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गुस्सैल और चिड़चिड़े स्वभाव के कारण बच्चे को भेजना चाहते हैं हॉस्टल तो पहले ये टिप्स करें फॉलो

गुस्सैल और चिड़चिड़े स्वभाव के कारण बच्चे को भेजना चाहते हैं हॉस्टल तो पहले ये टिप्स करें फॉलो

बच्चों के गुस्सा होने पर उनकी तरफ बिल्कुल ध्यान न दें-Image/Canva

बच्चों के गुस्सा होने पर उनकी तरफ बिल्कुल ध्यान न दें-Image/Canva

कुछ बच्चे काफी गुस्सैल स्वभाव के होते हैं. ऐसे में वे बात-बात पर गुस्सा करते हैं, चीखना-चिल्लाना शुरू कर देते हैं. ऐसे में बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए पेरेंट्स अक्सर उन्हें हॉस्टल में डालने का फैसला कर लेते हैं. हालांकि हॉस्टल भेजकर बच्चों का गुस्सा कम नहीं किया जा सकता है. बच्चों के साथ प्यार से डील करके आप उनके बिहेवियर में बदलाव ला सकते हैं.

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हाइलाइट्स

बच्चे का गुस्सैल रवैया बदलने के लिए उसे समय-समय पर गुस्से के साइड इफेक्ट्स बताएं.
बच्चे का गुस्सा शांत करने के लिए आप टाइम आउट मेथेड की मदद ले सकते हैं.

Parenting Tips: बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए माता-पिता हर मुमकिन कोशिश करते हैं. स्कूल के सेलेक्शन से लेकर घर में अच्छा माहौल मेंटेन करने तक, पैरेंट्स बच्चों की हर छोटी-छोटी ज़रूरतों का खास ख्याल रखते हैं. हालांकि, कुछ बच्चे काफी गुस्सैल स्वभाव के होते हैं. वहीं, बच्चों का गुस्सा कम करने के लिए कुछ माता-पिता उन्हें हॉस्टल में भी डाल देते हैं. ऐसे में गुस्सैल बच्चों को हॉस्टल (Hostel) में डालने से पहले कुछ टिप्स को फॉलो करना ज़रूरी हो जाता है.

दरअसल, कुछ बच्चों को गुस्सा काफी जल्दी आता है. ऐसे में बच्चे बड़ों के साथ भी बुरा व्यवहार करने से नहीं हिचकिचाते हैं. वहीं, बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए पैरेंट्स अक्सर उन्हें हॉस्टल में डालने का फैसला कर लेते हैं. हालांकि, बोर्डिंग स्कूल में भेजना बच्चों के गुस्से से डील करने का हल नहीं हो सकता है. आइए जानते हैं बच्चों के गुस्सैल बिहेवियर को बदलने के कुछ आसान तरीके.

गुस्से की वजह पता करें

गुस्सा आने पर बच्चों को डांट या फटकार लगाने से बचना चाहिए. इससे बच्चों का गुस्सा बढ़ सकता है और बच्चे आपकी बात को अवॉयड करने लगते हैं. ऐसे में बच्चों को गुस्सा आने पर सबसे पहले उनके गुस्से का कारण पता लगाएं. फिर उन्हें प्यार से बिठाकर समझाएं, जिससे बच्चा आपकी बात ज़रूर समझेगा और अपने गुस्से पर कंट्रोल करने की कोशिश करेगा.

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गुस्से को करें नज़रअंदाज़

बच्चे अक्सर गुस्सा दिखाकर या चिल्लाकर पैरेंट्स से अपनी जिद मनवाने की कोशिश करते हैं. वहीं, जिद पूरी हो जाने पर बच्चे हमेशा इसी ट्रिक का इस्तेमाल करते हैं और गुस्सा धीरे-धीरे बच्चों के स्वभाव का हिस्सा बन जाता है, इसलिए बच्चों के गुस्सा होने पर उनकी तरफ बिल्कुल ध्यान न दें. उनके बुरे बर्ताव को अनदेखा करने की कोशिश करें. इससे बच्चे गुस्सा करना कम कर देंगे.

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भला-बुरा कहने से बचें

कई बार बच्चों का गुस्सा शांत करने के लिए पैरेंट्स भी बच्चों को गुस्से में भला-बुरा कहना शुरू कर देते हैं मगर इससे बच्चों का गुस्सा कम होने की बजाय बढ़ने लगता है, इसलिए बच्चों को गुस्से में भला-बुरा कहने से बचने की कोशिश करें.

गुस्से के नुकसान बताएं

बच्चों का गुस्सैल रवैया बदलने के लिए उन्हें समय-समय पर गुस्से के साइड इफेक्ट्स के बारे में बताते रहें. बच्चों को बताएं कि गुस्सा करना और बड़ों से बद्तमीजी करना अच्छे इंसान होने का संकेत नहीं है. साथ ही बुरा बर्ताव करने पर उन्हें पनिशमेंट भी मिल सकती है. इससे बच्चे अपने बिहेवियर में बदलाव लाना शुरू कर देंगे.

टाइम आउट मेथेड

बच्चों का गुस्सा शांत करने के लिए आप टाइम आउट मेथेड की भी मदद ले सकते हैं. बच्चों को गुस्सा आने पर 10 से 1 तक उल्टी गिनती गिने. इससे बच्चों का गुस्सा चुटकियों में छूमंतर हो जाएगा. साथ ही घर के किसी कोने में बच्चों की फेवरेट बुक्स, खेलने और खाने की चीजें रखें, जिससे देखने से बच्चों का गुस्सा तुरंत गायब हो जाएगा.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Child Care, Lifestyle, Parenting

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