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पैरेंट्स के लिए काम की खबर, बच्चों में कितना बुखार आने पर डॉक्टर के पास है जाने की जरूरत? जानें

बच्चों को बुखार आने पर हर बार डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती.  (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

बच्चों को बुखार आने पर हर बार डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

Viral fever in Children: बच्चों को बुखार होने से पैरेंट्स बहुत घबरा जाते हैं. वे तुरंत डॉक्टर के पास चले जाते हैं. हाला ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

बच्चा 0 से 3 महीने के बीच का है और उसे 100.4 डिग्री तक बुखार है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
बच्चा 3 से 6 महीने के बीच का है और उसे 102 डिग्री बुखार भी है तो भी ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है

Viral fiver in children: बच्चों को जब कुछ तकलीफ होती है तो इसका पता लगाना बेहद मुश्किल होता है. पैरेंट्स भी जल्दी नहीं समझ पाते हैं कि आखिर बच्चे को हुआ क्या है. लेकिन अगर बच्चे को बुखार हो जाए तो शरीर गर्म हो जाता है. इसका अहसास मां को तुरंत हो जाता है. फिर थर्मामीटर से इसकी जांच की जाती है. बच्चे को थोड़ा भी बुखार हो जाए तो पैरेंट्स घबराने लगते हैं. वह तुरंत डॉक्टर के पास चले जाते हैं. हालांकि बुखार में हमेशा डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है. कुछ बुखार ऐसे होते हैं कि यह अपने आप उतर जाता है. हालांकि बुखार के साथ अन्य जटिलताएं हो जाए तो तत्काल डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ सकती है. इसलिए कितना बुखार होने पर डॉक्टर के पास जाने की जरूरत पड़ती है यह जानना जरूरी है.

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कितने बुखार पर डॉक्टर के पास होता है जाना जरूरी

  • 0-3 महीने के बच्चे-मायोक्लीनिक के मुताबिक अगर बच्चा 0 से 3 महीने के बीच का है और उसे 100.4 डिग्री तक बुखार आता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. चाहे उसे कोई अन्य लक्षण हो या न हो, तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. हालांकि इससे कम में बुखार में कोई खास खतरा नहीं है.
  • 3-6 महीने के बच्चे-अगर बच्चा 3 से 6 महीने के बीच का है और उसे 102 डिग्री बुखार भी है तो भी ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. इस स्थिति में बच्चे को ज्यादा से ज्यादा आराम दें. ज्यादा से ज्यादा दूध पिलाएं. तत्काल बच्चे को दवाई की जरूरत नहीं है लेकिन बुखार के साथ अगर अन्य जटिलताएं आ जाएं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
  • 6 से 24 महीने के बच्चे-अगर आपका बच्चा 6 से 24 महीने के बीच का है और उसे 102 डिग्री बुखार आ गया है तो बुखार की कुछ सामान्य दवाइयां दे सकते हैं. हालांकि इतने छोटे बच्चों को एस्परिन की गोली बिल्कुल न दें. अगर दवाई देने के बाद भी बुखार नहीं उतर रहा तो डॉक्टर के पास जाना बेहतर रहेगा.
  • 2 से 17 साल के बच्चे-102 डिग्री से नीचे तक बुखार रहे तो घबराने की जरूरत नहीं है. बुखार की सामान्य दवाई से इसे ठीक किया जा सकता है. इस स्थिति में बच्चे को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ दें और आराम करने के लिए कहें. हालांकि 102 डिग्री बुखार के साथ अगर अन्य जटिलताएं हैं या दवाई काम नहीं कर रही है तो डॉक्टर के पास ले जाएं.

बुखार कम करने का घरेलू इलाज
सामान्य बुखार होने पर घबराएं नहीं. अगर बुखार 102 डिग्री से कम है और कुछ और दिक्कतें नहीं है तो सबसे पहले घर में आराम करें. बुखार होने पर शरीर गर्म हो जाता है इसलिए ज्यादा पानी की जरूरत पड़ती है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं और तरल पदार्थों का सेवन करें. जितना हो सके जूस, सूप, स्पोर्ट्स ड्रिंक, ग्रेवी, चाय आदि का सेवन करें. इसके लिए ओटीसी दवाई यानी केमिस्ट की दुकान में बुखार के लिए जो सामान्य दवाइयां हैं, वह ले सकते हैं.

Tags: Fever, Health, Health tips, Lifestyle

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