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बच्चे की आंखों में काजल लगाना कितना सही और कितना गलत? जानें इससे जुड़ी बातें

बच्चे की आंखों में काजल लगाना कितना सही और कितना गलत? जानें इससे जुड़ी बातें

मान्‍यता है कि रोजाना बच्चे की आंखों में काजल लगाई जाए तो उसकी आंखें और पलकें बड़ी होंगी जो तथ्‍यहीन है. Image Credit : Pixabay

मान्‍यता है कि रोजाना बच्चे की आंखों में काजल लगाई जाए तो उसकी आंखें और पलकें बड़ी होंगी जो तथ्‍यहीन है. Image Credit : Pixabay

Parenting Tips : मान्‍यता है कि शिशु (Newborn) की आंखों (Eyes) में काजल (Kajal) लगाने से उनकी आंखें बड़ी होंगी और बुरी नजर नहीं लगती लेकिन मेडिकल क्षेत्र इसकी मनाही करता है.

    Is It Safe To Apply Kajal To Newborn Eyes: भारत के अधिकतर परिवारों में जब बच्‍चे (Newborn) जन्‍म लेते हैं तो उन्‍हें बुरी नजरों से बचाने के लिए काजल (Kajal) का टीका लगाया जाता है. लेकिन बच्‍चों की कोमल आंखों में काजल लगाना सही है या गलत इस बात को लेकर चर्चा हमेशा ज्‍वलंत रही है. हालांकि पिडियाट्रिशियन इसकी सलाह कतई नहीं देते लेकिन इसके बावजूद कई घरों में मान्‍यताओं के नाम पर नौनिहालों की कोमल आंखों में आज भी मांएं काजल लगाती हैं. इसके पीछे की मान्यता यह है कि काजल लगाने से बच्चे को नजर नहीं लगती और आंखें बढ़ी होती हैं. जबकी डॉक्‍टरों का कहना है कि बच्‍चों की आंखों में काजल लगाना शिशु के लिए नुकसानदायक (Harmful) हो सकता है.

    जहर की तरह कर सकता है काम

    हेल्‍थलाइन के मुताबिक, एक शोध में ये बात सामने आई है बच्‍चों की सेहत के लिए यह जहर की तरह भी काम कर सकता है . शोध के मुताबिक शिशुओं में हाइअर गट ऑप्‍जर्पशन होता है और उनका नर्वस सिस्‍टम अभी तक विकास की प्रक्रिया में होता है. ऐसे में काजल में मौजूद लीड जहर की तरह काम कर सकता है.



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    इसलिए नहीं लगाना चाहिए बच्चों की आंखों में काजल

    दरअसल काजल बनाने के लिए भरपूर मात्रा में लीड का प्रयोग किया जाता है जो सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह है. यह किडनी, मस्तिष्क, बोन मैरो और शरीर के अन्य अंगों को भी बुरी तरह प्रभावित करता है. बता दें कि अगर ब्‍लड में लीड का स्तर बढ़ जाए तो इंसान कोमा में भी जा सकता है और उसकी मौत तक हो सकती है. ऐसे में अगर तेजी से विकास कर रहे शिशु के शरीर के संपर्क में ये हानिकारक लीड आ जाए तो निश्चित रूप से यह खतरा बन सकता है.

    किसी भी तरह का काजल सेफ नहीं

    कुछ घरों में घर पर बना काजल बच्‍चों को लगाया जाता है और इसे प्राकृतिक होने की बात कही जाती है लेकिन आपको बता दें कि घर में बने काजल भी सुरक्षित नहीं होते. इसमें मौजूद कार्बन बच्चों की आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है. वहीं, काजल को शिशु की आंखों पर उंगली से लगाया जाता है जिससे उनकी आंखों में इनफेक्‍शन का खतरा भी बढ़ जाता है.

    मिथ‍ और सच्‍चाई

    -मान्‍यता है कि अगर रोजाना बच्चे की आंखों पर काजल लगाई जाए तो उसकी आंखें और पलकें बड़ी होंगी जो बिलकुल भी तर्कहीन बात है.

    - कहा जाता है कि काजल लगाने से बच्चे देर तक सोते हैं जबकि अभी तक ऐसा कोई शोध सामने नहीं आया है. इसके बिना भी बच्‍चे रोजाना 18 से 19 घंटे तक सोते ही हैं.
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    - जहां तक घर पर बने काजल की बात है तो इसमें मौजूद कार्बन बच्चों की आंखों के लिए नुकसानदेह हो सकता है. इसके अलावा उंगली से लगाने की वजह से यह आंख में संक्रमण भी कर सकता है.

    -काजल लगाने से बच्चा बुरी नजर से बचा रहता है जबकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार मौजूद नहीं है.undefined

    Tags: Baby Care, Child Care, Eyes, Lifestyle, Parenting

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