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बच्चों की हेल्थ के लिए क्यों जरूरी है प्रोबायोटिक्स, जानें किस उम्र में देना होगा सही

इम्‍यूनिटी बढ़ाने में सहायक प्रोबायोटिक्‍स-(Image Canva)

इम्‍यूनिटी बढ़ाने में सहायक प्रोबायोटिक्‍स-(Image Canva)

Probiotics Important For Children's Health - प्रोबायोटिक्‍स एक ऐसा बैक्‍टीरिया है जो शरीर के लिए लाभकारी है. खासकर बच्‍ ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

प्रोबायोटिक्‍स बच्‍चे को छोटी उम्र से ही दे सकते हैं.
प्रोबायोटिक्‍स डाइजेशन की कई समस्‍याओं को दूर करता है.
बच्‍चों को नियमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए.

Probiotics Important For Children’s Health – शरीर को स्‍वस्‍थ बनाने के लिए जितने जरूरी विटामिन और मिनरल होते हैं उतने ही जरूरी बैक्‍टीरिया होते हैं जो इम्‍यूनिटी डेवलप करने में मदद करते हैं. प्रोबायोटिक्‍स एक ऐसा ही बैक्‍टीरिया है जो शरीर के लिए लाभकारी है. खासकर बच्‍चों के लिए प्रोबायोटिक्‍स बेहद जरूरी हैं. कई बच्‍चे बार-बार बीमार होते हैं और उनका एनर्जी लेवल भी अन्‍य बच्‍चों की तुलना में कम होता है. ऐसे बच्‍चों को विशेष तौर पर प्रोबायोटिक्‍स का सेवन करना चाहिए. प्रोबायोटिक्‍स की मदद से बॉवल सिंड्रोम, एक्जिमा और कॉमन कोल्‍ड के लक्षणों को कम किया जा सकता है. लेकिन बच्‍चे को किस उम्र में प्रोबायोटिक्‍स देना सुरक्षित होगा ये जानना बेहद जरूरी है. चलिए जानते हैं प्रोबायोटिक बच्‍चे के लिए क्‍यों जरूरी है और इसे किस उम्र में दिया जा सकता है.

क्‍या है प्रोबायोटिक
प्रोबायोटिक शरीर में मौजूद न्‍यूट्रिएंट्स को एब्जॉर्ब करने और इंफेक्‍शन से लड़ने का काम करता है. हेल्‍थलाइन के मुताबिक कई बैक्‍टीरिया शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन कुछ बैक्‍टीरिया इम्‍यूनिटी बढ़ाने के साथ इंफेक्‍शन से लड़ने का काम करते हैं. प्रोबायोटिक्‍स गुड बैक्‍टीरिया होते हैं जो शरीर में मौजूद न्यूट्रिएंट्स को सुरक्षित रखते हैं. बीमार होने पर जब बैक्‍टीरिया शरीर पर अटैक करते हैं तब प्रोबायोटिक्‍स उन्‍हें खत्‍म करने में मदद करते हैं.

बच्‍चों को क्‍यों खाना चाहिए प्रोबायोटिक्‍स
प्रोबायोटिक्‍स के सेवन से बच्‍चे को मौसमी सर्दी-जुकाम से बचाया जा सकता है. बच्‍चों के बार-बार बीमार पड़ने की वजह से उनकी इम्‍यूनिटी काफी वीक हो जाती है. प्रोबायोटिक्‍स इम्‍यूनिटी को बूस्‍ट करने में मदद कर सकते हैं साथ ही कई बीमारियों के लक्षणों को कम करते हैं. यदि प्रेग्‍नेंट महिला या ब्रेस्‍टफीड कराने वाली महिलाएं इसका नियमित सेवन करती हैं तो बच्‍चे में एलर्जी और एक्जिमा होने का खतरा कम हो जाता है. प्रोबायोटिक्‍स डाइजेशन से जुड़ी कई समस्‍याओं जैसे उल्‍टी, दस्‍त और डायरिया से दूर रखने में मदद कर सकते हैं.

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किस उम्र में देना चाहिए प्रोबायोटिक्‍स
गर्भावस्‍था के दौरान ही मां से बच्‍चे के शरीर में कई बैक्‍टीरिया ट्रांसफर हो जाते हैं जिन्‍हें माइक्रोबायोम कहा जाता है. ये बैक्‍टीरिया शरीर को स्‍वस्‍थ बनाए रखने में मदद करते हैं. माइक्रोबायोम को सुरक्षित रखने के लिए प्रोबायोटिक्‍स की आवश्‍यकता होती है. बच्‍चों को छोटी उम्र से ही प्रोबायोटिक्‍स दिए जा सकते हैं. ये पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं. बस बच्‍चे को उसकी उम्र और जरूरत के अनुसार प्रोबायोटिक्‍स दिए जाने चाहिए.

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प्रोबायोटिक्‍स के सोर्स
–  दही
–  छाछ
–  अचार
–  फर्मेंटेड पनीर
–  चीज
–  सोया सॉस
–  फर्मेंटेड बीन्‍स

Tags: Health, Lifestyle, Parenting tips

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