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स्कूल जाने से घबराता है बच्चा तो कहीं इसकी वजह बुलिंग तो नहीं? यहां जानें

स्कूल जाने से घबराता है बच्चा तो कहीं इसकी वजह बुलिंग तो नहीं? यहां जानें

बुलिंग के शिकार बच्चे अक्सर स्कूल जाने से कतराने लगते हैं

बुलिंग के शिकार बच्चे अक्सर स्कूल जाने से कतराने लगते हैं

Parenting Tips: आमतौर पर बच्चे सारी बात पेरेंट्स से शेयर करते हैं. लेकिन ज्यादातर बच्चे बुलिंग (Bullying) जैसी कुछ घटनाएं बड़ों को बताने में असहज महसूस करते हैं. हालांकि, इसका असर उनके व्यवहार पर साफ देखा जा सकता है. बावजूद इसके कुछ माता-पिता इस परिवर्तन (Change) के नजरअंदाज कर देते हैं. मगर, ये काफी गंभीर समस्या होती है. इसलिए बच्चों में बुलिंग के लक्षण दिखने पर उन्हें अपना पूरा सपोर्ट दें. साथ ही उनका आत्मविश्वास (Self-confidence) वापस लाने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है.

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How to deal with school bullying बचपन में ज्यादातर बच्चे हर छोटी-बड़ी बात माता-पिता से शेयर करते हैं. लेकिन उम्र बढ़ने के साथ बच्चे (Children) काफी कुछ छुपाने लगते हैं और कुछ बातों को पेरेंट्स के साथ साझा करने में हिचकिचाते हैं. बुलिंग (Bullying) की घटना भी इन्हीं में से एक है. जिसके कारण बच्चों के व्यवहार में खासा परिवर्तन (Behavior Change) देखने को मिलने लगता है.

बता दें, स्कूल में बच्चों के साथ लड़ाई-झगड़े, मारपीट या फिर किसी सीनियर द्वारा परेशान करने को बुलिंग (Bullying) कहते हैं. इसके अलावा बच्चों को अलग-अलग नामों से चिढ़ाना, उन पर चुटकुले बनाना और उनका मजाक उड़ाना भी बुलिंग की श्रेणी में आता है. ऐसे में बच्चे डरे सहमे रहने लगते हैं और उनका आत्मविश्वास काफी कम हो जाता है.

क्या होते हैं बुलिंग के लक्षण

अगर आपको शक है कि आपका बच्चा भी स्कूल में बुलिंग का शिकार हो रहा है. तो कुछ लक्षणों पर गौर करके आप इसकी सच्चाई का पता लगा सकते हैं. बुलिंग के शिकार बच्चों के व्यवहार में अचानक परिवर्तन आने लगता है. साथ ही अनिद्रा, खाना न खाना, स्कूल न जाने की जिद्द करना, डरा-सहमा रहना, खेल और पढ़ाई में मन न लगना जैसी चीजें बुलिंग के लक्षण होतीं हैं. हालांकि कुछ बातों पर गौर कर आप अपने बच्चे को बुलिंग से बचा सकते हैं.

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स्कूल स्टॉफ से करें संपर्क

अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा बुलिंग का शिकार है. तो बिना देर किए सबसे पहले स्कूल के टीचर्स और बाकी स्टॉफ को इस बात से अवगत कराएं और क्लास के टीचर्स के साथ मिलकर समस्या का हल निकालें.

बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाएं

कई बार बच्चों में बुलिंग के चलते आत्मविश्वास की कमी देखने को मिलने लगती है. ऐसे में बच्चों को हेल्दी डाइट देने के साथ-साथ उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखने के लिए शतरंज, डांस, मार्शल आर्ट जैसी चीजें सिखायें. इससे उनके आत्मविश्वास में इजाफा होगा.

बच्चों को दें ट्रेनिंग

जरूरी नहीं है कि अगर आपका बच्चा बुलिंग का शिकार हो तभी उसकी सुरक्षा करें. बच्चों को पहले से बुलिंग जैसी घटनाओं से अवगत कराएं और उन्हें गुस्से पर नियंत्रण रखना भी सिखायें. जिससे अगर कभी उनके साथ बुलिंग हो तो बच्चे टीचर्स और पेरेंट्स से बताने में सहज महसूस करें.

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न करें स्कूल जाने की जिद

बुलिंग के शिकार बच्चे अक्सर स्कूल जाने से कतराने लगते हैं और स्कूल न जाने की जिद् करते हैं. अगर आप जानते हैं कि आपका बच्चा बुलिंग का शिकार है, तो उसे स्कूल जाने के लिए मजबूर न करें. ऐसे में बच्चे को कहीं बाहर घूमाने ले जा सकते हैं. साथ ही कुछ दिनों तक आप खुद बच्चों को तय समय पर स्कूल छोड़ने और लेने जाएं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Child Care, Lifestyle, Parenting

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