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Parenting: कम उम्र के बच्चे जब सबके सामने करें आपत्तिजनक सवाल, तो ऐसे संभालें बात

Parenting: कम उम्र के बच्चे जब सबके सामने करें आपत्तिजनक सवाल, तो ऐसे संभालें बात

भारत में पैरेंट्स बच्चों से सेक्स या टैबू टॉपिक्स पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं. (Image : shutterstock)

भारत में पैरेंट्स बच्चों से सेक्स या टैबू टॉपिक्स पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं. (Image : shutterstock)

Parenting: भारत में पैरेंट्स बच्चों से सेक्स या टैबू टॉपिक्स पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं जिसके कारण बच्चों को भी पता नहीं होता कहां, कब और क्या पूछना चाहिए. हालांकि इन सब बातों की एक उम्र होती है जिसमें आपको खुलकर बात करनी चाहिए. इस बात में कोई बुराई नहीं है कि आप ही अपने बच्चों से खुलकर बात करें क्योंकि इंटरनेट और मोबाइल बच्चों की आम पहुंच हो गया है जिसके दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं.

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Parenting: हमने या हमारे परिजनों ने कभी न कभी ये अनुभव किया होगा कि अपनी शादी की एलबम (Album) देखते वक्त अक्सर हमारे बच्चे सावल (objectionable questions) पूछते हैं कि मैं क्यों नहीं था आपकी शादी में? तब हम उस बात को मज़ाक में ले लेते हैं और उस पर बहुत हंसते हैं. ये तो बात हुई मज़ाक वाली. लेकिन कभी कभी बच्चे मेहमानों (Guest) के सामने या घर के बुज़ुर्गों के सामने ऐसे सवाल कर लेते हैं जिसको सुनकर हम समझ नहीं पाते, क्या जवाब दें या फिर कैसे इस स्थिति से निपटें? इसको लेकर आपको ज्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है. यह एक आम बात है जो हर व्यक्ति को कभी न कभी फेस करनी पड़ती है. इसके लिए कुछ टिप्स फॉलो कर आप ऐसी स्थिति से आसानी से निपट सकते हैं.

बच्चों से खुलकर बातें करें
भारत में पैरेंट्स बच्चों से सेक्स या टैबू टॉपिक्स पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं. जिसके कारण बच्चों को भी पता नहीं होता कहां, कब और क्या पूछना चाहिए. हांलाकि इन सब बातों की एक उम्र होती है जिसमें आपको खुल कर बात करना चाहिए. इस बात में कोई बुराई नहीं है कि आप ही अपने बच्चों से खुलकर बात करें. क्योंकि इंटरनेट और मोबाइल बच्चों की आम पहुंच हो गया है. जिसके दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं. तो अपने बच्चों से सही उम्र में ज़रूरत के हिसाब से बातें साझा करने से न हिचकिचाएं.

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दोस्त बन जाएं
बच्चा जब स्कूल जाता है या अपने पड़ोस में किसी से पहचान बनाता है तो उसके कई सारे दोस्त बन जाते हैं इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने बच्चे से दोस्ती नहीं कर सकते. बेशक आप भी अपने बच्चे के अच्छे दोस्त बन सकते हैं और उनसे बातें साझा कर सकते हैं. और उन्हे समझाइश दे सकते हैं. लेकिन हर बात पर समझाना भी ठीक नहीं होता.

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बातों ही बातों में समझाएं
बच्चों से बात करते वक्त आप उन्हें सेक्स और पीरियड्स जैसे टॉपिक पर थोड़ा थोड़ा नॉलेज दे सकते हैं. उन्हे इन सबके बारे में सही उम्र की जानकारी देना भी आपकी ही ज़िम्मेदारी है. रेप और छेड़छाड़ से जुड़ी बातें करके आप अपने बच्चे को उसके दुष्परिणाम के बारे में भी बताएं. साथ ही पॉक्सो एक्ट क्या है इस पर भी चर्चा करें.

इन सभी छोटी छोटी बातों को ध्यान में रखते हुए आप अपने बच्चे को एक संस्कारी बच्चा बना सकते हैं. ध्यान रहे कि आप बच्चों के सवाल पर उन्हें डांटे नहीं ना ही कुछ छिपाएं. बल्की सही जानकारी दें. इससे आपके और आपके बच्चे के बीच एक गहरा संबध बनेगा.

Tags: Lifestyle, Relationship

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