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बच्चे का कॉन्फिडेंस बूस्ट करने के लिए पेरेंट्स फॉलो करें ये टिप्स

हर बच्चा प्यारा होता है और सभी की अपनी आदतें होती हैं. ऐसे में तुलना करने से बचें. Image Credits : Pixabay

Parenting Tips : बचपन का अनुभव जीवन भर इंसान के कॉन्फिडेंस (Confidence) को बढ़ाता या घटाता है जिसकी कुछ वजहें खुद पेरेंट्स की गलतियां भी होती हैं. ऐसे में पेरेंटिंग के दौरान कुछ आदतों (Habits) को बदलना जरूरी है.

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    Parenting Tips : पैरेंटिंग (Parenting) का मतलब बच्चे को जन्म देकर उसे पालना ही नहीं होता बल्कि सोसायटी में एक जिम्मेदार नागरिक भी बनाना होता है. कहा जाता है कि बच्चों की अच्छी परवरिश ही एक अच्‍छे समाज के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान है. आप जिस तरह अपने बच्‍चों के साथ बर्ताव करेंगे और जो बातें उन्‍हें बचपन में सिखाएंगे जीवन भर उसे याद रहेगा. यही नहीं, बड़े होने पर उनकी पर्सनैलिटी पर भी बचपन की परवरिश की झलक देखने को मिलती है. बचपन का अनुभव जीवन भर इंसान के आत्‍मविश्‍वास (Confidence) और आत्‍मनिर्भरता को बढ़ाता या घटाता है, जिसकी कुछ वजहें खुद माता पिता की गलतियां भी होती हैं. ऐसे में हर माता पिता को पेरेंटिंग के दौरान अपनी कुछ आदतों (Habits) को बदलने की जरूरत होती है. जानें क्‍या हैं वे आदतें.

    1.बच्चों का मजाक बनाना

    बच्‍चे की ग्रोथ‍ में माता पिता का मोटिवेशन बहुत मायने रखता है. ऐसे में हर बच्‍चा अपने माता पिता से बडाई चाहता है. आपके लिए बच्‍चे की छोटी मोटी चीजें मजाक की बात लगती हो लेकिन हो सकता है कि आपसे प्रशंसा पाने के लिए बच्‍चे ने बहुत मेहनत की हो. उदाहरण के तौर पर अगर उसने कुछ बनाया और वह दिखने में सुंदर नहीं हुआ तो आप उसका मजाक ना बनाए. ऐसा करने से अगली बार वे प्रयास करना ही छोड़ देंगे.



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    2.बच्चों की तुलना करना

    कई परिवार में देखने को मिलता है कि बच्‍चों की तुलना हर बात में की जाती है. ऐसे में बच्‍चे के मन में दूसरे बच्‍चों के प्रति चिढ़ और जलन जैसी भावनाएं आ सकती है.  बता दें कि हर बच्चा प्यारा होता है और सभी की अपनी अपनी आदतें होती हैं. ऐसे में तुलना करने से बचें.

    3.हर काम में कमी निकालना

    बचपन में कोई भी बच्‍चा हर चीज में परफेक्‍ट नहीं हो सकता. ऐसे में अगर बच्चा कोई एक्टिविटी कर रहा है तो उसे करने दें और हर वक्‍त उनमें कमी ना निकालें. कमियां निकालने की जगह उसकी अच्छी चीजों की तारीफ करें.

    4.दूसरों के सामने बच्चे की बुराई करना

    कई माता पिता ऐसे होते हैं जो अपने सेटिस्‍फेक्‍शन के लिए बाहरी लोगों के सामने अपने बच्चों की शिकायतें करते रहते हैं. कई लोग तो सिर्फ गपशप करने के इरादे से बच्‍चे की बुराई करने लगते हैं.  लेकिन आपको बता दें कि इसका बच्‍चों के मन पर बहुत ही गहरा प्रभाव पड़ता है और बच्‍चे डिप्रेशन तक में चले जाते हैं. लंबे समय तक उनके मन में यह बात अटकी रह जाती है जिसका बाद में उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ता है.

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    5.पिटाई करना  

    अगर बच्‍चों को हर बात पर पीटा जाता है तो उनके मन में यह बात घर कर जाती है कि वे बहुत बुरे हैं उन्‍हें कोई पसंद नहीं करता. वे खुद को सेफ महसूस नहीं करते और उनके अंदर असुरक्षा की भावना घर कर जाती है. इसका असर बड़े होने तक उनकी पर्सनैलिटी पर पड़ता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
    Published by:Pranaty tiwary
    First published: