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पैरासिटामोल खाने वाली गर्भवती महिला के बच्चे को हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां!

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Updated: December 4, 2019, 12:26 PM IST
पैरासिटामोल खाने वाली गर्भवती महिला के बच्चे को हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां!
स्टडी में पाया गया कि 10 साल की उम्र तक पहुंचते पहुंचते 257 बच्चों को अटेंशन डेफिशिट/हाइपरऐक्टिविटी डिसऑर्डर, 66 को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर हो गया था.

स्टडी में पाया गया कि 10 साल की उम्र तक पहुंचते पहुंचते 257 बच्चों को अटेंशन डेफिशिट/हाइपरऐक्टिविटी डिसऑर्डर, 66 को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर हो गया था.

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  • Last Updated: December 4, 2019, 12:26 PM IST
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अगर आप गर्भवती हैं और किन्हीं वजहों से आपको पैरासिटामोल (Paracetamol) खानी पड़ रही है, तो अब इस दवाई को खाने से पहले द वीक मैगजीन में छपी यह रिपोर्ट आपको जरूर पढ़ लेनी चाहिए. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आमतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए सुरक्षित समझे जाने वाली पैरासिटामोल दवा गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए गंभीर रूप से नुकसानदायक साबित हो सकती है.

रिपोर्ट के मुताबिक, acetaminophen यानी पैरासिटामोल खाने वाली गर्भवती महिलाओं के बच्चों को अटेंशन डेफिशिट/हाइपरऐक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) होने का खतरा बढ़ जाता है. द वीक ने यह जानकारी JAMA साइकाइट्री में छपी स्टडी के हवाले से छपी है.

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असीटामिनोफेन (Acetaminophen) का इस्तेमाल गर्भवती महिलाएं न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी डॉक्टरी परामर्श के साथ इस्तेमाल करती हैं क्योंकि ये अब तक सेफ मानी जाती रही है. लेकिन, इस बाबत हुई कुछ स्टडी में यह बार बार पाया गया कि अटेंशन डेफिशिट/हाइपरऐक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) और असीटामिनोफेन का आपस में कुछ न कुछ तो लिंक है.

हाल ही में जो विश्लेषण किया गया जिसके आधार पर स्टडी ने यह निष्कर्ष निकाला, वह 996 बेबीज़ और उनकी मांओं पर किया गया था. पाया गया कि असीटामिनोफेन (Acetaminophen) प्लासेंटा की हद पर भी नहीं रुकता और बच्चे तक पहुंच जाता है. प्लासेंटा को हिन्दी में बीजाण्डासन या अपरा कहते हैं जिसके द्वारा गर्भाशय में भ्रूण के शरीर में माता के रक्त का पोषण पहुंचता रहता है और जिससे भ्रूण की ग्रोथ होती है.

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स्टडी में पाया गया कि 10 साल की उम्र तक पहुंचते पहुंचते 257 बच्चों को अटेंशन डेफिशिट/हाइपरऐक्टिविटी डिसऑर्डर, 66 को ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर हो गया था. वहीं, 42 बच्चे तो इन दोनों रोगों के साथ ही पैदा हुए. 304 बच्चों को विकास संबंधी कुछ अन्य डिसऑर्डर हो गए. 327 बच्चे ऐसे थे जिनमें किसी तरह की कोई डिसेबिलिटी नहीं देखी गई. ऐसे में अब हम तो यही सलाह देंगे कि जहां तक संभव हो दवाओं का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें.

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First published: December 4, 2019, 12:24 PM IST
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