशों के तहत विशेषज्ञों के एक पैनल को बुलाया है.



जानिए मरीजों के लिए क्या सलाह है
बता दें कि अस्पताल में भर्ती मरीज, घर पर आइसोलेट रोगी और जिन्हें ऑक्सीजन की ज्यादा जरुरत नहीं हैं. ऐसे मरीजों को कोई विशिष्ट दवाओं की सिफारिश नहीं की गई है और न ही स्टेरॉयड के उपयोग के लिए कोई चेतावनी जारी की गई। वहीं, जो लोग अस्पताल में हैं और ज्यादा ऑक्सीजन की जरुरत वाले मरीज हैं, लेकिन सांस लेने के लिए मशीन पर निर्भर नहीं हैं, उनके लिए एंटीवायरल ड्रग रेमेडिविर IV के माध्यम से दी जाती है क्योंकि कुछ मामलों में यह एक तरह से स्टेरॉयड भी है.



हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन नहीं असरदार

वहीं, अस्पताल में भर्ती और सांस लेने के लिए मशीन पर निर्भर रोगियों के लिए रेमेडिसविर और एक स्टेरॉयड दोनों जरूरी है. बता दें कि आक्षेप प्लाज्मा जिनके एंटीबॉडीज शरीर में वायरस से लड़ने में मददगार साबित होते हैं. दिशानिर्देशों में कहा गया है कि रोगी के शरीर में इनकी मौजूदगी कोरोना के लड़ने के लिए पर्याप्त होती है। वहीं, दिशानिर्देशों में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) और कुछ दवाओं को कोरोना के खिलाफ कमजोर बताया है जो रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी प्रभावित कर रहे हैं. कई पूर्व अध्ययनों ने भी इन्हें कोरोनावायरस के खिलाफ अप्रभावी बताया है।
वहीं, दवाओं के अलावा, डॉक्टरों ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज के तरीकों के बारे में ज्यादा से ज्यादा सीख रहे हैं. जिसमें वे मरीजों को व्यायाम के जरिए सांस लेने लेने की उनकी मशीनों पर निर्भरता को कम कर रहे हैं.
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