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वर्किंग पैरेंट्स के बच्चे मानसिक रूप से हो जाते हैं परेशान, इन 5 तरीकों से करें पहचान

पैरेंट्स को बच्चों को पर्याप्त समय जरूर देना चाहिए. (Image-Canva)

पैरेंट्स को बच्चों को पर्याप्त समय जरूर देना चाहिए. (Image-Canva)

अधिकतर मामलों में देखा गया है कि वर्किंग पैरेंट्स के बच्‍चों को कई तरह की मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अके ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

मानसिक रूप से परेशान बच्‍चों की ईंटिंग हेबिट में बदलाव आ जाता है.
मानसिक रूप से परेशान बच्‍चे दूसरों से दूरी बनाना शुरू कर देते हैं.

Parenting Tips: वर्तमान में बच्‍चों की अच्‍छी परवरिश और लाइफ को बेहतर बनाने के लिए माता-पिता दोनों को नौकरी करनी पड़ती है. नौकरी के चक्‍कर में कई पैरेंट्स को बच्‍चों को अकेला छोड़ना पड़ता है या किसी केयर टेकर को लगाना पड़ता है. अधिकतर मामलों में देखा गया है कि वर्किंग पैरेंट्स के बच्‍चों को कई तरह की मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अकेले रहने से बच्‍चे इग्‍नोर और अकेलापन फील कर सकते हैं जो मानसिक परेशानियों का एक बड़ा कारण है. वर्किंग पैरेंट्स बच्‍चों की इस परेशानी को समझ नहीं पाते. इस वजह से कई तर‍ह के मेंटल डिसऑर्डर हो सकते हैं. खासकर छोटे बच्‍चों में ये परेशानियां अधिक देखने को मिलती हैं. चलिए जानते हैं बच्‍चों के उन लक्षणों के बारे में, जिनसे ऐसे बच्चों की मानसिक परेशानियों को पहचाना जा सके.

हर बात पर रोना
जब बच्‍चे मानसिक रूप से परेशान होते हैं तो वह हर बात को रोकर बताना पसंद करते हैं. मायो क्‍लीनिक के अनुसार बच्‍चे जब पैरेंट्स से अटेंशन पाना चा‍हते हैं तो वे हर बात रोकर बताने लगते हैं. ऐसा बच्‍चे तभी करते हैं जब वे अकेला महसूस करते हैं. जब बच्‍चा बात-बात पर रोए तो पैरेंट्स को उसकी परेशानियों पर ध्‍यान देना चाहिए.



लोगों से दूरी बनाना
मानसिक रूप से परेशान बच्‍चे दूसरों से दूरी बनाना शुरू कर देते हैं. उन्‍हें अकेला रहना या खुद से बातें करना पसंद आता है. वे कई बार पैरेंट्स से बात करने में भी कतराने लगते हैं. पैरेंट्स का उन्‍हें टोकना अच्‍छा नहीं लगता जिस वजह से वे चिड़चिड़े भी हो सकते हैं.

खुद से बातें करना
वर्किंग पैरेंट्स के बच्‍चे कई बार डिप्रेशन में चले जाते हैं. वर्किंग पेरेंट्स जब काम में व्‍यस्‍त रहते हैं तो वे बच्‍चे को प्रॉपर समय नहीं दे पाते. कई बार तो पैरेंट्स के पास बच्‍चों से बात करने का भी वक्‍त नहीं होता. ऐसे में बच्‍चा खुद से बात करने लग जाता है, जो डिप्रेशन की एक अहम वजह है.

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ईटिंग हैबिट्स में बदलाव
मानसिक परेशानी होने पर बच्‍चे की ईटिंग हैबिट में बदलाव आने  लगता है. इस स्थिति में कई बच्‍चे जरूरत से ज्‍यादा खाने लग जाते हैं वहीं कुछ बच्‍चे खाने-पीने को पूरी तरह से इग्‍नोर करने लगते हैं. दोनों ही स्थिति बच्‍चों के लिए खतरनाक हो सकती हैं.

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नींद में परेशानी
जब बच्‍चा नींद में डर जाए या ज्‍यादा करवटें लेता रहे तो समझिए बच्‍चे को नींद में किसी तरह की परेशानी आ रही है. मानसिक रूप से परेशान बच्‍चे गहरी नींद नहीं ले पाते. वे चौंककर उठ सकते हैं या नींद में बड़बड़ाने लगते हैं. कई बच्‍चे नींद में बिस्‍तर भी गीला कर सकते हैं.

Tags: Health, Lifestyle, Parenting, Parenting tips

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