चाहती हैं हैप्‍पी फैमिली तो वर्किंग वीमेन ऐसे करें बच्‍चे की परवरिश

बड़े होते बच्‍चों को समझाना आसान होता है. Image Credit:Pexels/Gustavo Fring

जॉब (Job) के साथ बच्चे की परवरिश करना आसान नहीं होता. मगर समय की कमी के बावजूद बच्‍चों (Children) की जरूरतों का ख्‍याल रखा जाना जरूरी है. ताकि बच्‍चे के साथ आपके संबंध (Relation) बेहतर बने रहें और उन्‍हें किसी तरह का मानसिक दबाव न हो.

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    आज की भागदौड़ भरी लाइफ (Life) में एक तरफ जॉब (Job) और काम का दबाव, तो दूसरी ओर घर की जिम्‍मेदारी और बच्‍चों की देखभाल. ऐसी स्थिति में सभी काम करते हुए बच्चे की परवरिश करना आसान नहीं होता. जॉब के साथ पूरा घर मैनेज करना आसान काम भी नहीं. वहीं बात जब सिंगल मदर की हो तो मुश्किलें ज्‍यादा बढ़ जाती हैं. हालांकि बड़े होते बच्‍चों के साथ यह आसानी होती है कि आप उन्‍हें समझा सकते हैं. ऐसे में कुछ बातों का ध्‍यान रख कर आप भी अपने बच्‍चे की परवरिश बेहतर तरीके से कर सकती हैं.

    सबसे पहले अपने बच्‍चे को मानसिक तौर पर तैयार करें. उसे अपने रूटीन के बारे में बताएं. स्थितियों से अवगत कराएं. वहीं जब बच्‍चे घर में अकेले हों तो किस तरह अपना ख्‍याल रखें यह भी उन्‍हें समझाना जरूरी होता है.

    संपर्क के साधन जरूरी
    आप घर पर बच्‍चे को अकेला छोड़ कर जा रही हैं, तो इस बात का ध्‍यान रखें कि उसके पास मोबाइल या घर में फोन जरूर हो. ताकि जरूरत पड़ने पर वह आपसे संपर्क कर सके. वहीं ऑफिस जाने से पहले उसका फोन फुल चार्ज जरूर कर दें.

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    बच्‍चे की पसंद का रखें ख्‍याल
    सुबह की भागम-भाग में कुछ भूल न जाएं इसलिए रात को सोने से पहले सुबह क्‍या बनाना है, यह तय कर लें. ताकि जब सुबह आपको किचन संभालना हो या आपकी मेड आए तो क्‍या बनना है यह सोचने में समय खराब न हो. साथ ही बच्‍चे की पसंद का पूरा ख्‍याल रखें. ताकि आपके काम की वजह से बच्‍चे का खान पान प्रभावित न हो.

    नहीं करेगा अकेलापन महसूस
    अपने परिवार के साथ अच्‍छे संबंध बनाए रखें, ताकि जब आपके पास समय न हो तो बच्‍चे के स्‍कूल में पैरेंट्स मीटिंग आदि होने पर वह जा सकें. इससे बच्‍चे का आत्‍मविश्‍वास बना रहेगा और वह खुशी महसूस करेगा. साथ ही उसे अकेलापन महसूस नहीं होगा.

    कुछ बातें बच्‍चे को जरूर सिखाएं
    बच्‍चे अपने बड़ों से सीखते हैं. खासकर अपने पैरेंट्स से. इसलिए अपनी दिनचर्या ऐसी बनाएं कि आपका बच्‍चा आपको जो भी करते देखे उसे जीवन में उतारे. जैसे आप अगर रोज व्‍यायाम करते हैं, तो बच्‍चे में भी यह आदत आएगी और सेहत के लिए यह आदत बहुत जरूरी है. आपके रूटीन से वह काफी कुछ सीखेगा.

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    बनाएं दोस्‍ती का रिश्‍ता
    उससे उसके दोस्‍तों की बात करें. उनके बारे में जानकारी लें. इससे बच्‍चे को लगेगा कि आप उसमें रुचि ले रहे हैं. आपको उसका पूरा ख्‍याल है. आपके पास भले ही समय कम हो, मगर जितना वक्‍त भी बिताएं वह पूरा आपके बच्‍चे का ही होना चाहिए.