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इन वजहों से बच्चे ईटिंग डिसऑर्डर का हो जाते हैं शिकार, पैरेंट्स ऐसे करें पहचान

बच्चों में कई कारणों से ईटिंग डिसऑर्डर हो जाता है. (Image-Canva)

बच्चों में कई कारणों से ईटिंग डिसऑर्डर हो जाता है. (Image-Canva)

बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर की समस्या सभी पैरेंट्स को परेशान करती है. बच्चे इसे कैसे फॉलो करते हैं, यह बात सभी पैरेंट्स क ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ईटिंग डिसऑर्डर की एक वजह एंजाइटी हो सकती है.
ईटिंग डिसऑर्डर की वजह से डेवलपमेंट प्रभावित होता है.

Eating Disorder in Children: ज्यादातर पैरेंट्स की शिकायत होती है कि उनका बच्चा काफी कमजोर है. बच्चों में कमजोरी की असल वजह शायद ही पैरेंट्स को ठीक से पता हो. बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर की समस्या भी इसका एक कारण हो सकता है. बच्चों की हेल्थ इससे काफी ज्यादा प्रभावित होती है. ईटिंग डिसऑर्डर एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी उम्र के बच्चों को हो सकती है. टीनएजर्स में यह समस्या ज्यादा सामने आती है. बच्चे की उम्र चाहे कोई भी क्यों न हो, लेकिन उसकी अच्छी ग्रोथ के लिए एक अच्छी डाइट की सबसे ज्यादा जरूरी होती है. डाइट में पोषक तत्वों का शामिल करना भी जरूरी है. बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर किस वजह से होता है, ये सभी पैरेंट्स के लिए जानना जरूरी है.

ईटिंग डिसऑर्डर के कारण
वेब एमडी
के मुताबिक बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर किस वजह से होता है, उस बारे में कहना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन इसकी वजह से उनकी मेंटल हेल्थ और लुक को लेकर चिंता देखी जा सकती है. ज्यादातर मामलों में एंजायटी और डिप्रेशन भी इसकी वजह हो सकती है. अंदरूनी बीमारी, स्वाद में लेकर परेशानी या खाना खाने का मन न होना भी इसका कारण हो सकता है.


क्या हैं लक्षण
खुद की इमेज को खराब महसूस करना.
वजन ज्यादा हो जाने का डर सताना.
सेल्फ कॉन्फिडेंस कम हो जाना.
दूसरों की तुलना में खुद को कम आंकना.
डिप्रेशन होना.

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ईटिंग डिसऑर्डर से कैसे बचाएं
पैरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा ईटिंग डिसऑर्डर जैसी समस्या से ना गुजरे तो, तो वो बच्चों से बातचीत करें. ईटिंग डिसऑर्डर से होने वाले हेल्थ इश्यू को खुलकर बच्चों को समझाएं. बच्चों को जितना हो सके बॉडी इमेज, रंग और निगेटिव बातों से दूर रखें. अगर पैरेंट्स बच्चों को खाने और उससे जुड़े पोषण की जरूरत के बारे में बताएंगे तो हो सकता है कि, बच्चा ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार न हो पाए. अगर कोई बच्चा या टीनेजर ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार है भी, तो उसके लक्षणों को पहचानकर किसी कुशल डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज करवा सकते हैं. इससे बच्चों की ग्रोथ पर भी नुकसान नहीं पहुंचेगा.

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Tags: Lifestyle, Parenting, Parenting tips

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